50 से अधिक सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगालकर पुलिस ने सुलझाया चार महिलाओं की मौत का मामला, फरार पिकअप चालक की हुई पहचान
तकनीकी साक्ष्यों, डिजिटल सर्विलांस और वीडियो फुटेज के बारीकी से विश्लेषण से मिला सुराग, झारखंड निवासी चालक तक पहुंची कोरिया पुलिस
बैकुंठपुर। कोरिया जिले के पटना थाना क्षेत्र में चार महिलाओं की जान लेने वाले दर्दनाक सड़क हादसे की गुत्थी सुलझाने में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। घटना के बाद वाहन सहित फरार हुए चालक तक पहुंचने के लिये पुलिस ने आधुनिक तकनीक का सहारा लिया। घटनास्थल से लेकर बैकुंठपुर शहर और आसपास के प्रमुख मार्गों पर लगे 50 से अधिक शासकीय और निजी सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले गये। घंटों की मशक्कत, डिजिटल सर्विलांस और तकनीकी साक्ष्यों के विश्लेषण के बाद दुर्घटना में शामिल बोलेरो पिकअप और उसके चालक की पहचान कर ली गई है।
तीज नहावन से लौट रही महिलाओं के ऑटो को मारी थी टक्कर
घटना 2 अक्टूबर 2026 की शाम करीब 7:30 बजे की है। ग्राम छिंदिया निवासी अमित सिंह अपने ऑटो में ग्राम बिलारो से तीज नहावन कार्यक्रम में शामिल होकर लौट रही लगभग 14-15 महिलाओं को लेकर गृह ग्राम जा रहे थे। इसी दौरान पटना थाना क्षेत्र के ग्राम करजी तालाब के पास बैकुंठपुर की ओर से आ रहे एक अज्ञात बोलेरो पिकअप ने तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाते हुए ऑटो को जोरदार टक्कर मार दी।
टक्कर इतनी भीषण थी कि ऑटो में सवार कई महिलाएं गंभीर रूप से घायल हो गईं। सभी को तत्काल जिला अस्पताल बैकुंठपुर पहुंचाया गया जहां उपचार के दौरान चंदमती सहित चार महिलाओं की मौत हो गई। हादसे के बाद पिकअप चालक वाहन समेत मौके से फरार हो गया। इस घटना ने क्षेत्र में शोक का माहौल पैदा कर दिया वहीं फरार चालक की पहचान पुलिस के लिये बड़ी चुनौती बन गई।
रात के अंधेरे में सुराग तलाशने के लिये अपनाई आधुनिक तकनीक
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस महानिरीक्षक सरगुजा रेंज दीपक कुमार झा के मार्गदर्शन और पुलिस अधीक्षक कोरिया हरीश राठौर के निर्देशन में विशेष पुलिस एवं तकनीकी टीम गठित की गई। घटनास्थल पर वाहन की पहचान से जुड़ा कोई स्पष्ट सुराग नहीं मिलने के कारण जांच को तकनीकी साक्ष्यों पर केंद्रित किया गया।
पुलिस टीम ने करजी तालाब से बैकुंठपुर शहर, प्रमुख सड़कों, तिराहों, टोल नाकों और संभावित निकास मार्गों पर लगे 50 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग का बारीकी से परीक्षण किया। घटना के समय के अनुसार मिनट दर मिनट टाइमलाइन तैयार की गई और सैकड़ों घंटे के वीडियो फुटेज की जांच की गई। रात का अंधेरा और वाहनों की तेज रफ्तार जांच में बाधा बन रहे थे
शुरुआती फुटेज में नंबर प्लेट साफ दिखाई नहीं देने पर साइबर सेल और तकनीकी टीम ने वीडियो एनहांसमेंट टूल्स तथा फ्रेम दर फ्रेम विश्लेषण की मदद ली। वाहन की बॉडी की बनावट, विशिष्ट निशानों और लाइट पैटर्न का मिलान कर संदिग्ध पिकअप को चिन्हित किया गया।
झारखंड के चालक तक पहुंची जांच
लगातार तकनीकी विश्लेषण और उपलब्ध रिकॉर्ड के मिलान के बाद पुलिस ने दुर्घटना में शामिल बोलेरो पिकअप क्रमांक JH 03 AU 6791 की पहचान की। इसके बाद वाहन के अंतरराज्यीय रिकॉर्ड और तकनीकी लोकेशन से जुड़े तथ्यों की जांच करते हुए चालक की पहचान राजू कुमार गुप्ता निवासी ग्राम एवं थाना रमकंडा जिला गढ़वा झारखंड के रूप में की गई।
इस प्रकार प्रत्यक्ष सुरागों के अभाव में शुरू हुई जांच को पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, डिजिटल सर्विलांस और तकनीकी साक्ष्यों के जरिये आगे बढ़ाया। मामले में पुलिस द्वारा विधिसम्मत अग्रिम वैधानिक कार्यवाही की जा रही है।
पुलिस टीम की रही अहम भूमिका
इस कार्यवाही में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अभिषेक सिंह, पुलिस अनुविभागीय अधिकारी आशा सेन एवं मोहसीन खान के नेतृत्व में थाना प्रभारी पटना प्रमोद पांडे, प्रशिक्षु उप निरीक्षक आकाश सुरपाम एवं सुंदरलाल नरेटी, सहायक उप निरीक्षक इंद्रजीत सिंह, संदीप साय और प्रदीप साहू, प्रधान आरक्षक सत्येंद्र तिवारी, आरक्षक अमल कुजूर, राजेश रगड़ा एवं सजल जायसवाल तथा सैनिक विकास सिंह, अमृतानंद, राघवेंद्र पुरी एवं शिवम सिन्हा ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई
सीसीटीवी फुटेज और आधुनिक तकनीक के समन्वित उपयोग से इस मामले में वाहन और चालक की पहचान होना पुलिस की तकनीकी जांच का महत्वपूर्ण उदाहरण है हादसे में चार महिलाओं की मौत से जुड़ा यह मामला सड़क पर लापरवाही के गंभीर परिणामों को भी उजागर करता है







































































