ईसीएल मुख्यालय में गूंजी हिंदी-बांग्ला कविता की स्वर-लहरियां
हिंदी दिवस समारोह में राजभाषा के अधिकाधिक प्रयोग का आह्वान, आधुनिक तकनीक के विवेकपूर्ण उपयोग पर दिया जोर

सांकतोड़िया, 14 सितंबर। राजभाषा (हिंदी) माह 2026 के अंतर्गत ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ईसीएल) मुख्यालय स्थित संकल्प सभागार में रविवार को हिंदी दिवस समारोह एवं हिंदी-बांग्ला काव्य पाठ का गरिमापूर्ण आयोजन किया गया। कार्यक्रम ने राजभाषा हिंदी के कार्यालयीन उपयोग के साथ भारतीय भाषाओं की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और भाषायी सौहार्द का सुंदर संदेश दिया। समारोह की अध्यक्षता ईसीएल के निदेशक (मानव संसाधन) गुंजन कुमार सिन्हा ने की। इस अवसर पर ईसीएल के वरिष्ठ अधिकारी, विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी एवं अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहे।
कार्यालयीन कार्यों में हिंदी के अधिकाधिक प्रयोग पर जोर
समारोह को संबोधित करते हुए निदेशक (मानव संसाधन) गुंजन कुमार सिन्हा ने हिंदी को जन-जन से जोड़ने वाली सशक्त एवं प्रभावी भाषा बताया। उन्होंने अधिकारियों एवं कर्मचारियों से दैनिक कार्यालयीन कार्यों में हिंदी के अधिकाधिक और सहज प्रयोग को बढ़ावा देने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि राजभाषा हिंदी को केवल औपचारिकता तक सीमित रखने के बजाय इसे कार्यालयीन कार्यप्रणाली का सहज हिस्सा बनाया जाना चाहिए। हिंदी के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाकर इसके निरंतर प्रयोग से कार्यालयीन कार्यों को अधिक सरल, प्रभावी और जनसुलभ बनाया जा सकता है।
तकनीक के साथ हिंदी का समन्वय जरूरी
गुंजन कुमार सिन्हा ने कार्यालयीन कार्यों में आधुनिक तकनीक के प्रभावी एवं विवेकपूर्ण उपयोग पर भी विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में तकनीकी साधनों का समुचित उपयोग कार्यों के निष्पादन को अधिक दक्ष, गुणवत्तापूर्ण और प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को तकनीकी संसाधनों का उपयोग करते हुए हिंदी के प्रयोग को और व्यापक बनाने के लिए प्रेरित किया। इससे कार्यालयीन संचार एवं कार्यप्रणाली में हिंदी के उपयोग को नई गति मिलने की उम्मीद है।
हिंदी-बांग्ला काव्य पाठ ने बांधा समां
हिंदी दिवस समारोह के अवसर पर आयोजित हिंदी-बांग्ला काव्य पाठ कार्यक्रम का विशेष आकर्षण रहा। हिंदी और बांग्ला की कविताओं की प्रस्तुति ने समारोह को साहित्यिक एवं सांस्कृतिक रंग प्रदान किया। दोनों भाषाओं की समृद्ध काव्य परंपरा, सांस्कृतिक निकटता और साझा भारतीय संवेदना की प्रभावी झलक कार्यक्रम में देखने को मिली।
विभिन्न प्रतिभागियों ने हिंदी एवं बांग्ला में भावपूर्ण काव्य पाठ प्रस्तुत किया। कविता की पंक्तियों, स्वर और भावनाओं से संकल्प सभागार का वातावरण साहित्यिक संवेदनाओं से भर उठा। उपस्थित श्रोताओं ने काव्य प्रस्तुतियों का आनंद लिया और प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया।
प्रकृति से लेकर सामाजिक सरोकारों तक दिखे विविध रंग
काव्य पाठ में प्रकृति, मानवीय जीवन, प्रेम, करुणा, आशा, संघर्ष और सामाजिक सरोकारों जैसे विभिन्न विषयों को स्थान मिला। प्रतिभागियों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से जीवन के विभिन्न पक्षों को प्रभावशाली ढंग से अभिव्यक्त किया।
कविताओं ने जहां श्रोताओं को भावनात्मक रूप से जोड़ा, वहीं कई प्रस्तुतियों ने सामाजिक एवं मानवीय विषयों पर चिंतन के लिए भी प्रेरित किया। कार्यक्रम ने साहित्य की उस शक्ति को रेखांकित किया, जो भाषा की सीमाओं से परे जाकर लोगों के बीच संवेदना और संवाद स्थापित करती है।
भाषायी विविधता भारत की सांस्कृतिक शक्ति
कार्यक्रम के दौरान हिंदी और बांग्ला की विशिष्ट साहित्यिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं के साथ दोनों भाषाओं में निहित साझा भारतीय चेतना भी प्रमुखता से सामने आई। काव्य पाठ के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि भारत की भाषायी विविधता उसकी कमजोरी नहीं, बल्कि उसकी सांस्कृतिक शक्ति और समृद्ध विरासत है।
साहित्य विभिन्न भाषाओं, विचारों और संस्कृतियों के बीच संवाद स्थापित करने तथा आपसी सौहार्द को मजबूत करने का प्रभावी माध्यम है। हिंदी और बांग्ला के संगम ने इस भावना को और अधिक जीवंत रूप में प्रस्तुत किया।
राजभाषा के प्रति ईसीएल की प्रतिबद्धता का संदेश
समग्र रूप से ईसीएल मुख्यालय में आयोजित हिंदी दिवस समारोह एवं हिंदी-बांग्ला काव्य पाठ राजभाषा, साहित्य, संस्कृति और भाषायी सौहार्द का संगम बनकर सामने आया। कार्यक्रम ने कार्यालयीन कार्यों में हिंदी के प्रभावी प्रयोग के प्रति ईसीएल की प्रतिबद्धता को रेखांकित करने के साथ भारतीय भाषायी विविधता और सांस्कृतिक एकात्मता के प्रति संस्थान की समावेशी दृष्टि को भी प्रदर्शित किया।
राजभाषा (हिंदी) माह 2026 के अंतर्गत आयोजित यह कार्यक्रम हिंदी के व्यापक एवं सहज प्रयोग, भाषायी समन्वय तथा सांस्कृतिक मूल्यों को प्रोत्साहित करने की दिशा में ईसीएल के सतत प्रयासों की महत्वपूर्ण कड़ी रहा।



































































