भूमि के बदले रोजगार की शिकायतों पर SECL सख्त, गठित की उच्चस्तरीय स्थायी समिति
जमीन के बदले नौकरी में अनियमितता, फर्जी दस्तावेज और तथ्य छिपाने की शिकायतों की होगी निष्पक्ष जांच; झूठी शिकायत पर कार्रवाई की चेतावनी
बिलासपुर। साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) ने भूमि के बदले रोजगार से संबंधित शिकायतों के निराकरण को लेकर महत्वपूर्ण कदम उठाया है। कंपनी ने शिकायतों की पारदर्शी, निष्पक्ष और समयबद्ध जांच सुनिश्चित करने के लिए एक उच्चस्तरीय स्थायी समीक्षा समिति का गठन किया है। समिति उपलब्ध अभिलेखों, दस्तावेजों और साक्ष्यों के आधार पर प्रत्येक प्रकरण की जांच कर अपनी अनुशंसा सक्षम प्राधिकारी के समक्ष प्रस्तुत करेगी।
SECL की ओर से जारी जानकारी के अनुसार भूमि के बदले रोजगार की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी एवं निष्पक्ष बनाने तथा पात्र हितग्राहियों के अधिकारों की प्रभावी सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यह व्यवस्था लागू की गई है। कंपनी का मानना है कि इससे शिकायतों के परीक्षण और निस्तारण की प्रक्रिया अधिक विश्वसनीय एवं जवाबदेह बनेगी।
महाप्रबंधक भू-राजस्व होंगे समिति के अध्यक्ष
गठित उच्चस्तरीय स्थायी समीक्षा समिति के अध्यक्ष महाप्रबंधक भू-राजस्व, SECL मुख्यालय बिलासपुर होंगे। समिति में महाप्रबंधक योजना एवं परियोजना, महाप्रबंधक मानव संसाधन/श्रमशक्ति, महाप्रबंधक मानव संसाधन/औद्योगिक संबंध तथा उप-महाप्रबंधक विधि, SECL मुख्यालय बिलासपुर को सदस्य बनाया गया है।
समिति आवश्यकता के अनुसार संबंधित अभिलेखों और दस्तावेजों की जांच करेगी। इसके साथ ही संबंधित अधिकारियों से आवश्यक जानकारी प्राप्त कर उपलब्ध तथ्यों एवं साक्ष्यों का सत्यापन किया जाएगा। प्रकरणों का परीक्षण प्रचलित नियमों और निर्धारित प्रक्रिया के अनुरूप किया जाएगा।
फर्जी दस्तावेज से नौकरी लेने की शिकायत भी होगी जांच के दायरे में
SECL ने स्पष्ट किया है कि भूमि के बदले रोजगार से संबंधित अनियमितता, जाली अथवा कूटरचित दस्तावेजों के उपयोग, तथ्य छिपाकर रोजगार प्राप्त करने अथवा अन्य संबंधित मामलों को लेकर कोई भी व्यक्ति आवश्यक दस्तावेज एवं साक्ष्य के साथ समिति के समक्ष शिकायत प्रस्तुत कर सकता है।
कंपनी के मुताबिक शिकायतों की जांच उपलब्ध तथ्यों और प्रमाणों के आधार पर की जाएगी। इससे वास्तविक एवं पात्र हितग्राहियों के अधिकारों की रक्षा के साथ-साथ गलत तरीके से रोजगार प्राप्त करने के मामलों की भी जांच का रास्ता साफ होगा।
दर्ज शिकायत वापस लेने का प्रावधान नहीं
SECL ने शिकायतकर्ताओं के लिए महत्वपूर्ण निर्देश जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि विधिवत दर्ज की गई शिकायत को वापस लेने का कोई प्रावधान नहीं है। इसलिए कंपनी ने संबंधित लोगों से अपील की है कि वे केवल प्रामाणिक तथ्यों एवं उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही शिकायत दर्ज करें।
कंपनी ने यह भी कहा है कि शिकायत केवल अधिकृत माध्यमों से ही प्रस्तुत की जाए। लोगों को बिचौलियों, अपुष्ट सूचनाओं और भ्रामक दावों से सावधान रहने की सलाह दी गई है।
झूठी और दुर्भावनापूर्ण शिकायत पर कानूनी कार्रवाई संभव
SECL ने वास्तविक एवं सद्भावनापूर्वक की गई शिकायतों को हतोत्साहित नहीं करने की बात कही है। हालांकि, यदि जांच के दौरान यह स्थापित होता है कि कोई शिकायत जानबूझकर असत्य, दुर्भावनापूर्ण या किसी निर्दोष व्यक्ति को परेशान अथवा नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से की गई है, तो संबंधित शिकायतकर्ता के विरुद्ध प्रचलित नियमों और लागू कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जा सकती है।
कंपनी ने बताया कि ऐसे मामलों में भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 217 तथा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 215(1)(a) सहित अन्य लागू विधिक प्रावधानों के तहत कार्रवाई का प्रावधान है।
पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने की पहल
SECL ने कहा कि कंपनी सुशासन, पारदर्शिता, जवाबदेही और संस्थागत निष्पक्षता के उच्च मानकों के प्रति प्रतिबद्ध है। उच्चस्तरीय स्थायी समीक्षा समिति के गठन से भूमि के बदले रोजगार से संबंधित शिकायतों के परीक्षण की व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, निष्पक्ष और विश्वसनीय बनाने में मदद मिलेगी।
कंपनी के अनुसार इस व्यवस्था से एक ओर वास्तविक एवं पात्र हितग्राहियों के हितों का प्रभावी संरक्षण सुनिश्चित होगा, वहीं दूसरी ओर शिकायत निवारण तंत्र में जनविश्वास और संस्थागत जवाबदेही भी मजबूत होगी। SECL ने सभी संबंधित पक्षों एवं आम नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी शिकायत को लेकर तथ्यों और प्रमाणों के साथ अधिकृत माध्यमों का ही उपयोग करें।





































