उन्नत खनन तकनीक में भारत-ऑस्ट्रेलिया सहयोग की नई पहल, सीएमपीडीआई में संभावनाओं पर मंथन

---Advertisement---

 उन्नत खनन तकनीक में भारत-ऑस्ट्रेलिया सहयोग की नई पहल, सीएमपीडीआई में संभावनाओं पर मंथन

 माइन प्लानिंग, डिजिटलीकरण, भूमिगत खदानों की सुरक्षा और कोल गैसीफिकेशन सहित कई क्षेत्रों में तकनीकी साझेदारी पर चर्चा

रांची, 18 सितंबर। भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच खनन क्षेत्र में तकनीकी सहयोग को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। इसी कड़ी में ऑस्ट्रेलियन कंसुलेट-जनरल, कोलकाता के प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को केंद्रीय खान योजना एवं डिजाइन संस्थान (सीएमपीडीआई), रांची का दौरा किया। इस दौरान उन्नत खनन तकनीक, अनुसंधान एवं विकास तथा खनन क्षेत्र में तकनीकी ज्ञान के आदान-प्रदान की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।

ऑस्ट्रेलियन कंसुलेट-जनरल, कोलकाता के श्री बर्नार्ड लिंच तथा ऑस्ट्रेलियन कंसुल-जनरल कार्यालय की सीनियर रिसर्च एंड विजिट्स ऑफिसर सुश्री एंजेलिना नायर ने सीएमपीडीआई के निदेशक (तकनीकी/पीएंडडी) अजय कुमार एवं संस्थान के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक का मुख्य उद्देश्य खनन क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों के उपयोग को बढ़ावा देने तथा भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच संभावित तकनीकी साझेदारी के नए रास्ते तलाशना रहा।

 खनन क्षेत्र में तकनीकी सहयोग के कई प्रमुख क्षेत्रों पर चर्चा

बैठक के दौरान खनन क्षेत्र में तकनीकी सहयोग और ज्ञान के आदान-प्रदान के विभिन्न संभावित क्षेत्रों की पहचान की गई। इनमें माइन प्लानिंग एवं डिजिटलीकरण, भूमिगत खदानों का नियंत्रण, संचार व्यवस्था एवं सुरक्षा, भूमिगत और सतही कोयला गैसीफिकेशन, अनुसंधान एवं विकास, सतत विकास एवं कार्बन उत्सर्जन में कमी, जियोमैटिक्स सेवाएं तथा कोयला एवं खनिज संवर्धन जैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल रहे।

माइन प्लानिंग और डिजिटलीकरण के क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों के उपयोग से खदानों की योजना तैयार करने, उपलब्ध संसाधनों के बेहतर प्रबंधन तथा खनन गतिविधियों को अधिक प्रभावी बनाने की संभावनाओं पर चर्चा की गई। वहीं, भूमिगत खदानों में नियंत्रण, संचार और सुरक्षा से संबंधित तकनीकों को विकसित करने तथा उनके उपयोग से खनन कार्यों को सुरक्षित बनाने के संभावित उपायों पर भी विचार-विमर्श हुआ।

इसके अलावा, भूमिगत एवं सतही कोयला गैसीफिकेशन, खनिज संसाधनों के बेहतर उपयोग और कोयला एवं खनिज संवर्धन जैसे क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं को भी महत्वपूर्ण माना गया। अनुसंधान एवं विकास, जियोमैटिक्स सेवाओं तथा सतत एवं जिम्मेदार खनन को बढ़ावा देने के लिए तकनीकी विशेषज्ञता साझा करने पर भी चर्चा हुई।

 सरकारी स्तर पर समन्वय बढ़ाने पर जोर

बैठक के दौरान सीएमपीडीआई के निदेशक (तकनीकी/पीएंडडी) अजय कुमार ने खनन तकनीक के विकास और सहयोग को गति देने के लिए भारत एवं ऑस्ट्रेलिया की सरकारों के बीच समन्वय और संस्थागत जुड़ाव को महत्वपूर्ण बताया।

उन्होंने इस दिशा में सरकार-से-सरकार स्तर पर संवाद और सहयोग को आगे बढ़ाने पर जोर दिया, ताकि खनन क्षेत्र में उपलब्ध तकनीकी विशेषज्ञता, आधुनिक उपकरणों और अनुसंधान क्षमताओं का प्रभावी उपयोग किया जा सके।

बैठक में दोनों देशों के बीच तकनीकी ज्ञान साझा करने और खनन क्षेत्र की चुनौतियों के समाधान के लिए संयुक्त प्रयासों की संभावनाओं पर भी विचार किया गया।

 जनवरी में ऑस्ट्रेलिया गए उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल के दौरे की अगली कड़ी

सीएमपीडीआई में हुई यह चर्चा जनवरी 2026 में कोयला मंत्रालय के नेतृत्व में ऑस्ट्रेलिया गए उच्चस्तरीय भारतीय प्रतिनिधिमंडल के दौरे की अगली कड़ी है। उस दौरे के दौरान ऑस्ट्रेलिया के माइनिंग इक्विपमेंट, टेक्नोलॉजी एंड सर्विसेज उद्योग के प्रतिनिधियों के साथ बेहतर तकनीकी साझेदारी तथा महत्वपूर्ण खनिजों के क्षेत्र में सहयोग के अवसरों पर चर्चा हुई थी।

उक्त दौरे के दौरान खनन क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों के उपयोग, विशेषज्ञता के आदान-प्रदान और महत्वपूर्ण खनिजों से जुड़े सहयोग के अवसरों को लेकर संवाद हुआ था। अब सीएमपीडीआई में हुई बैठक को इसी व्यापक सहयोग प्रक्रिया के तहत देखा जा रहा है।

 सतत और जिम्मेदार खनन को मिलेगा बढ़ावा

भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच खनन क्षेत्र में सहयोग की यह पहल तकनीक, नवाचार और विशेषज्ञता के साझा उपयोग की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इसका उद्देश्य खनन क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों को प्रोत्साहित करना तथा सतत, जिम्मेदार और प्रभावी खनन के भविष्य को मजबूत करना है

खनन क्षेत्र में डिजिटलीकरण, सुरक्षा, संसाधनों के बेहतर उपयोग और कार्बन उत्सर्जन में कमी जैसे विषयों पर बढ़ता ध्यान भविष्य की खनन गतिविधियों के लिए महत्वपूर्ण है। ऐसे में दोनों देशों के बीच तकनीकी संवाद और सहयोग से खनन क्षेत्र में नई संभावनाओं के विकास का मार्ग प्रशस्त हो सकता है

सीएमपीडीआई में हुई इस बैठक के माध्यम से भारत-ऑस्ट्रेलिया सहयोग को आगे बढ़ाने तथा खनन तकनीक के विभिन्न क्षेत्रों में आपसी विशेषज्ञता का लाभ उठाने की संभावनाओं पर चर्चा की गई

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment