अमरकंटक में राजस्थान अलवर श्रद्धालुओं द्वारा गूंज रही श्राद्ध पक्ष में शिव महिमा
शांति कुटी आश्रम में सात दिवसीय शिवमहापुराण कथा का शुभारंभ
संवाददाता / श्रवण कुमार उपाध्याय

अमरकंटक – मां नर्मदा की उद्गम स्थली / पवित्र नगरी अमरकंटक में श्राद्धपक्ष के पावन अवसर पर आध्यात्मिक आस्था और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है । नगर के शांतिकुटी आश्रम में सोमवार से सात दिवसीय शिवमहापुराण कथा ज्ञान यज्ञ का भव्य शुभारंभ हुआ । 28 सितंबर से 6 अक्टूबर तक आयोजित होने वाले इस धार्मिक आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु सहभागिता कर रहे हैं । कार्यक्रम का आयोजन श्री वेंकटेश बालाजी दिव्य धाम ट्रस्ट अलवर (राजस्थान) द्वारा किया जा रहा है ।
कथा के शुभारंभ अवसर पर शांतिकुटी आश्रम से पारंपरिक वेशभूषा में सुसज्जित श्रद्धालुओं द्वारा भव्य कलश यात्रा एवं शोभायात्रा निकाली गई । ढोल-नगाड़ों , बाजे-गाजे और “हर-हर महादेव” के जयघोष से संपूर्ण अमरकंटक भक्तिमय वातावरण में सराबोर हो उठा । शोभायात्रा में महिलाओं , युवाओं एवं वरिष्ठ श्रद्धालुओं की उत्साहपूर्ण भागीदारी रही ।
शोभायात्रा विभिन्न मार्गों से होते हुए मां नर्मदा उद्गम मंदिर पहुंची जहां श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से पूजन-अर्चन कर मां नर्मदा का आशीर्वाद प्राप्त किया । नर्मदा पूजन के पश्चात कलश यात्रा पुनः शांतिकुटी आश्रम पहुंची जहां वैदिक मंत्रोच्चार के बीच कथा का शुभारंभ किया गया । पूरे मार्ग में श्रद्धालु भजन-कीर्तन एवं धार्मिक जयघोष करते हुए चल रहे थे , जिससे नगर का वातावरण पूरी तरह शिवमय हो गया ।
आयोजन में व्यासपीठाचार्य स्वामी श्री सुदर्शनाचार्य जी महाराज अपने श्रीमुख से शिवमहापुराण कथा का रसपान करा रहे हैं । कथा के दौरान भगवान शिव की महिमा , शिवभक्ति , सनातन संस्कृति , वैदिक परंपराओं तथा आध्यात्मिक जीवन मूल्यों पर प्रकाश डाला जाएगा । श्रद्धालुओं को कथा के माध्यम से धर्म , संस्कार , सेवा , समर्पण एवं सदाचार का संदेश भी प्रदान किया जाएगा ।
इस पावन आयोजन के मुख्य यजमान शशि देवी एवं गोपाल सिंह वर्मा तथा समस्त धनेट परिवार हैं जिनके द्वारा श्रद्धाभाव से धार्मिक अनुष्ठानों का संचालन कराया जा रहा है । कथा के दौरान प्रतिदिन विशेष पूजन , आरती , भजन-कीर्तन एवं धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे ।
श्राद्धपक्ष में आयोजित हो रहे इस शिवमहापुराण कथा महोत्सव से शांतिकुटी आश्रम सहित समूचा अमरकंटक क्षेत्र भक्तिमय वातावरण से ओत-प्रोत हो उठा । राजस्थान के अलवर क्षेत्र से पधारे श्रद्धालुओं हेतु आयोजन समिति द्वारा पूरी सुविधा एवं व्यवस्थाओं के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं ।
शांति कुटी के श्रीमहंत स्वामी रामभूषण दास जी महाराज ने बताया कि शिवमहापुराण कथा के शुभारंभ के साथ ही अमरकंटक में आध्यात्मिक चेतना और धार्मिक उत्साह का नया वातावरण निर्मित हो गया है जो आगामी दिनों तक श्रद्धालुओं को भक्ति एवं अध्यात्म की अमृतधारा से जोड़ता रहेगा ।

































































