सत्तर साल पुरानी सड़क पर बढ़ता दबाव, अब चौड़ाई नहीं बढ़ी तो हादसे होंगे बेकाबू
बढ़ते यातायात और सड़क से सटकर बने निर्माण ने जमुना-कोतमा मार्ग को बनाया खतरनाक, नई सड़क में चौड़ाई, ऊंचाई और नाली पर देना होगा ध्यान
अनूपपुर
भालूमाड़ा कोतमा मार्ग जिस सड़क पर आज चौबीसों घंटे भारी वाहन, बसें, जीप, कार, मोटरसाइकिल और दोपहिया वाहनों की आवाजाही हो रही है, उसकी चौड़ाई आज भी लगभग वही है, जो सत्तर साल पहले थी। उस दौर में यातायात बेहद सीमित था और सड़क के दोनों ओर पर्याप्त खुली जगह हुआ करती थी। सड़क का निर्माण उस समय एसीसी कंपनी द्वारा कराया गया था, लेकिन बदलते समय के साथ यातायात बढ़ता गया और सड़क के आसपास का स्वरूप पूरी तरह बदल गया।
सड़क वही, लेकिन दबाव कई गुना
पहले सड़क के दोनों तरफ पर्याप्त जगह थी। आज स्थिति यह है कि सड़क से सटाकर दुकानें और मकान बन चुके हैं। नतीजा यह कि जो सड़क पहले अपेक्षाकृत खुली थी, वह अब और भी संकरी हो गई है। ऊपर से भारी-भरकम वाहनों की लगातार आवाजाही ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है।
बस, ट्रक, जीप, कार और दोपहिया वाहन दिन-रात यातायात का दबाव बना रहता है। ऐसे में सड़क के बीच आवारा पशुओं का जमावड़ा खतरे को और बढ़ा देता है। जरा सी चूक और सामने दुर्घटना का खतरा।
सिर्फ डामर नहीं, पूरी सड़क का समाधान चाहिए
अब जब SECL जमुना-कोतमा क्षेत्र के महाप्रबंधक के माध्यम से सड़क का निर्माण कराया जा रहा है, तो सवाल सिर्फ सड़क पर नई परत बिछाने का नहीं, बल्कि भविष्य के यातायात को देखते हुए स्थायी समाधान का है।
नई सड़क में गुणवत्ता के साथ पर्याप्त चौड़ाई, उचित ऊंचाई और दोनों तरफ जल निकासी के लिए पक्की नालियों का निर्माण जरूरी है। सड़क के किनारे पानी जमा हुआ तो नई सड़क भी जल्द खराब होगी और बरसात में यातायात का खतरा बढ़ेगा।
डेढ़ मीटर की संकरी पट्टी से कैसे बचेगा यातायात?
सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि भारी यातायात वाले इस मार्ग पर महज डेढ़ मीटर जैसी अत्यंत संकरी पक्की पट्टी छोड़कर निर्माण किया गया, तो क्या यह आज के यातायात का दबाव झेल पाएगी?
सत्तर साल पहले का यातायात और आज का यातायात एक जैसा नहीं है। इसलिए सड़क भी पुराने मापदंडों पर नहीं, बल्कि आने वाले वर्षों की जरूरत को ध्यान में रखकर बननी चाहिए।
अब फैसला सड़क का नहीं, सुरक्षा का है
सड़क बनाना केवल निर्माण कार्य नहीं है। यह हजारों लोगों की रोजमर्रा की आवाजाही और सुरक्षा से जुड़ा सवाल है। यदि अभी सड़क की चौड़ाई, ऊंचाई और जल निकासी का स्थायी समाधान नहीं किया गया, तो आज की समस्या कल और गंभीर हो सकती है।
जरूरत ऐसी सड़क की है जो सिर्फ नई दिखाई न दे, बल्कि सुरक्षित भी हो। क्योंकि संकरी सड़क पर बढ़ता यातायात और बीच सड़क पर आवारा पशु यह संयोजन हादसों को न्योता देने के लिए काफी है। इस सकरी सड़क मे सैकड़ों दुर्घनाएं हो चुकी हैं ।


































































