भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (बीसीसीएल) में विशेष अभियान 6 के अंतर्गत स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण एवं सामाजिक सरोकारों से जुड़ी विविध गतिविधियों का निरंतर आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में आज वाशरी डिवीजन स्थित बाल उद्यान में ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के तहत पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम का नेतृत्व महाप्रबंधक (वाशरी डिवीजन) श्री एम. सोहेल इकबाल ने किया। इस अवसर पर विभाग के सभी अधिकारियों एवं कर्मियों ने कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए पौधारोपण किया और पर्यावरण संरक्षण, हरित आवरण में वृद्धि तथा स्वच्छ एवं निर्मल वातावरण के निर्माण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। कार्यक्रम में क्षेत्रीय प्रबंधक (मानव संसाधन), क्षेत्रीय प्रबंधक (वित्त), क्षेत्रीय प्रबंधक (असैनिक), नोडल अधिकारी (पर्यावरण), नोडल अधिकारी (विशेष अभियान 6) सहित विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष एवं कर्मी उपस्थित रहे। इसके साथ ही बीसीसीएल के अन्य क्षेत्रों एवं इकाइयों में भी विशेष अभियान 6 के अंतर्गत पौधारोपण एवं पर्यावरण संरक्षण से संबंधित विविध गतिविधियां आयोजित की गईं।
ब्लॉक-II क्षेत्र में भी विशेष अभियान 6 के अंतर्गत ठेका श्रमिकों के लिए कल्याणकारी गतिविधियों पर एक विशेष परिचर्चा कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान क्षेत्र के असैनिक एवं प्रशासन विभाग के अधिकारियों की उपस्थिति में ठेका श्रमिकों को उनके कल्याण के लिए संचालित विभिन्न योजनाओं एवं उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी विस्तारपूर्वक दी गई। इस पहल का उद्देश्य ठेका श्रमिकों को उनके कल्याण से संबंधित योजनाओं एवं सुविधाओं के प्रति जागरूक करना रहा।
उल्लेखनीय है कि विशेष अभियान 6 के तहत बीसीसीएल मुख्यालय एवं विभिन्न क्षेत्रों में ई-कचरा प्रबंधन, स्वच्छता, स्वास्थ्य जागरूकता, अभिलेख प्रबंधन, कार्यालयीन स्थान के बेहतर उपयोग, अनावश्यक सामग्री के निस्तारण, पौधारोपण एवं पर्यावरण संरक्षण से संबंधित विभिन्न गतिविधियां निरंतर संचालित की जा रही हैं। आगामी दिनों में भी विद्यालयों में स्वच्छता एवं स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम, कार्यालय एवं कॉलोनी परिसरों की साफ-सफाई, कचरा प्रबंधन, स्वस्थ जीवनशैली, कार्य-जीवन संतुलन तथा तनाव प्रबंधन से संबंधित कार्यशालाओं सहित अन्य गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। इन प्रयासों का उद्देश्य स्वच्छता, स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण एवं सामाजिक उत्तरदायित्व को दैनिक व्यवहार और संस्थागत कार्य-संस्कृति का अभिन्न हिस्सा बनाना है।






































































