गुरुजनों के सम्मान से सजा शिक्षक दिवस, प्राचार्य सतीश सिंह ने विद्यार्थियों को दिया सफलता का मंत्र
जमुना कॉलरी के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में हुआ गरिमामय आयोजन, विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से बांधा समां

जमुना कॉलरी। शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय जमुना कॉलरी में शिक्षक दिवस के अवसर पर विद्यार्थियों एवं शिक्षकों द्वारा उत्साह और गरिमामय वातावरण में समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में गुरु-शिष्य परंपरा की झलक देखने को मिली। विद्यार्थियों ने अपने शिक्षकों के प्रति सम्मान एवं कृतज्ञता व्यक्त करते हुए विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं तथा शिक्षकों के जीवन में महत्व पर अपने विचार साझा किए।
कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के प्राचार्य सतीश सिंह द्वारा भारत के महान शिक्षाविद, दार्शनिक एवं पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के चित्र पर पुष्प अर्पित एवं दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर विद्यार्थियों ने मां सरस्वती की वंदना एवं गुरु वंदना प्रस्तुत कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया।
विद्यार्थियों ने श्रीफल, पेन एवं उपहार देकर किया शिक्षकों का सम्मान
शिक्षक दिवस के अवसर पर विद्यार्थियों ने विद्यालय के शिक्षकों का श्रीफल, पेन एवं उपहार भेंट कर सम्मान किया। विद्यार्थियों ने कहा कि शिक्षक उनके जीवन में केवल शिक्षा प्रदान करने वाले व्यक्ति नहीं, बल्कि मार्गदर्शक, प्रेरणास्रोत और भविष्य को दिशा देने वाले महत्वपूर्ण व्यक्तित्व हैं।
समारोह में विद्यार्थियों द्वारा विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। गीत, वंदना एवं अन्य प्रस्तुतियों के माध्यम से विद्यार्थियों ने शिक्षकों के प्रति अपनी भावनाओं को अभिव्यक्त किया। कार्यक्रम के दौरान विद्यालय परिसर तालियों की गड़गड़ाहट से गूंजता रहा।
प्राचार्य सतीश सिंह ने किया शिक्षकों का सम्मान
कार्यक्रम के दौरान प्राचार्य सतीश सिंह ने विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं का सम्मान किया। उन्होंने शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि शिक्षक समाज और राष्ट्र के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। एक शिक्षक विद्यार्थियों को केवल पाठ्यक्रम का ज्ञान नहीं देता, बल्कि उनमें अनुशासन, संस्कार, नैतिकता और जिम्मेदारी की भावना विकसित करता है।
प्राचार्य सतीश सिंह ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए शिक्षा के साथ अनुशासन, मेहनत और सकारात्मक सोच बेहद जरूरी है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने शिक्षकों का सम्मान करने तथा उनके मार्गदर्शन को जीवन में अपनाने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों का उज्ज्वल भविष्य ही किसी शिक्षक के लिए सबसे बड़ी उपलब्धि है। विद्यालय परिवार का दायित्व है कि प्रत्येक विद्यार्थी को बेहतर शिक्षा और उचित मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाए, ताकि वह भविष्य में अपने परिवार, समाज और देश का नाम रोशन कर सके।
गुरु-शिष्य परंपरा को किया गया नमन
समारोह के दौरान विद्यार्थियों ने शिक्षकों के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए उनके योगदान को याद किया। वक्ताओं ने कहा कि भारतीय संस्कृति में गुरु को विशेष स्थान प्राप्त है। गुरु ही विद्यार्थी के जीवन को ज्ञान का प्रकाश देकर उसे सही दिशा प्रदान करता है। शिक्षक दिवस का आयोजन इसी गुरु-शिष्य परंपरा को सम्मान देने का अवसर है।
कार्यक्रम में विद्यालय की शिक्षिका श्रीमती सुचिता शर्मा, महेश प्रसाद मिश्रा, अमित कुमार राहा, श्रीमती विमला द्विवेदी सहित विद्यालय के समस्त शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।
समारोह का वातावरण पूरे समय उत्साहपूर्ण और आत्मीय बना रहा। विद्यार्थियों द्वारा शिक्षकों के सम्मान में प्रस्तुत किए गए कार्यक्रमों ने समारोह को यादगार बना दिया। अंत में विद्यालय परिवार ने शिक्षक दिवस के माध्यम से शिक्षा, संस्कार और गुरु-शिष्य संबंधों की गरिमा को बनाए रखने का संकल्प व्यक्त किया।


































































