चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल, जिला कांग्रेस ने किया पैदल मार्च और कलेक्ट्रेट घेराव
ज्ञानेश कुमार का मुखौटा पहनाकर व्यक्ति को बेड़ियों में जकड़ निकाला मार्च, वाटर कैनन के बीच बैरिकेड तोड़ कलेक्ट्रेट पहुंचे कार्यकर्ता, राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे और चुनावी प्रक्रिया की स्वतंत्र जांच की मांग
चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता, मतदाता सूची और मतदान व्यवस्था को लेकर उठ रहे सवालों के बीच जिला कांग्रेस कमेटी अनूपपुर ने बुधवार को केंद्र सरकार और निर्वाचन आयोग के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव एवं मध्यप्रदेश कांग्रेस प्रभारी हरीश चौधरी तथा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के निर्देशानुसार जिला कांग्रेस अध्यक्ष गुड्डू चौहान के नेतृत्व में यह प्रदर्शन किया गया।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अनोखे तरीके से विरोध दर्ज कराया। एक व्यक्ति को मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार का मुखौटा पहनाकर प्रतीकात्मक रूप से बेड़ियों में जकड़ा गया और उसे सामतपुर तालाब से जिला कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन कार्यालय तक पैदल मार्च में ले जाया गया। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ‘‘वोट चोरी के खिलाफ अब आर-पार की लड़ाई’’ सहित विभिन्न नारे लगाए और चुनावी प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं की जांच की मांग की।
पैदल मार्च कलेक्ट्रेट पहुंचने के बाद कांग्रेस कार्यकर्ता जिला निर्वाचन कार्यालय परिसर में प्रवेश करने का प्रयास करने लगे। प्रशासन द्वारा पहले से बैरिकेडिंग की गई थी। जिला कांग्रेस अध्यक्ष गुड्डू चौहान सहित कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को पुलिस ने रोकने का प्रयास किया। प्रदर्शन के दौरान पुलिस द्वारा वाटर कैनन का इस्तेमाल भी किया गया। इसके बावजूद कांग्रेस कार्यकर्ता बैरिकेड पार कर कलेक्ट्रेट परिसर में पहुंच गए और वहां धरने पर बैठ गए।
इसके बाद कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कांग्रेस ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग के साथ चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूचियों से संबंधित आरोपों की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच कराने की मांग रखी। निर्वाचन आयोग की आधिकारिक जानकारी के अनुसार ज्ञानेश कुमार वर्तमान में भारत के मुख्य निर्वाचन आयुक्त हैं।
चुनावी प्रक्रिया की स्वतंत्र जांच की मांग
कांग्रेस ने ज्ञापन में कहा कि विपक्षी दलों द्वारा मतदाता सूचियों और चुनावी प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं। पार्टी ने इन आरोपों की स्वतंत्र जांच कराए जाने तथा निर्वाचन प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक संवैधानिक एवं प्रशासनिक कदम उठाने की मांग की।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि लोकतंत्र में प्रत्येक नागरिक के मत की सुरक्षा और उसके मत की निष्पक्ष गणना अत्यंत महत्वपूर्ण है। पार्टी का कहना है कि निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर उठ रही आपत्तियों का पारदर्शी तरीके से समाधान होना चाहिए, ताकि चुनावी व्यवस्था में जनता का विश्वास कायम रहे।
प्रधानमंत्री की नैतिक जिम्मेदारी तय करने की मांग
ज्ञापन में कांग्रेस ने चुनावी प्रक्रिया को लेकर लगाए गए आरोपों की नैतिक जिम्मेदारी तय करने तथा प्रधानमंत्री के त्यागपत्र की मांग भी राष्ट्रपति के समक्ष रखी। यह मांग कांग्रेस द्वारा ज्ञापन के माध्यम से रखी गई राजनीतिक मांग है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं की निष्पक्षता और चुनावी व्यवस्था में जनता के विश्वास से जुड़े मुद्दों पर पार्टी लोकतांत्रिक तरीके से अपना विरोध जारी रखेगी।
जलाया मुख्य निर्वाचन आयुक्त का पुतला
ज्ञापन सौंपने के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के नाम से प्रतीकात्मक पुतला जलाकर विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर नारेबाजी की।
देशभर में भी कांग्रेस द्वारा मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार और निर्वाचन प्रक्रिया को लेकर विरोध प्रदर्शन किए जा रहे हैं। हाल के प्रदर्शनों में कांग्रेस ने चुनावी प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर अपनी आपत्तियां दर्ज कराई हैं।
बड़ी संख्या में कांग्रेसजन रहे मौजूद
प्रदर्शन में जिला कांग्रेस संगठन प्रभारी अजय सिंह, पूर्व विधायक मनोज कुमार अग्रवाल, पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष रमेश सिंह, पूर्व विधायक सुनील सराफ सहित वरिष्ठ कांग्रेस नेता, वर्तमान एवं पूर्व जनप्रतिनिधि, समन्वय समिति के सदस्य, जिला कांग्रेस पदाधिकारी, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष एवं पदाधिकारी, नगर कांग्रेस, मंडलम कांग्रेस, वार्ड एवं पंचायत स्तर के पदाधिकारी तथा युवा कांग्रेस, NSUI, सेवादल, महिला कांग्रेस, पंचायतीराज संगठन, अनुसूचित जाति कांग्रेस, अनुसूचित जनजाति कांग्रेस, पिछड़ा वर्ग कांग्रेस, अल्पसंख्यक कांग्रेस, किसान कांग्रेस सहित विभिन्न विभागों एवं प्रकोष्ठों के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि चुनावी व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही से जुड़े मुद्दों पर पार्टी आगे भी लोकतांत्रिक माध्यमों से अपनी आवाज उठाती रहेगी।



































































