पीथमपुर (धार)
ब्यूरो रिपोर्ट शैलेंद्र जोशी
धार जिले के पीथमपुर (थाना सेक्टर-1) क्षेत्र में सावरिया मंदिर के पास नाले में मिले आत्माराम के शव के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। जिस व्यक्ति को मृतक अपना ‘मुंह बोला मामा’ मानकर उस पर भरोसा करता था, उसी ने शक और नफरत की आग में अंधे होकर उसकी जान ले ली।
घटना का घटनाक्रम
सावरिया मंदिर के पास हाट बाजार में चाय पी रहे अनिल बंजारा ने देखा कि सड़क पार नाले के पास आत्माराम की पत्नी अपनी मासूम बच्ची के साथ रो रही थी। पूछने पर उसने नाले की तरफ इशारा किया, जहाँ आत्माराम का बेजान शरीर पड़ा हुआ था। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस थाना सेक्टर-01 और एफ.एस.एल. (FSL) की टीम तुरंत मौके पर पहुंची।
डॉक्टरी परीक्षण (पीएम रिपोर्ट) में यह स्पष्ट हुआ कि आत्माराम की मृत्यु मारपीट और धारदार हथियार से लगी गंभीर चोटों के कारण हुई है। पुलिस ने धारा 103 बी.एन.एस. (BNS) के तहत मामला दर्ज कर अज्ञात आरोपी की तलाश शुरू की।
सगे से बढ़कर माना, उसने ही लिया खून का बदला
सीसीटीवी फुटेज और स्थानीय पूछताछ के दौरान पुलिस को पता चला कि आत्माराम का मुंह बोला मामा लेखराज (जो पास ही में रहता था) घटना के बाद से गायब है।
संदेह के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी कर लेखराज को हिरासत में लिया। कड़ाई से पूछताछ करने पर आरोपी मुंह बोले मामा ने अपना जुर्म कबूल कर लिया।
हत्या की वजह: आरोपी लेखराज ने बताया कि उसे रंजिश थी कि आत्माराम ने उसकी दूसरी पत्नी/औरत के कान भरकर उसे भगा दिया था। इसी का बदला लेने के लिए आरोपी ने आत्माराम को पहले विश्वास में लेकर शराब पिलाई और फिर डंडे व चाकू से वार कर उसकी निर्मम हत्या कर दी। साक्ष्य छुपाने की नीयत से उसने शव को नाले में फेंक दिया था।
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अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक धार पारुल बेलापुरकर














