साइबर ठगी से बचाव के साथ सड़क सुरक्षा का भी रखें ध्यान
पटना महाविद्यालय में साइबर एवं यातायात जागरूकता कार्यक्रम, एसपी हरीश राठौर ने युवाओं को किया सजग

पटना/कोरिया। जिले में साइबर अपराधों और सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम को लेकर चलाये जा रहे जागरूकता अभियान के तहत गुरुवार को पंडित ज्वाला प्रसाद उपाध्याय शासकीय महाविद्यालय पटना में साइबर एवं यातायात जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक हरीश राठौर ने छात्र छात्राओं को ऑनलाइन ठगी से बचाव और यातायात नियमों के पालन के प्रति जागरूक किया।
प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मंशानुरूप, पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम के आदेश और सरगुजा रेंज के पुलिस महानिरीक्षक दीपक झा के मार्गदर्शन में जिले में 14 अगस्त से 2 अक्टूबर तक व्यापक साइबर जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के माध्यम से विद्यार्थियों और आम नागरिकों को साइबर अपराधों से बचाव के उपायों की जानकारी दी जा रही है।
कार्यक्रम की शुरुआत महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. शिव शंकर राजवाड़े द्वारा पुलिस अधीक्षक हरीश राठौर के स्वागत के साथ हुई। महाविद्यालय के प्राध्यापकों ने अतिथियों का स्वागत किया। कार्यक्रम के समापन पर महाविद्यालय परिवार की ओर से अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।
*जरा सी लापरवाही पड़ सकती है भारी*
पुलिस अधीक्षक हरीश राठौर ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि आज के डिजिटल दौर में जीवन के अधिकांश काम ऑनलाइन हो रहे हैं। ऐसे में साइबर सुरक्षा को लेकर हर व्यक्ति को सतर्क रहने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि साइबर मामलों में की गई छोटी सी लापरवाही जीवनभर की कमाई को खतरे में डाल सकती है। इसी तरह यातायात में बरती गई लापरवाही व्यक्ति और उसके परिवार के लिये गंभीर परिणाम लेकर आ सकती है। उन्होंने विद्यार्थियों से स्वयं जागरूक रहने के साथ साथ अपने परिवार और आसपास के लोगों को भी साइबर अपराध और सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करने की अपील की। एसपी ने ऑनलाइन ठगी, फर्जी लिंक, एपीके फाइल, वाट्सएप वीडियो कॉल तथा अनधिकृत रूप से ओटीपी साझा करने के खतरों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ ओटीपी, पिन, पासवर्ड, बैंक खाते से संबंधित जानकारी अथवा अन्य गोपनीय जानकारी साझा नहीं करनी चाहिये। अनजान लिंक और एपीके फाइल डाउनलोड करने से भी बचना चाहिये।
ठगी होने पर तत्काल 1930 पर करें शिकायत
एसपी ने विद्यार्थियों को साइबर अपराध की स्थिति में तत्काल सहायता के लिये साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति ऑनलाइन ठगी का शिकार होता है तो बिना समय गंवाये 1930 पर शिकायत दर्ज करनी चाहिये ताकि ठगी गई रकम को रोकने और आवश्यक कार्यवाही करने का प्रयास समय रहते किया जा सके।
यातायात नियमों का पालन करने की अपील
यातायात जागरूकता के दौरान विद्यार्थियों को वैध ड्राइविंग लाइसेंस प्राप्त करने के बाद ही वाहन चलाने, दोपहिया वाहन पर हेलमेट और कार में सीट बेल्ट का उपयोग करने, निर्धारित गति सीमा का पालन करने और वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं करने की समझाइश दी गई।
कार्यक्रम में गुड सेमेरिटन (नेक इंसान) नीति की जानकारी भी दी गई। विद्यार्थियों को सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति की तत्काल मदद करने और उसे समय पर अस्पताल पहुंचाने के लिये भी प्रेरित किया गया।
अधिकारियों ने बताया कि दुर्घटना के समय घायल की मदद करना मानवता का परिचय है और समय पर चिकित्सा मिलने से किसी व्यक्ति की जान बचाई जा सकती है। इस दौरान राहवीर और नगदी रहित उपचार योजना की जानकारी भी दी गई।
सोशल मीडिया के जरिये भी दिया जागरूकता संदेश
कार्यक्रम के दौरान साइबर जागरूकता संबंधी स्टैंडी के सामने महाविद्यालय के छात्र छात्राओं और स्टाफ ने सेल्फी ली और उसे सोशल मीडिया पर साझा कर साइबर सुरक्षा और यातायात जागरूकता का संदेश प्रसारित किया।
कार्यक्रम को जिला युवा अधिकारी चहल कैलाशिया और उप पुलिस अधीक्षक श्याम मधुकर ने भी संबोधित किया। उन्होंने युवाओं से साइबर अपराधों के प्रति सतर्क रहने और यातायात नियमों का पालन कर स्वयं के साथ दूसरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की।
इस अवसर पर थाना प्रभारी पटना प्रमोद पांडेय, प्रधान आरक्षक सत्येंद्र तिवारी, महिला प्रधान आरक्षक गीता टोप्पो, यातायात हवलदार डॉ. महेश मिश्रा, सहायक प्राध्यापक डॉ. बरखा सिंह, सुश्री पूनम टोप्पो, सहायक ग्रेड-1 रोहित साहू सहित महाविद्यालय के अतिथि व्याख्याता और बड़ी संख्या में छात्र छात्राएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन श्रीमती दुर्गावती राजवाड़े ने किया।




























































