कोरिया साहित्य महोत्सव ‘कोसम’ के चौथे संस्करण में जुटेंगे देश-प्रदेश के साहित्यकार, कवि और कलाकार, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल करेंगे शुभारंभ
दिल्ली से छत्तीसगढ़ तक के कवियों का होगा जमावड़ा, छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग के अध्यक्ष प्रभात मिश्रा भी होंगे शामिल; दोनों दिन शाम 3 से रात 10 बजे तक चलेंगे कार्यक्रम
बैकुण्ठपुर। साहित्य, कला और संस्कृति की विविध रंगों से सजी महफिल का साक्षी बनने के लिये कोरिया जिला एक बार फिर तैयार है। बैकुण्ठपुर स्थित झुमका ओपन थिएटर में 24 और 25 अक्टूबर को दो दिवसीय कोरिया साहित्य महोत्सव ‘कोसम’ के चौथे संस्करण का आयोजन किया जायेगा। इस महोत्सव में देश और प्रदेश के प्रतिष्ठित साहित्यकारों, विद्वानों, कवियों, कलाकारों तथा संस्कृतिकर्मियों का जमावड़ा लगेगा। आयोजन की तैयारियां अंतिम चरण में हैं और आयोजक टीम अभिव्यक्ति कार्यक्रम को यादगार बनाने में जुटी हुई है।
लगातार चौथे वर्ष आयोजित हो रहा यह महोत्सव जिले में साहित्यिक गतिविधियों को नई पहचान देने के साथ स्थानीय प्रतिभाओं को मंच प्रदान करने का माध्यम बन रहा है। इस बार भी आयोजन में स्थापित रचनाकारों के साथ उभरती प्रतिभाओं को अपनी कला और विचार प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा। साहित्यिक परिचर्चाओं, कवि सम्मेलन, शास्त्रीय प्रस्तुतियों और लोककला के रंगों से सजा यह आयोजन साहित्यप्रेमियों के लिये विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगा।
मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल करेंगे शुभारंभ
कोसम के पहले दिन प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। कार्यक्रम में विधायक भइयालाल राजवाड़े सहित जिला पंचायत अध्यक्ष मोहित पैकरा और अन्य जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति भी प्रस्तावित है। दूसरे दिन छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग के अध्यक्ष प्रभात मिश्रा मुख्य अतिथि के रूप में महोत्सव की शोभा बढ़ाएंगे। आयोजन के दौरान साहित्य और संस्कृति के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले व्यक्तित्वों और रचनाकारों को सम्मानित भी किया जायेगा।
साहित्यिक विमर्श के साथ समसामयिक विषयों पर होगी चर्चा
महोत्सव में केवल काव्य और मनोरंजन ही नहीं बल्कि समाज से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर वैचारिक संवाद भी होगा। पहले दिन साइबर अपराधों के बढ़ते मामलों, उनसे बचाव और सुरक्षा के उपायों पर विशेषज्ञ अपने विचार साझा करेंगे। इसके साथ शासन के विभिन्न विभागों से जुड़े अधिकारियों की सहभागिता वाले परिचर्चा सत्र भी प्रस्तावित हैं।
दूसरे दिन शिक्षा जगत के विद्वान साहित्य के मानकों और उसकी प्रासंगिकता पर चर्चा करेंगे। छत्तीसगढ़ की लोककला, साहित्य और सांस्कृतिक विरासत पर केंद्रित सत्रों में वरिष्ठ साहित्यकार अपने अनुभव और विचार रखेंगे। इन परिचर्चाओं के माध्यम से साहित्य की बदलती भूमिका, सामाजिक सरोकारों और क्षेत्रीय संस्कृति के संरक्षण जैसे विषयों पर सार्थक संवाद की उम्मीद है।
कविताओं की गूंज से सजेगी महफिल
कोरिया साहित्य महोत्सव का प्रमुख आकर्षण विराट कवि सम्मेलन होगा। इसमें दिल्ली, मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश सहित विभिन्न स्थानों से लगभग एक दर्जन स्थापित और चर्चित कवि शामिल होकर अपनी रचनाओं का पाठ करेंगे। इसके अलावा सरगुजा से दुर्ग संभाग तक के 70 से अधिक कवियों की सहभागिता प्रस्तावित है। अनुभवी साहित्यकारों और युवा कवियों की साझा उपस्थिति से मंच पर कविता की विविध विधाओं और विचारों का संगम देखने को मिलेगा।
शास्त्रीय प्रस्तुतियों से लोकगीतों तक बिखरेगी सांस्कृतिक छटा
साहित्यिक गतिविधियों के साथ महोत्सव में संगीत और नृत्य की प्रस्तुतियां भी होंगी। दोनों दिन शास्त्रीय नृत्य, गायन, वादन और लोकगीतों के माध्यम से भारतीय सांस्कृतिक परंपराओं की झलक प्रस्तुत की जायेगी। राष्ट्रीय स्तर के कलाकारों के साथ स्थानीय प्रतिभाओं को भी अपनी कला प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा। इससे स्थानीय कला संस्कृति को प्रोत्साहन देने के साथ नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का प्रयास किया जायेगा।
निःशुल्क प्रवेश, साहित्यप्रेमियों से सहभागिता की अपील
टीम अभिव्यक्ति ने बताया कि कोरिया साहित्य महोत्सव के दोनों दिन कार्यक्रम दोपहर तीन बजे से रात दस बजे तक आयोजित होंगे। दर्शकों और साहित्यप्रेमियों के लिये प्रवेश पूरी तरह निःशुल्क रहेगा। आयोजन को सफल बनाने में साईंनाथ फाउंडेशन रायपुर और एसईसीएल बैकुण्ठपुर क्षेत्र का सहयोग मिल रहा है।
आयोजकों ने जिलेवासियों, साहित्यप्रेमियों, विद्यार्थियों, युवा रचनाकारों और कला संस्कृति में रुचि रखने वाले लोगों से अधिकाधिक संख्या में पहुंचकर महोत्सव का हिस्सा बनने की अपील की है। कोसम का चौथा संस्करण बैकुण्ठपुर को साहित्यिक और सांस्कृतिक गतिविधियों के एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक और प्रयास माना जा रहा है।






































































