शांतिकुटी आश्रम में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव एवं नर्मदा महाआरती का भव्य आयोजन

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श्रवण कुमार उपाध्याय

अमरकंटक – मां नर्मदा की उद्गम स्थली / पवित्र नगरी अमरकंटक स्थित शांतिकुटी आश्रम में आयोजित 22जुलाई से प्रारंभ श्रीमद्भागवत कथा सप्ताह ज्ञान यज्ञ के चतुर्थ दिवस श्रीकृष्ण जन्मोत्सव अत्यंत श्रद्धा , भक्ति एवं उल्लास के साथ मनाया गया । कथा व्यास आचार्य श्री श्यामजी महाराज (मुंबई) के श्रीमुख से श्रद्धालुओं को श्रीमद्भागवत कथा का रसपान कराया जा रहा है ।

चतुर्थ दिवस की कथा में भगवान श्रीकृष्ण के दिव्य जन्म प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन किया गया जिससे पूरा आश्रम परिसर भक्तिमय वातावरण से सराबोर हो गया था । श्रद्धालुओं ने भजन-कीर्तन एवं जयघोष के साथ जन्मोत्सव मनाया ।
इसी अवसर पर नर्मदा तट रामघाट में मां नर्मदा का विधिवत पूजन-अर्चन , दीपदान एवं भव्य नर्मदा महाआरती का आयोजन किया गया ।

शांतिकुटी आश्रम के परम पूज्य महंत स्वामी रामभूषण दास जी महाराज के सानिध्य में आयोजित महाआरती में बड़ी संख्या में संत-महात्मा , श्रद्धालु एवं कथा श्रोता उपस्थित रहे । महाआरती के मुख्य यजमान श्रीमती संगीता सुरेश पांडेय (चांपा, छत्तीसगढ़) तथा कैलाशचंद्र पाटीदार सपत्नीक (इंदौर) रहे । महाआरती के पश्चात पूरा रामघाट भक्तिमय वातावरण और नर्मदा मैया के जयकारों से गुंजायमान हो उठा ।

कथा के पंचम दिवस शांतिकुटी आश्रम में वैदिक मंत्रोच्चार के मध्य ध्वज पूजन एवं ध्वजारोहण कार्यक्रम संपन्न कराया गया । पूजन में ब्राह्मणों द्वारा विधि-विधान से पूजन-अर्चन कराया गया । इस अवसर के मुख्य यजमान श्रीमती आशा राजेश गुप्ता (दिल्ली) रहीं ।

श्रीमद्भागवत कथा सप्ताह ज्ञान यज्ञ के अंतर्गत 28 जुलाई 2026 को कथा की पूर्णाहुति उपरांत सायंकाल श्रीरामचरितमानस पर आधारित संगीतमय सुंदरकाण्ड पाठ का विशेष आयोजन किया जाएगा । मानस मयंक श्री अजय याज्ञिक जी (मुंबई) के श्रीमुख से सुंदरकाण्ड का वाचन होगा जिसे लेकर श्रद्धालुओं और नगर वासियों में विशेष उत्साह देखा जा रहा है ।

इसके पश्चात गुरु पूर्णिमा का पावन पर्व श्रद्धा , भक्ति और उत्साह के साथ मनाया जाएगा । इस अवसर पर देश के विभिन्न राज्यों से बड़ी संख्या में भक्त , श्रद्धालु , संत एवं पर्यटक अमरकंटक पहुंच रहे हैं । भारतीय संस्कृति में गुरु पूर्णिमा गुरु के प्रति श्रद्धा , समर्पण और कृतज्ञता का प्रतीक पर्व माना जाता है । इस दिन श्रद्धालु अपने गुरुजनों एवं संतों का पूजन-अर्चन कर उनका आशीर्वाद प्राप्त करते हैं तथा आध्यात्मिक कार्यक्रमों में सहभागिता करते हैं ।

गुरु पूर्णिमा के अवसर पर शांतिकुटी आश्रम , कल्याण सेवा आश्रम , गीता स्वाध्याय मंदिर , मार्कण्डेय आश्रम सहित विभिन्न धार्मिक स्थलों पर गुरु पूजन पश्चात विशाल भंडारों का आयोजन होता , जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के सम्मिलित होने की संभावना रहती है ।

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