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सीधी। जिले के मझौली थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम परशिली ताला टोला की रहने वाली निताशा सिंह ने अपने पति पर गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस अधीक्षक को स्टांप पर लिखित शिकायत सौंपकर कहा है कि उनके द्वारा चतुर्वेदी परिवार पर दर्ज कराया गया एससी/एसटी एक्ट का मामला पूरी तरह फर्जी है। नाबालिक बेटी कक्षा 12 की परीक्षा दे रही है लगातार अपने पिता को माना करती है की आप घर में विवाद ना करें क्योंकि मेरी पढ़ाई नुकसान हो रही है इसके बाद भी पिता बेटी सहित पत्नी पर अत्याचार कर रहा है
पीड़िता निताशा सिंह ने पत्रकारों को बताया कि वह मजदूरी कर अपने बच्चों का पालन-पोषण करती हैं। उनके अनुसार उनके पति सुमंत सिंह गौड़ शराब के आदी हैं और आए दिन शराब के लिए पैसे की मांग करते हैं। पैसे न देने पर वे मारपीट, गाली-गलौज और महिला उत्पीड़न करते हैं।
निताशा ने बताया कि वह ठेकेदारी कार्य करने वाले मार्तण्ड प्रसाद चतुर्वेदी (निवासी चुवाही) के अधीन मजदूरी का काम करती हैं। दिनांक 20 फरवरी 2026 को जब वह अन्य मजदूरों के साथ काम से घर लौटीं तो उनके पति शराब के नशे में धुत होकर घर के बाहर हंगामा कर रहे थे और उनकी नाबालिग पुत्री के साथ भी अभद्र व्यवहार कर रहे थे।
उन्होंने बताया कि मौके पर मौजूद मार्तण्ड चतुर्वेदी ने उनके पति को समझाने का प्रयास किया, लेकिन पति के अभद्र व्यवहार के चलते वे वहां से चले गए। इसके बाद देर रात तक पति द्वारा गाली-गलौज, मारपीट की कोशिश और जान से मारने की धमकी दी जाती रही। भयभीत होकर निताशा अपनी नाबालिग पुत्री और पुत्र को लेकर रात में ही स्कूटी से ग्राम बड़ौस स्थित अपने जेठ के घर शरण लेने पहुंचीं।
पीड़िता का आरोप है कि अब उनके पति ने बदले की भावना से मार्तण्ड चतुर्वेदी एवं उनके परिवार के खिलाफ एससी/एसटी एक्ट के तहत झूठा मामला दर्ज कराया है। पत्नी और पुत्री ने संयुक्त रूप से स्टांप पर शपथपत्र देकर पुलिस अधीक्षक से निष्पक्ष जांच की मांग की है।
मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चा का माहौल है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह कानून के दुरुपयोग का गंभीर मामला हो सकता है। फिलहाल पुलिस द्वारा शिकायत की जांच की जा रही है।















































