एसईसीएल की कोयला डिस्पैच व्यवस्था होगी और पारदर्शी, चार मेगा परियोजनाओं में बने हाईटेक मॉनिटरिंग कंट्रोल रूम
सतर्कता विभाग की नई पहल से रियल-टाइम निगरानी, ट्रकों की आवाजाही पर डिजिटल नजर, डिस्पैच में विलंब होगा कम
बिलासपुर। साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) ने कोयला डिस्पैच व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, दक्ष और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। कंपनी के सतर्कता विभाग ने निवारक सतर्कता (प्रिवेंटिव विजिलेंस) के तहत एसईसीएल की चार प्रमुख मेगा परियोजनाओं—गेवरा, दीपका, कुसमुंडा और रायगढ़—में अत्याधुनिक ट्रक डिस्पैच मॉनिटरिंग कंट्रोल रूम स्थापित किए हैं। इस पहल का उद्देश्य कोयला परिवहन व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ाने, अनियमितताओं पर रोक लगाने तथा डिस्पैच प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाना है।
विशेष बात यह है कि इन कंट्रोल रूम का विकास एसईसीएल ने स्वयं अपनी तकनीकी विशेषज्ञता और विभिन्न विभागों के समन्वय से इन-हाउस किया है। यहां स्थापित रियल-टाइम डिजिटल डैशबोर्ड के माध्यम से ट्रकों की आवाजाही, कोयला डिस्पैच की स्थिति तथा परिचालन से जुड़ी संभावित बाधाओं की लगातार निगरानी की जा रही है। इससे डिस्पैच प्रक्रिया के प्रत्येक चरण पर नजर रखी जा सकेगी और किसी भी प्रकार की समस्या की तुरंत पहचान कर उसका समाधान किया जा सकेगा।
एसईसीएल के सतर्कता विभाग का मानना है कि निवारक सतर्कता का उद्देश्य केवल अनियमितताओं का पता लगाना नहीं, बल्कि ऐसी परिस्थितियों को पहले से रोकना भी है, जो परिचालन में विलंब, अक्षमता या पारदर्शिता की कमी का कारण बन सकती हैं। इसी सोच के तहत यह नई डिजिटल व्यवस्था लागू की गई है, जिससे समयबद्ध हस्तक्षेप और संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित होगा।
नई प्रणाली लागू होने से ट्रकों के टर्नअराउंड टाइम (टीएटी) में कमी आएगी, वाहनों के निर्गमन में होने वाले अनावश्यक विलंब को रोका जा सकेगा तथा कोयला डिस्पैच और निकासी की समग्र दक्षता में उल्लेखनीय सुधार होने की उम्मीद है। साथ ही रियल-टाइम डेटा उपलब्ध होने से प्रबंधन को त्वरित, सटीक और तथ्य आधारित निर्णय लेने में भी सुविधा मिलेगी।
यह पहल केंद्रीय सतर्कता आयोग की निवारक सतर्कता की अवधारणा के अनुरूप प्रक्रियाओं में पारदर्शिता, जवाबदेही और कार्यकुशलता को मजबूत करने की दिशा में एसईसीएल के सतर्कता विभाग की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। डिजिटल तकनीक, रियल-टाइम मॉनिटरिंग और सक्रिय परिचालन प्रबंधन के समन्वय से एसईसीएल न केवल कोयला डिस्पैच प्रणाली को अधिक आधुनिक और विश्वसनीय बना रहा है, बल्कि तकनीक-सक्षम खनन एवं लॉजिस्टिक्स प्रबंधन के क्षेत्र में भी नए मानक स्थापित करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
एसईसीएल की यह पहल भविष्य में कोयला परिवहन और डिस्पैच प्रणाली को अधिक सुगम, पारदर्शी एवं उत्तरदायी बनाने के साथ-साथ देश की ऊर्जा आवश्यकताओं की पूर्ति में भी महत्वपूर्ण योगदान देने वाली साबित होगी।



































