खबर का असर: केवई नदी स्टॉप डैम हादसे में ठेकेदार और इंजीनियर पर एफआईआर
13 वर्षीय शिवम गुप्ता की डूबने से हुई थी मौत, निर्माण स्थल पर सुरक्षा इंतजाम नहीं होने के आरोप
भालूमाड़ा। केवई नदी के पंप घाट में निर्माणाधीन स्टॉप डैम में 13 वर्षीय शिवम गुप्ता की डूबने से हुई मौत के मामले में भालूमाड़ा पुलिस ने ठेकेदार और इंजीनियर के खिलाफ अपराध दर्ज किया है। मामले को कोयलांचल समाचार ने प्रमुखता से उठाते हुए निर्माण कार्य में लापरवाही और सुरक्षा इंतजामों की कमी का मुद्दा सामने रखा था। खबर के बाद अब पुलिस कार्रवाई होने से मामले में नया मोड़ आया है।
पुलिस के अनुसार 28 जून 2026 को गेट दफाई वार्ड क्रमांक 13 भालूमाड़ा निवासी शिवम गुप्ता अपने दोस्तों के साथ केवई नदी के पंप घाट पर पिकनिक मनाने गया था। दोपहर करीब 3:30 बजे बच्चे टूटे हुए स्टॉप डैम के पास नहा रहे थे। स्टॉप डैम में लोहे की रॉड निकली हुई थी, जिसके सहारे बच्चों ने साड़ी बांध रखी थी। इसी दौरान साड़ी से हाथ छूट जाने के कारण शिवम गहरे पानी में चला गया और डूबने से उसकी मौत हो गई।
मर्ग जांच के दौरान पुलिस ने पाया कि घटनास्थल पर नल-जल योजना के अंतर्गत स्टॉप डैम और इंटेक बेल का निर्माण कार्य चल रहा था। स्टॉप डैम टूटने के साथ उसके नीचे से रेत निकाले जाने के कारण वहां गहरा गड्ढा बन गया था। पुलिस के मुताबिक निर्माण स्थल के आसपास बैरिकेडिंग, फेंसिंग, चेतावनी बोर्ड, सुरक्षा गार्ड अथवा अन्य आवश्यक सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए थे।
जांच में यह भी सामने आया कि निर्माण कार्य मेसर्स सेंट्रल इंडिया इंजीनियरिंग प्राइवेट लिमिटेड, नागपुर द्वारा पेटी कांट्रेक्ट पर ठेकेदार पलास श्रीवास्तव को दिया गया था और कार्य की देखरेख इंजीनियर नीरज सेन कर रहे थे। पुलिस ने दोनों की लापरवाही को हादसे का कारण मानते हुए अपराध क्रमांक 280/2026, धारा 106(1) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।
कोयलांचल समाचार की खबर का असर
शिवम की मौत के बाद निर्माण स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था और जिम्मेदारों की लापरवाही को लेकर कोयलांचल समाचार ने इस मामले को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। खबर के माध्यम से निर्माण स्थल पर खुले खतरे और सुरक्षा मानकों की अनदेखी का मुद्दा उठाया गया था। अब पुलिस द्वारा ठेकेदार और इंजीनियर के खिलाफ अपराध दर्ज किए जाने से इस खबर का असर देखने को मिल रहा है।
कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक राधिका भगत और सहायक उप निरीक्षक चन्द्रहास बांधेकर की महत्वपूर्ण भूमिका रही।


































































