चिरमिरी की लेखिका मल्लिका रुद्रा का नाम गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज
चिरमिरी। साहित्य के क्षेत्र में चिरमिरी की प्रतिभा ने एक बार फिर शहर का नाम रोशन किया है। चिरमिरी डीएवी पब्लिक स्कूल की हिंदी शिक्षिका और लेखिका मल्लिका रुद्रा ने वैश्विक साहित्यिक मंच आईना (AAINA) के आईना हेरिटेज वर्ल्ड रिकॉर्ड प्रोजेक्ट में सहभागिता कर गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में अपना नाम दर्ज कराया है। इसे चिरमिरी के साहित्यिक इतिहास की उल्लेखनीय उपलब्धि माना जा रहा है।
‘सात आयाम जीवन के’ विषय पर आयोजित इस अभिनव साहित्यिक अभियान में देश विदेश के 775 साहित्यकारों, कवियों और रचनाकारों ने डिजिटल माध्यम से सहभागिता की। इस सामूहिक रचनात्मक प्रयास के माध्यम से विश्व कीर्तिमान स्थापित किया गया। परियोजना का नेतृत्व अंतरराष्ट्रीय काव्यप्रेमी मंच की संस्थापक अध्यक्ष और आईना की संस्थापक डॉ. ममता सैनी ने किया।
मल्लिका रुद्रा ने इस परियोजना में जीवन के सात आयामों में से ‘रिश्ते और भावनात्मक संबंध’ विषय का चयन करते हुए ‘मेरा वसंत’ शीर्षक से कविता प्रस्तुत की। कविता में उन्होंने स्त्री के स्वाभिमान, भावनात्मक संसार, इच्छाओं और आत्मसम्मान को संवेदनशीलता के साथ अभिव्यक्त किया है। उनकी रचना में स्त्री जीवन के अनुभवों को प्रतीकों और भावनात्मक बिंबों के माध्यम से प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया है।
इस परियोजना की विशेषता साहित्य और आधुनिक तकनीक का समन्वय भी रहा। अभियान में प्रस्तुत रचनाओं का एआई तकनीक के माध्यम से सत्यापन किया गया जिसके बाद उन्हें डिजिटल रूप से संरक्षित किया गया।
इस उपलब्धि पर मल्लिका रुद्रा ने कहा कि साहित्य समाज की चेतना, संस्कृति और मानवीय मूल्यों का जीवंत दस्तावेज है। तकनीक के माध्यम से साहित्य को संरक्षित करने से उसकी पहुंच दुनिया के व्यापक पाठक वर्ग तक संभव हो सकती है। मल्लिका रुद्रा की व्याकरण संबंधी पुस्तकें भी देश विदेश में विद्यार्थियों के बीच पहचान बना चुकी हैं। साहित्य के क्षेत्र में उनका लेखन विशेष रूप से स्त्री-विमर्श को केंद्र में रखता है। गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में नाम दर्ज होने की उपलब्धि पर क्षेत्रवासियों, साहित्य प्रेमियों और शुभचिंतकों ने उन्हें बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी हैं।




































