भारतीय ज्ञान परंपरा पर सारस्वत व्याख्यान का सफल आयोजन

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कालिदास संस्कृत अकादमी, मध्यप्रदेश संस्कृति परिषद्, उज्जैन तथा इन्दिरा गाँधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय, अमरकंटक के *संस्कृत विभाग* एवं *प्राचीन भारतीय इतिहास, संस्कृति एवं पुरातत्त्व विभाग* के संयुक्त तत्वावधान में *भारतीय ज्ञान परंपरा*” विषय पर सारस्वत लोकप्रिय व्याख्यान का आयोजन विश्वविद्यालय के प्राचीन भारतीय इतिहास, संस्कृति एवं पुरातत्त्व विभाग के सभागार में गरिमामय वातावरण में सम्पन्न हुआ।

कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के प्रभारी कुलपति *प्रो. अवधेश कुमार शुक्ल* ने की। मुख्य वक्ता के रूप में वरिष्ठ विचारक *श्री प्रशान्त पोल* ने भारतीय ज्ञान परंपरा की प्राचीनता, वैज्ञानिकता एवं समकालीन प्रासंगिकता पर प्रभावशाली व्याख्यान दिया। उन्होंने कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा केवल अतीत की धरोहर नहीं, बल्कि वर्तमान और भविष्य के लिए भी एक सशक्त मार्गदर्शक है।

विशिष्ट अतिथि *प्रो. आलोक श्रोत्रिय* ने भारतीय संस्कृति एवं ज्ञान-विज्ञान की वैश्विक उपयोगिता पर अपने विचार व्यक्त किए। अध्यक्षीय उद्बोधन में प्रभारी कुलपति *प्रो. अवधेश कुमार शुक्ल* ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति–2020 के आलोक में भारतीय ज्ञान परंपरा के संरक्षण, संवर्धन एवं प्रसार की आवश्यकता पर बल दिया तथा विद्यार्थियों को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जुड़ने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के प्रारम्भ में *कालिदास संस्कृत अकादमी के निदेशक डॉ. गोविन्द गन्धे* द्वारा सभी अतिथियों का शाल एवं साहित्य भेंट कर सम्मानपूर्वक स्वागत किया गया। अतिथियों का वाचिक स्वागत *मानविकी एवं भाषा संकाय की अधिष्ठाता प्रो. रेनू सिंह* ने किया।

कार्यक्रम का संचालन *डॉ. सचिन देव द्विवेदी* ने किया। अंत में *कालिदास संस्कृत अकादमी के निदेशक डॉ. गोविन्द गन्धे* ने सभी अतिथियों, आयोजकों, शिक्षकों, शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।

इस अवसर पर कार्यक्रम में प्रो ए पी सिंह, प्रोफेसर राघवेंद्र मिश्र , प्रो ललित मिश्रा, डॉ शिवा कांत त्रिपाठी विभागाध्यक्ष,डॉ मोहन लाल चढ़ार , डॉ जिनेन्द्र जैन , डॉ जनार्दन बी, डॉ मनोज कुमार, डॉ जयेन्द्र जोगलेकर, प्रोफेसर जितेंद्र सिंह, डॉ पूनम पांडेय, डॉ प्रवीण कुमार, डॉ वीरेंद्र प्रताप, डॉ कुंज बिहारी सुलकिया, डॉ प्रज्ञेष मिश्र, डॉ पंकज तिवारी, डॉ विजेता, डॉ एन रवि, डॉ अनीता शर्मा , डॉ राहुल, डॉ संजय यादव, डॉ प्रवीण गुप्ता, डॉ कृष्ण मुरारी सिंह,डॉ ऋतुराज त्रिवेदी, डॉ श्याम सुंदर पाल, डॉ संदीप ठाकरे , विभिन्न विभागों के शोधार्थी, स्नातक एवं स्नातकोत्तर के विद्यार्थी तथा बड़ी संख्या में ज्ञानानुरागी उपस्थित रहे। कार्यक्रम सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ।

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