पति की लंबी उम्र के लिए करवा चौथ का व्रत रखेंगी सुहागिनें, बाजारों में बढ़ी रौनक
साड़ी, लहंगा, आभूषण और शृंगार सामग्री की खरीदारी में जुटीं महिलाएं, पहली बार व्रत रखने वाली महिलाओं में भी खासा उत्साह
रिपोर्टर – भरत मिश्रा, कोतमा
कोतमा। पति की लंबी उम्र, सुख-समृद्धि और अखंड सौभाग्य की कामना को लेकर सुहागिन महिलाएं करवा चौथ व्रत की तैयारियों में जुट गई हैं। कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि पर मनाए जाने वाले इस पर्व को लेकर महिलाओं में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। व्रत से पहले ही बाजारों में रौनक बढ़ने लगी है। महिलाएं साड़ी, लहंगा, नई ड्रेस, आभूषण, मेहंदी और शृंगार सामग्री की खरीदारी कर रही हैं। करवा चौथ को लेकर घरों में भी तैयारियां शुरू हो गई हैं।
सनातन धर्म में करवा चौथ का विशेष धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व माना जाता है। इस दिन सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना करते हुए दिनभर निर्जला उपवास रखती हैं। शाम को विधि-विधान से पूजा-अर्चना करने के बाद चंद्रमा के दर्शन और पूजा की जाती है। इसके बाद पति के हाथों जल ग्रहण कर व्रत का पारण किया जाता है। इस अवसर पर महिलाएं माता पार्वती, भगवान शिव और पूरे शिव परिवार की आराधना करती हैं। कुछ स्थानों पर अविवाहित युवतियां भी मनचाहा जीवनसाथी पाने की कामना से यह व्रत रखती हैं।
पहली बार व्रत रखने वाली महिलाओं में विशेष उत्साह
करवा चौथ को लेकर उन महिलाओं में विशेष उत्साह है, जो पहली बार यह व्रत रखने जा रही हैं। उनके लिए यह पर्व धार्मिक आस्था के साथ वैवाहिक जीवन की एक यादगार शुरुआत से भी जुड़ा है। महिलाएं अपने पहले करवा चौथ को खास बनाने के लिए पारंपरिक परिधान, आभूषण और शृंगार की तैयारियों में जुटी हैं।
पति की दीर्घायु के लिए रखेंगी पहला करवा चौथ व्रत
रागनी नामदेव इस वर्ष पहली बार करवा चौथ का व्रत रखने जा रही हैं। उन्होंने बताया कि पहले करवा चौथ को लेकर वह काफी उत्साहित हैं और इसकी तैयारियां भी शुरू कर दी हैं। पति की दीर्घायु की कामना के साथ वह दिनभर निर्जला उपवास रखेंगी। इसके लिए उन्होंने शृंगार सामग्री और नए आभूषणों की खरीदारी की है। व्रत के दिन हाथों में मेहंदी लगवाने और ब्यूटी पार्लर जाकर तैयार होने की भी योजना है। शाम को चंद्रमा की पूजा के बाद पति के हाथों से व्रत का पारण करेंगी।
सालभर रहता है करवा चौथ का इंतजार
सोनाक्षी श्रीवास्तव का कहना है कि करवा चौथ उनके लिए आस्था और उत्साह से जुड़ा विशेष पर्व है। वह इस दिन का सालभर इंतजार करती हैं। पति की लंबी उम्र और अखंड सौभाग्य की कामना के साथ इस बार भी 29 अक्टूबर को व्रत रखेंगी। उन्होंने बताया कि व्रत की तैयारियां शुरू कर दी हैं और बाजार से करवा, छलनी सहित पूजा में उपयोग होने वाली अन्य सामग्रियों की खरीदारी कर रही हैं। पर्व के दिन पारंपरिक शृंगार कर पूजा-अर्चना करेंगी।
सोलह शृंगार के साथ करेंगी पूजा-अर्चना
डॉ. संगीता प्रजापति भी करवा चौथ व्रत को लेकर तैयारियों में जुटी हैं। उन्होंने बताया कि अखंड सौभाग्य की कामना से वह हर वर्ष यह व्रत रखती हैं। इस बार भी पूजा सामग्री, नई साड़ी और आभूषणों की खरीदारी कर ली है। करवा चौथ के दिन सोलह शृंगार करने और हाथों में मेहंदी लगाने की तैयारी है। खास अवसर पर आकर्षक रूप में तैयार होने के लिए उन्होंने ब्यूटी पार्लर में भी बुकिंग कराई है। उनके अनुसार, करवा चौथ केवल व्रत नहीं, बल्कि पति-पत्नी के बीच प्रेम, विश्वास और समर्पण की भावना को व्यक्त करने वाला पर्व भी है।
एक सप्ताह पहले से शुरू कर दी तैयारी
दीपिका मिश्रा भी करवा चौथ को लेकर काफी उत्साहित हैं। उन्होंने बताया कि वह करीब एक सप्ताह पहले से ही पर्व की तैयारियों में जुट गई थीं। इसके लिए बाजार से साड़ी, लहंगा और मंगलसूत्र सहित जरूरी सामान की खरीदारी कर ली है। पति की दीर्घायु की कामना के साथ वह दिनभर निर्जला उपवास रखेंगी। हाथों में मेहंदी लगाने और सोलह शृंगार करने के बाद शाम को विधि-विधान से पूजा करेंगी। चंद्रमा के दर्शन और पूजा के बाद पति के हाथों से व्रत का पारण करेंगी।
बाजारों में बढ़ी चहल-पहल
करवा चौथ के नजदीक आते ही कोतमा के बाजारों में महिलाओं की आवाजाही बढ़ने लगी है। साड़ी, लहंगा, नई ड्रेस, मंगलसूत्र, चूड़ियां, बिछिया, मेहंदी और अन्य शृंगार सामग्री की दुकानों पर खरीदारी का माहौल है। महिलाएं पर्व के लिए अपनी पसंद के परिधान और आभूषण चुन रही हैं। वहीं, पूजा में उपयोग होने वाले करवा, छलनी और अन्य सामग्री की भी खरीदारी की जा रही है।
करवा चौथ का पर्व महिलाओं के लिए धार्मिक आस्था, पारिवारिक परंपरा और वैवाहिक प्रेम का प्रतीक है। इसी कारण महिलाएं इस दिन को खास बनाने के लिए पहले से ही तैयारियां कर रही हैं। बाजारों में बढ़ती चहल-पहल से पर्व की रौनक साफ दिखाई देने लगी है।







































































