अमरकंटक में श्रद्धा,भक्ति और उल्लास के साथ मनाया गया श्रीकृष्ण जन्मोत्सव
नर्मदा मंदिर से लेकर संतों के आश्रमों तक गूंजे भजन-कीर्तन,मध्यरात्रि में हुआ भगवान श्रीकृष्ण के प्राकट्य का उत्सव
संवाददाता / श्रवण कुमार उपाध्याय
अमरकंटक / मां नर्मदा की उद्गम स्थली / पवित्र नगरी अमरकंटक में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पावन पर्व श्रद्धा , भक्ति और उल्लास के साथ मनाया गया । नर्मदा उद्गम मंदिर परिसर स्थित राधा-कृष्ण मंदिर सहित विभिन्न संत आश्रमों में भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव पर विशेष पूजन-अर्चन , भजन-कीर्तन और धार्मिक आयोजनों का आयोजन किया गया । पूरे क्षेत्र में भक्तिमय वातावरण छाया रहा तथा देर रात तक श्रद्धालु भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति में लीन रहे ।
नर्मदा उद्गम मंदिर परिसर के राधा-कृष्ण मंदिर में महिलाओं एवं श्रद्धालुओं ने भक्ति गीतों और भजनों की मधुर प्रस्तुतियां दीं । रात्रि 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण के प्राकट्य की घोषणा होते ही मंदिर परिसर “नंद घर आनंद भयो , जय कन्हैया लाल की” तथा “जय श्रीकृष्ण” के जयघोषों से गूंज उठा । श्रद्धालु भक्ति रस में सराबोर होकर झूमे , नाचे और भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव की खुशियां मनाईं ।
वहीं अमरकंटक के विभिन्न संत आश्रमों में भी जन्माष्टमी महोत्सव अत्यंत हर्षोल्लास एवं आध्यात्मिक गरिमा के साथ संपन्न हुआ ।
श्री कल्याण सेवा आश्रम में पूज्य स्वामी हिमाद्री मुनि जी महाराज के सान्निध्य में विशेष पूजन-अर्चन एवं भजन संध्या का आयोजन किया गया । ब्राह्मणों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विधि-विधान से पूजन संपन्न कराया गया । बड़ी संख्या में संत , श्रद्धालु एवं भक्तजन उपस्थित रहे और भगवान श्रीकृष्ण के जन्म पर सभी ने आरती उतारते हुए भक्ति भाव से स्तुति की ।
इसी प्रकार शांति कुटी आश्रम में श्रीमहंत स्वामी रामभूषण दास जी महाराज के मार्गदर्शन में भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव श्रद्धा एवं भक्तिभाव के साथ मनाया गया । रात्रि में आयोजित भजन-कीर्तन कार्यक्रमों ने श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक आनंद से अभिभूत कर दिया ।
संध्या से प्रारंभ हुआ भजनों का सिलसिला मध्यरात्रि तक सभी जगहों पर निरंतर चलता रहा । जैसे ही भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का शुभ क्षण आया , श्रद्धालुओं ने “जुग-जुग जिये तेरे ललना यशोदा मैया” सहित अन्य पारंपरिक बधाई गीतों का गायन कर वातावरण को भक्तिमय बना दिया ।
मंदिरों , आश्रमों तथा परिवारों में पूजन उपरांत प्रसाद वितरण किया गया तथा श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीकृष्ण से सुख , शांति और समृद्धि की कामना की ।
पवित्र नगरी अमरकंटक में मनाया गया यह जन्माष्टमी महोत्सव श्रद्धा , आस्था और सनातन संस्कृति की जीवंत झलक प्रस्तुत करता रहा । पूरे नगर में भक्तिमय उल्लास का वातावरण देर रात तक बना रहा ।

































































