51 किलोमीटर की विशाल पैदल कांवड़ यात्रा प्रारंभ: श्रद्धा, सेवा और सनातन संस्कृति का अद्भुत संगम

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51 किलोमीटर की विशाल पैदल कांवड़ यात्रा प्रारंभ: श्रद्धा, सेवा और सनातन संस्कृति का अद्भुत संगम

राजेंद्रग्राम से अमरकंटक और ज्वालेश्वर धाम तक गूंजेगा हर-हर महादेव का जयघोष

संवाददाता – श्रवण कुमार उपाध्याय

अमरकंटक – मां नर्मदा की उद्गम स्थली / पवित्र नगरी अमरकंटक श्रावण मास में एक बार फिर शिवभक्ति और आस्था के रंग में रंग गई है । भगवान भोलेनाथ की आराधना के लिए आयोजित 51 किलोमीटर की विशाल पैदल कांवड़ यात्रा श्रद्धा , सेवा , समर्पण और सनातन संस्कृति का भव्य स्वरूप प्रस्तुत कर रही है । वर्षों से निरंतर चली आ रही यह धार्मिक यात्रा क्षेत्र के हजारों शिवभक्तों की आस्था का केंद्र बन चुकी है ।

प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी यात्रा का दो दिवसीय आयोजन 23 एवं 24 अगस्त 2026 को किया गया है । यात्रा का शुभारंभ आज रविवार राजेंद्रग्राम से हुआ , जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु , जनप्रतिनिधि एवं धर्मप्रेमी नागरिक शामिल हुए । यात्रा में पुष्पराजगढ़ विधायक फूंदेलाल सिंह मार्को सपत्नीक एवं परिवारजनों सहित हजारों शिवभक्त पैदल शामिल होकर भगवान शिव के जयघोष के साथ आगे बढ़ रहे हैं ।

यह पावन यात्रा राजेंद्रग्राम से प्रारंभ होकर किरगी , बसनिहा , धरहर , नोनघटी , भेजरी , पोंडी , पोंडकी एवं भूण्डाकोना सहित विभिन्न ग्रामों से गुजरते हुए 24 अगस्त की प्रातः मां नर्मदा की उद्गम स्थली अमरकंटक पहुंचेगी ।

अमरकंटक पहुंचने पर श्रद्धालु मां नर्मदा के पवित्र उद्गम कुंड में पूजन-अर्चन कर कांवड़ और कलश में जल भरेंगे । इसके पश्चात सभी शिवभक्त नर्मदा जल लेकर ज्वालेश्वर धाम के लिए प्रस्थान करेंगे , जहां भगवान ज्वालेश्वर महादेव का जलाभिषेक एवं विशेष पूजा-अर्चना संपन्न होगी
सेवा , समर्पण और सामाजिक एकता का प्रतीक बनी यात्रा
यह कांवड़ यात्रा केवल धार्मिक आयोजन भर नहीं है , बल्कि सेवा , अनुशासन , समर्पण और सामाजिक एकता का जीवंत उदाहरण भी है । यात्रा मार्ग में श्रद्धालुओं के लिए जगह-जगह जलपान , चिकित्सा सहायता , विश्राम एवं प्रसाद वितरण की व्यवस्थाएं की गई हैं । स्थानीय ग्रामीणों , सामाजिक संगठनों एवं स्वयंसेवकों द्वारा शिवभक्तों का स्वागत कर सेवा भाव से सहयोग प्रदान किया जा रहा है ।

हर-हर महादेव और बोल बम के जयघोष से भक्तिमय हुआ वातावरण

वर्षों से विधायक फूंदेलाल सिंह मार्को के मार्गदर्शन में आयोजित हो रही इस पावन यात्रा में परिवारजन के अलावा युवा , महिलाएं , बुजुर्ग एवं बच्चे उत्साहपूर्वक भाग लेते हैं । हाथों में ध्वज और कंधों पर कांवड़ लेकर डीजे के मधुर भक्ति स्वर में श्रद्धालु जब “हर-हर महादेव”, “बोल बम” और “जय मां नर्मदा” के जयघोष करते हुए आगे बढ़ते हैं , तो पूरा क्षेत्र शिवमय और भक्तिमय वातावरण से गुंजायमान हो उठता है ।

ज्वालेश्वर धाम में होगा सामूहिक जलाभिषेक, विशाल नगर भंडारे का आयोजन

ज्वालेश्वर धाम पहुंचने के बाद भगवान भोलेनाथ का सामूहिक जलाभिषेक किया जाएगा । इसके उपरांत श्रद्धालुओं एवं क्षेत्रवासियों के लिए विशाल नगर भंडारे का आयोजन होगा , जिसमें हजारों लोग प्रसाद ग्रहण करेंगे । वर्षों से आयोजित यह भंडारा सामाजिक समरसता , भाईचारे और सेवा की परंपरा को मजबूत करता आ रहा है ।

विधायक प्रतिनिधि श्याम लाल सेन ने कहा कि मां नर्मदा के पावन जल से भगवान शिव का अभिषेक करना सनातन परंपरा का अत्यंत पुण्यदायी कार्य है । यह यात्रा श्रद्धा , भक्ति और आध्यात्मिक चेतना का अनुपम संगम है ।

श्रावण मास में निकलने वाली यह 51 किलोमीटर की पैदल कांवड़ यात्रा न केवल धार्मिक आस्था को सुदृढ़ करती है , बल्कि समाज को एकता , सेवा , संस्कार और आध्यात्मिक जागरण का संदेश भी प्रदान करती है ।

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