नर्मदे हर सेवा न्यास की विचार गोष्ठी में हुए शामिल,कन्या पूजन बाद संतो का सम्मान
संवाददाता – श्रवण कुमार उपाध्याय
अमरकंटक – मां नर्मदा जी की उद्गम स्थली / पवित्र नगरी अमरकंटक में आयोजित कार्यक्रम में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा कि अमरकंटक से निकलने वाली मां नर्मदा नदी की परिक्रमा करना जीवन का सबसे बड़ा पुण्य है । उन्होंने कहा कि जब से सृष्टि है तब से अमरकंटक का अस्तित्व बना हुआ है और यह सदैव अमर रहेगा ।
अमरकंटक में सोमवार सोमवार 13/04/26 को मुख्यमंत्री नर्मदे हर सेवा न्यास द्वारा आयोजित “पंच परिवर्तन” विषयक विचार गोष्ठी में शामिल होने पहुंचे थे । इस अवसर पर उन्होंने कहा कि अमरकंटक वह पावन भूमि है जहां से नर्मदा के साथ-साथ सोन और जोहिला नदियों का भी उद्गम होता है । यहां आना और नर्मदा परिक्रमा करना व्यक्ति के जीवन का सौभाग्य होता है ।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार सनातन संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन के लिए निरंतर कार्य कर रही है । जन्माष्टमी , रामनवमी और गोवर्धन पूजा जैसे त्योहारों को शासन स्तर पर भी मनाया जा रहा है । उन्होंने परिवार को जीवन की मूल इकाई बताते हुए कहा कि बच्चों के व्यक्तित्व निर्माण में परिवार की अहम भूमिका होती है । परिवार के साथ बैठकर भोजन करना , बच्चों को महापुरुषों की कहानियां सुनाना और संस्कार देना आवश्यक है । साथ ही उन्होंने कहा कि भारत की परंपरा सदैव प्रकृति संरक्षण की रही है ।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने दिवंगत भाजपा नेता भगवत शरण माथुर को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके सामाजिक और संगठनात्मक योगदान को याद किया । उन्होंने कहा कि उनके कार्यकाल में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रति समाज के सभी वर्गों में सम्मान देखा जाता था ।
कार्यक्रम की शुरुआत में मुख्यमंत्री हेलिपैड से सीधे स्थल पहुंचे और मंच पर स्व. भगवत शरण माथुर की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की । इसके बाद उन्होंने कन्या पूजन किया तत्पश्चात अमरकंटक के अनेक आश्रमों से पधारे संतों का सम्मान किया गया ।
कार्यक्रम को पूर्व विधायक एवं कोल विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष रामलाल रौतेल ने संबोधित करते हुए नर्मदे हर सेवा न्यास के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला । उन्होंने न्यास में प्रशिक्षण केंद्र , शैक्षणिक व आध्यात्मिक विकास के लिए भवन निर्माण , गौशाला और बाउंड्री वाल निर्माण की मांग रखी । साथ ही नगर परिषद बरगवां अमलाई का नाम बदलकर बरगवां अमलाई देवहरा करने का प्रस्ताव भी रखा ।
इसके अतिरिक्त कुटीर एवं ग्रामोद्योग मंत्री दिलीप जायसवाल ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया ।


















































