बीसीसीएल द्वारा प्रायोजन सहायता से धनबाद की खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करने का मिला अवसर; सीएमडी श्री मनोज कुमार अग्रवाल ने दी बधाई।
उज्बेकिस्तान की राजधानी ताशकंद में 13 से 18 अक्टूबर, 2026 तक आयोजित वाको किकबॉक्सिंग वर्ल्ड कप-2026 में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए कांस्य पदक जीतने वाली धनबाद की जुड़वां बहनों, सुश्री मनदीप कौर एवं सुश्री राजदीप कौर ने आज कोयला भवन मुख्यालय में सीएमडी बीसीसीएल, श्री मनोज कुमार अग्रवाल से शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर दोनों खिलाड़ियों ने प्रतियोगिता के अनुभव साझा किए तथा बीसीसीएल द्वारा प्रदान की गई प्रायोजन सहायता के लिए सीएमडी एवं बीसीसीएल के प्रति अपना आभार व्यक्त किया।
सीएमडी श्री अग्रवाल ने दोनों खिलाड़ियों को बधाई देते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व कर पदक जीतना गौरवपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने दोनों खिलाड़ियों को निरंतर अभ्यास, आत्मविश्वास एवं खेल भावना के साथ आगे बढ़ने तथा आगामी प्रतियोगिताओं में नई उपलब्धियां हासिल करने के लिए अपनी शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि बीसीसीएल भविष्य में भी प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने तथा उन्हें आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत रहेगा।
सुश्री मनदीप एवं राजदीप कौर ने बीसीसीएल तथा सीएमडी श्री मनोज अग्रवाल के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि संस्थान द्वारा प्रदान की गई प्रायोजन सहायता उनके लिए बेहद महत्वपूर्ण रही। इस सहयोग से उन्हें विश्व कप जैसी प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व करने का अवसर मिला। दोनों बहनों ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतना उनके लिए गर्व का क्षण है और इससे उनका आत्मविश्वास बढ़ा है। उन्होंने भविष्य की प्रतियोगिताओं में और बेहतर प्रदर्शन करने तथा देश और झारखंड का नाम रोशन करने का संकल्प व्यक्त किया।
विदित हो कि धनबाद जिले के चिरकुंडा थाना क्षेत्र के नेहरू रोड की निवासी दोनों बहनों ने प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए अपने-अपने वर्ग में कांस्य पदक हासिल किया है। दोनों बहनों की यह उपलब्धि झारखंड और धनबाद के खेल जगत के लिए गौरव का विषय है। दोनों खिलाड़ियों की प्रतिभा एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए मिले अवसर को देखते हुए बीसीसीएल द्वारा उन्हें प्रायोजन सहायता प्रदान की गई थी। इस सहयोग से उन्हें विश्व कप में भाग लेने तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी खेल प्रतिभा का प्रदर्शन करने में सहायता मिली। सीमित संसाधनों वाले परिवार से आने वाली कोयलांचल की इन दोनों बहनों की उपलब्धि इस बात का प्रेरक उदाहरण है कि दृढ़ इच्छाशक्ति, निरंतर अभ्यास और उचित सहयोग के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय खेल मंच पर भी सफलता प्राप्त की जा सकती है।
बीसीसीएल अपनी सामाजिक पहलों के माध्यम से खेल एवं युवा प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने तथा उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी क्षमता प्रदर्शित करने के अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत है। कौर बहनों की सफलता इस दिशा में संस्थान के सहयोग और युवा प्रतिभाओं की उपलब्धियों का प्रेरक उदाहरण है।






































































