भाजपा को युवा नहीं, चुनावी प्रबंधन चाहिए? यंग प्रोफेशनल भर्ती में पूर्व जन सेवा मित्रों सहित एमएसडब्ल्यू की उपेक्षा क्यों?” – यज्ञराज साहू, जनपद सदस्य कुबरी
कुबरी। जनपद सदस्य यज्ञराज साहू ने मध्य प्रदेश सरकार द्वारा 55 जिलों में निकाली गई यंग प्रोफेशनल भर्ती पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार की प्राथमिकता समाज सेवा नहीं, बल्कि चुनावी प्रबंधन दिखाई देती है।
उन्होंने कहा कि यदि यह भर्ती वास्तव में समाज सेवा, जनसहभागिता और ग्रामीण विकास के लिए है, तो मास्टर ऑफ सोशल वर्क (MSW) जैसी समाज सेवा की प्रमुख डिग्री को पात्रता से बाहर रखना समझ से परे है। दूसरी ओर MBA जैसी प्रबंधन संबंधी योग्यता को प्राथमिकता दी जा रही है। इससे यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि सरकार को समाजसेवी चाहिए या चुनाव प्रबंधन करने वाले प्रोफेशनल?
यज्ञराज साहू ने कहा कि पिछली विधानसभा चुनाव से पहले भी मुख्यमंत्री जनसेवा मित्र योजना के माध्यम से हजारों युवाओं को जोड़ा गया। चुनाव समाप्त होने के बाद उन युवाओं का भविष्य क्या हुआ, इसका जवाब आज तक नहीं मिला। अब चुनावी माहौल बनते ही फिर एक नई भर्ती निकाल दी गई है। इससे युवाओं के मन में यह आशंका पैदा होना स्वाभाविक है कि कहीं सरकारी योजनाओं और भर्तियों का उपयोग केवल चुनावी समय तक सीमित न रह जाए।
उन्होंने कहा, “जनता के टैक्स के पैसे से चलने वाली योजनाएँ किसी भी राजनीतिक दल के प्रचार का माध्यम नहीं बननी चाहिए। सरकारी भर्ती का उद्देश्य योग्य युवाओं को अवसर देना होना चाहिए, न कि उन्हें अस्थायी उम्मीदें देकर बाद में उपेक्षित छोड़ देना।”
यज्ञराज साहू ने सरकार से मांग की कि—
– यंग प्रोफेशनल भर्ती में MSW को पात्रता में तत्काल शामिल किया जाए।
– अधिकतम आयु सीमा बढ़ाकर 40 वर्ष की जाए।
– पूर्व मुख्यमंत्री जनसेवा मित्रों को उनके अनुभव के आधार पर प्राथमिकता दी जाए।
उन्होंने कहा कि “यह शोषण नहीं सहेंगे, युवाओं के हक की बात खुलकर कहेंगे।” प्रदेश के लाखों शिक्षित युवाओं के साथ किसी भी प्रकार का भेदभाव स्वीकार नहीं किया जाएगा। यदि सरकार वास्तव में युवाओं और समाज सेवा की पक्षधर है, तो उसे अपनी भर्ती नीति में पारदर्शिता, समान अवसर और न्याय सुनिश्चित करना होगा।















