अमरकंटक में छात्राओं को सिखाए आत्मरक्षा के गुर , पर्यटन से रोजगार के अवसरों पर मंथन

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  • सुरक्षित पर्यटन परियोजना के तहत जन पैरवी कार्यक्रम आयोजित , टूरिस्ट गाइड , स्ट्रीट फूड और ई-रिक्शा संचालन से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने पर जोर

संवाददाता – श्रवण कुमार उपाध्याय

अमरकंटक – मां नर्मदा की उद्गम स्थली / पवित्र नगरी अमरकंटक स्थित पीएम श्री शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड की महिलाओं हेतु सुरक्षित पर्यटन स्थल परियोजना के अंतर्गत ‘सुरक्षा, सेवा और संकल्प’ विषय पर जन पैरवी कार्यक्रम आयोजित किया गया । इंडियन ग्रामीण सर्विसेज (आईजीएस) द्वारा आयोजित कार्यक्रम में कक्षा सातवीं से बारहवीं तक की छात्राओं को आत्मरक्षा , महिला सुरक्षा और स्वरोजगार के अवसरों की जानकारी दी गई । कार्यक्रम में करीब 100 छात्राओं ने सहभागिता की ।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वरिष्ठ शिक्षक जितेंद्र तिवारी तथा विशिष्ट अतिथि कन्या क्रीड़ा परिसर की अधीक्षिका एवं क्रीड़ा प्रभारी संगीता दीन रहीं । आईजीएस के शहडोल क्लस्टर समन्वयक सुशील कुमार पांडेय ने परियोजना की जानकारी दी जबकि आत्मरक्षा प्रशिक्षिका रुपाली जायसवाल ने आत्मरक्षा प्रशिक्षण के महत्व पर प्रकाश डाला ।

  • आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ें छात्राएं – जितेंद्र तिवारी

मुख्य अतिथि जितेंद्र तिवारी ने कहा कि छात्राओं को झिझक और भय छोड़कर आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ना चाहिए । शिक्षा , कौशल विकास और आत्मनिर्भरता के माध्यम से महिलाएं अपने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के साथ क्षेत्र के विकास में भी योगदान दे सकती हैं ।
विशिष्ट अतिथि संगीता दीन ने महिलाओं के प्रति हिंसा और उत्पीड़न का शुरुआती स्तर पर विरोध करने तथा अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने की अपील की । उन्होंने छात्राओं को संकट की स्थिति में हेल्पलाइन और उचित सहायता लेने के लिए प्रेरित किया ।

  • पर्यटन से जुड़कर महिलाएं बन सकती हैं आत्मनिर्भर

सुशील कुमार पांडेय ने बताया कि मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड की यह परियोजना प्रदेश के 50 पर्यटन स्थलों पर 20 क्लस्टर के माध्यम से संचालित है । इसका उद्देश्य महिला पर्यटकों के लिए सुरक्षित वातावरण तैयार करने के साथ स्थानीय महिलाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार से जोड़ना है ।
उन्होंने बताया कि अमरकंटक में महिलाओं को टूरिस्ट गाइड , टूरिस्ट फैसिलिटेटर , स्ट्रीट फूड वेंडर , हाउसकीपिंग , कुकिंग , फ्रंट ऑफिस प्रबंधन , ई-रिक्शा संचालन , बैग सिलाई और कृत्रिम आभूषण निर्माण जैसे कार्यों का प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर बनाने की पहल की जा रही है । महिलाओं को संगठित करने के लिए नर्मदांचल महिला पर्यटक सेवा प्रदाता संघ का भी गठन किया गया है ।

  • महिला टूरिस्ट गाइड और स्थानीय उत्पादों से बढ़ेंगे रोजगार

वरिष्ठ समाजसेवी एवं पत्रकार धनंजय तिवारी ने कहा कि अमरकंटक में वर्षभर पर्यटकों का आगमन होता है । ऐसे में प्रशिक्षित महिलाएं टूरिस्ट गाइड बनकर रोजगार प्राप्त कर सकती हैं । स्थानीय खाद्य पदार्थों , नारियल व मावा के लड्डू तथा प्रसाद निर्माण और बिक्री को भी व्यवस्थित रूप देकर महिलाओं के लिए स्वरोजगार के अवसर विकसित किए जा सकते हैं ।

वहीं वर्ष 2010 से पर्यटन मार्गदर्शन के कार्य में जुड़े टूरिस्ट गाइड अश्विनी दुबे ने कहा कि उचित प्रशिक्षण मिलने पर महिलाएं भी पर्यटकों को अमरकंटक के धार्मिक , प्राकृतिक और ऐतिहासिक स्थलों की जानकारी देकर आजीविका अर्जित कर सकती हैं ।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि आत्मरक्षा , शिक्षा और कौशल प्रशिक्षण के समन्वय से महिलाओं को सुरक्षित एवं आत्मनिर्भर बनाया जा सकता है । पर्यटन गतिविधियों में उनकी भागीदारी बढ़ने से अमरकंटक को सुरक्षित और महिला अनुकूल पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने में भी मदद मिलेगी ।

इस अवसर पर सुनीता मुराली , निधि दुबे , कुसुम बांधव , अनुसुइया पनारिया , आरती यादव , पत्रकार सोमू दुबे , नर्मदांचल फेडरेशन के पदाधिकारी , शिक्षिकाएं एवं अन्य गणमान्यजन सहित करीब 90 लोगों की सहभागिता रही ।

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