- अनूपपुर जिले को बाल श्रम से मुक्त बनाने के लिए अधिकारियों ने की चर्चा
अनूपपुर 21 अक्टूबर 2026/ कलेक्ट्रेट कार्यालय के नर्मदा सभागार में बालक एवं कुमार श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) संशोधित अधिनियम, 2016 के तहत बाल श्रम प्रथा के विरुद्ध जनजागरूकता अभियान के अंतर्गत बैठक आयोजित की गई। बैठक में अनूपपुर जिले को बाल श्रम से मुक्त बनाने के लिए आवश्यक कार्यवाही एवं जनजागरूकता के संबंध में विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में बताया गया कि अधिनियम के अंतर्गत 14 वर्ष से कम आयु के बच्चों से तथा 14 से 18 वर्ष की आयु के किशोरों से प्रतिबंधित परिस्थितियों में कार्य कराया जाना बाल श्रम की श्रेणी में आता है। जिले में बाल श्रम की संभावनाओं को देखते हुए रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, सार्वजनिक स्थल, होटल एवं ढाबे, ईंट-भट्ठे, निर्माण स्थल तथा टायर-पंचर की दुकानों सहित अन्य स्थानों पर विशेष निगरानी की आवश्यकता बताई गई।
बैठक में स्कूलों में अध्ययनरत ऐसे बच्चों पर भी विशेष ध्यान देने की बात कही गई, जो विद्यालय के प्रधानाचार्य अथवा प्रधानाध्यापक को सूचित किए बिना लगातार 30 दिन से अधिक समय तक विद्यालय से अनुपस्थित रहते हैं। ऐसे बच्चों के बाल श्रम में संलिप्त होने की संभावना को देखते हुए संबंधित विभागों द्वारा आवश्यक जांच एवं कार्यवाही किए जाने पर जोर दिया गया। जिला श्रम पदाधिकारी श्री अनुव्रत उपाध्याय ने उपस्थित अधिकारियों को बाल श्रम से संबंधित शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया की जानकारी देते हुए बताया कि बाल श्रमिकों के संबंध में शिकायत नजदीकी पुलिस थाने, जिला श्रम कार्यालय, जिला मजिस्ट्रेट के अधीन जिला कार्यालय तथा पेंसिल पोर्टल के माध्यम से की जा सकती है। उन्होंने शिकायत में आवश्यक तथ्यों का स्पष्ट उल्लेख करने की जानकारी भी दी।
बैठक में बाल श्रमिकों के सामाजिक पुनर्वास, शैक्षणिक पुनर्वास एवं आर्थिक पुनर्वास से संबंधित प्रावधानों, अधिनियम के तहत निर्धारित दंड तथा बाल श्रम उन्मूलन के लिए विभिन्न विभागों की भूमिका पर भी चर्चा की गई। अधिकारियों ने बाल श्रम की रोकथाम के लिए प्रभावी समन्वय, नियमित निगरानी और जनजागरूकता गतिविधियों को बढ़ावा देने के संबंध में सुझाव प्रस्तुत किए।
बैठक में सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग सुश्री सरिता नायक, जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग श्रीमती संगीता भगत, एलडीएम अनूपपुर श्री दिलीप निगम, जिला शिक्षा अधिकारी श्री तुलाराम आर्मो सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।







































































