सीएमडी बीसीसीएल श्री मनोज कुमार अग्रवाल ने आज पुटकी-बलिहारी (पीबी) क्षेत्र का दौरा कर केंदुआडीह फायर पैच, पैच-IV एवं एकड़ा जोर का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने खनन कार्यों की प्रगति, डिस्पैच प्रदर्शन तथा परिचालन संबंधी व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने खनन कार्यों में दक्षता बढ़ाने, उत्पादकता में सुधार लाने तथा निर्धारित कार्यों को सुचारु रूप से संपन्न करने पर विशेष जोर दिया।
निरीक्षण के दौरान सीएमडी ने पैच के विस्तार एवं खनन कार्यों की प्रगति में बाधा उत्पन्न करने वाले अवरोधों को शीघ्र दूर करने के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को परिचालन संबंधी चुनौतियों के त्वरित समाधान तथा कार्यों में अनावश्यक विलंब को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाने को कहा। इस अवसर पर हेवी अर्थ मूविंग मशीनरी (एचईएमएम) से जुड़े प्रतिनिधियों के साथ भी चर्चा की गई, जिसमें खनन कार्यों के दौरान आने वाली व्यावहारिक समस्याओं तथा उनके समाधान के उपायों पर विचार-विमर्श हुआ।
सीएमडी ने एमडीओ (माइन डेवलपर-कम-ऑपरेटर) परिचालन के अंतर्गत पंपिंग व्यवस्था एवं उससे संबंधित विद्युत अवसंरचना की भी समीक्षा की। उन्होंने खनन कार्यों के निर्बाध संचालन के लिए पंपिंग प्रणालियों की विश्वसनीयता, दक्षता तथा संबंधित विद्युत व्यवस्थाओं के सुचारु संचालन के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने परिचालन एवं तकनीकी टीमों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने की आवश्यकता पर भी बल दिया।
इस अवसर पर सीएमडी ने कहा कि कंपनी की परिचालन दक्षता में निरंतर सुधार, खनन कार्यों में आने वाली बाधाओं का समयबद्ध निराकरण तथा उत्पादन एवं डिस्पैच प्रदर्शन को बेहतर बनाना कंपनी की प्राथमिकताओं में शामिल है और इसके लिए सभी संबंधित विभागों एवं परिचालन टीमों के बीच प्रभावी समन्वय, तकनीकी समस्याओं का त्वरित समाधान और उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करना आवश्यक है। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों एवं विभागों को निर्देशित किया कि वे आपसी तालमेल के साथ कार्य करते हुए परिचालन संबंधी चुनौतियों का शीघ्र समाधान करें, ताकि खनन गतिविधियों का सुचारु संचालन सुनिश्चित किया जा सके।
यह निरीक्षण बीसीसीएल की परिचालन दक्षता में निरंतर सुधार, उत्पादन एवं डिस्पैच प्रदर्शन को बेहतर बनाने, कार्यों की प्रगति में आने वाली बाधाओं के समयबद्ध निराकरण तथा खनन गतिविधियों के सुचारु संचालन के प्रति कंपनी की प्रतिबद्धता का परिचायक रहा।
इस दौरे के दौरान क्षेत्र के महाप्रबंधक, अपर महाप्रबंधक, परियोजना पदाधिकारी, संबंधित प्रबंधक, मुख्यालय के महाप्रबंधक (ईएंडएम) तथा योजना एवं परियोजना (पीएंडपी) विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।