CCL में तेज हुई 55वीं अखिल भारतीय खान बचाव प्रतियोगिता की तैयारियां
29 नवंबर से 6 दिसंबर तक रांची में होगा राष्ट्रीय आयोजन, देशभर की करीब 37 टीमें लेंगी हिस्सा; भुरकुंडा भूमिगत खदान में होगी रेस्क्यू की कड़ी परीक्षा
रांची। देश की प्रतिष्ठित 55वीं अखिल भारतीय खान बचाव प्रतियोगिता (कोयला एवं धातु)-2026 की मेजबानी को लेकर सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (CCL) ने तैयारियां तेज कर दी हैं। प्रतियोगिता के सफल आयोजन की रणनीति तैयार करने के लिए CCL मुख्यालय रांची में प्रथम कार्यकारी समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रतियोगिता के तकनीकी, प्रशासनिक, सुरक्षा और लॉजिस्टिक पहलुओं की विस्तार से समीक्षा की गई।
CCL को इस राष्ट्रीय स्तर की प्रतिष्ठित प्रतियोगिता की मेजबानी मिलना कंपनी की संगठनात्मक क्षमता, खान सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता और बड़े आयोजनों के सफल संचालन में अर्जित विश्वसनीयता को दर्शाता है। बैठक में निर्णय लिया गया कि प्रतियोगिता का आयोजन 29 नवंबर से 6 दिसंबर 2026 तक किया जाएगा।
खेलगांव में उद्घाटन से लेकर पुरस्कार वितरण तक
प्रतियोगिता का उद्घाटन समारोह, ड्रिल एवं मार्च-पास्ट, फर्स्ट एड और रोप रेस्क्यू जैसी प्रमुख स्पर्धाएं JSSPS, खेलगांव रांची में आयोजित होंगी। प्रतियोगिता का समापन एवं पुरस्कार वितरण समारोह भी खेलगांव में ही होगा। वहीं खान बचाव से जुड़ी वास्तविक परिस्थितियों में दक्षता और तकनीकी क्षमता की परीक्षा लेने वाली रेस्क्यू एवं रिकवरी, फ्रेश एयर बेस तथा कैप्टन्स रिपोर्ट की व्यावहारिक स्पर्धाएं CCL के बरका-सयाल क्षेत्र स्थित भुरकुंडा भूमिगत खदान में आयोजित की जाएंगी।
37 टीमों के शामिल होने की संभावना
आयोजन में देशभर की कोयला एवं धातु खनन कंपनियों की लगभग 37 टीमें हिस्सा ले सकती हैं। प्रतियोगिता में खान बचाव दलों को विभिन्न परिस्थितियों में उनके कौशल, तत्परता, तकनीकी दक्षता और टीमवर्क के आधार पर परखा जाएगा। इसका उद्देश्य खान दुर्घटनाओं जैसी आपात परिस्थितियों में बचाव दलों की क्षमता को और मजबूत करना तथा सुरक्षा के उच्च मानकों को बढ़ावा देना है।
बैठक में महिला टीमों की सक्रिय भागीदारी को भी प्रोत्साहित करने का निर्णय लिया गया। महिला प्रतिभागियों के लिए आवास, आवश्यक सुविधाओं और सुरक्षा व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया।
अंतरराष्ट्रीय मानकों पर आयोजन कराने का लक्ष्य
बैठक को संबोधित करते हुए CCL के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक निलेन्दु कुमार सिंह ने कहा कि DGMS, CIL और सभी सहभागी कंपनियों के समन्वित सहयोग से प्रतियोगिता का आयोजन अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह आयोजन खान सुरक्षा एवं बचाव के क्षेत्र में उत्कृष्टता का नया मानदंड स्थापित करने के साथ भारतीय खनन उद्योग के लिए अनुकरणीय और ऐतिहासिक आयोजन साबित होगा।
बैठक की अध्यक्षता कर रहे खान सुरक्षा उपमहानिदेशक (दक्षिण-पूर्वी क्षेत्र) डॉ. एस.एस. प्रसाद ने प्रतियोगिता के प्रत्येक चरण में तकनीकी उत्कृष्टता, गुणवत्ता और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुपालन पर जोर दिया। उन्होंने सभी सहभागी संस्थाओं से बेहतर समन्वय, समयबद्ध तैयारी और सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने का आह्वान किया।
DGMS, CIL और खनन कंपनियों के अधिकारी जुटे
बैठक में DGMS, CIL और CCL के वरिष्ठ अधिकारियों के अलावा देशभर की विभिन्न कोयला एवं धातु खनन कंपनियों के महाप्रबंधक (सुरक्षा एवं बचाव), रेस्क्यू स्टेशनों के प्रभारी, JSSPS के मुख्य कार्यपालक अधिकारी तथा CCL मुख्यालय और बरका-सयाल क्षेत्र के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।
बैठक में आयोजन की तैयारियों से जुड़े प्रत्येक पहलू पर चर्चा की गई। प्रतिभागियों के आवास, सुरक्षा, परिवहन, आयोजन स्थलों की व्यवस्था, तकनीकी स्पर्धाओं की तैयारी और समयबद्ध संचालन को लेकर जिम्मेदारियां तय करने पर भी जोर दिया गया।
भुरकुंडा खदान में होगी असली चुनौती की परीक्षा
प्रतियोगिता का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा भुरकुंडा भूमिगत खदान में आयोजित होने वाली व्यावहारिक स्पर्धाएं होंगी। यहां रेस्क्यू एवं रिकवरी, फ्रेश एयर बेस और कैप्टन्स रिपोर्ट जैसी गतिविधियों के जरिए प्रतिभागी दलों की वास्तविक खान आपात परिस्थितियों से निपटने की क्षमता का आकलन किया जाएगा।
आयोजन को लेकर CCL प्रबंधन का जोर इस बात पर है कि प्रतियोगिता केवल प्रतिस्पर्धा तक सीमित न रहे, बल्कि इससे खान बचाव के क्षेत्र में नई तकनीकों, बेहतर कार्यप्रणाली और सुरक्षा संस्कृति को बढ़ावा मिले।
कार्यकारी समिति की बैठक में सभी तकनीकी, प्रशासनिक और लॉजिस्टिक व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा के बाद प्रतियोगिता को सुरक्षित, सुव्यवस्थित, समयबद्ध और उच्चतम मानकों के अनुरूप आयोजित करने की दिशा में तैयारियों को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया गया।
















