जिला अस्पताल चिरमिरी में पहली बार सफल डायलिसिस, किडनी मरीजों को मिलेगी बड़ी राहत

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चार घंटे चली पहली डायलिसिस प्रक्रिया, अब एमसीबी जिले में ही मिलेगा जीवनरक्षक उपचार

एमसीबी/चिरमिरी। जिले के स्वास्थ्य क्षेत्र के लिये गुरुवार का दिन ऐतिहासिक साबित हुआ। जिला चिकित्सालय चिरमिरी में पहली बार सफलतापूर्वक डायलिसिस सेवा का संचालन किया गया। इस ऐतिहासिक उपलब्धि के साथ अब जिले के किडनी रोगियों को उपचार के लिये रायपुर, बिलासपुर या अन्य बड़े शहरों की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। जिले में ही आधुनिक डायलिसिस सुविधा उपलब्ध होने से मरीजों को समय, धन और मानसिक परेशानी तीनों से राहत मिलेगी। पहली डायलिसिस बरतूंगा निवासी भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंडल अध्यक्ष रघुनंदन यादव की की गई। पूरी प्रक्रिया सफलतापूर्वक संपन्न होने के बाद उन्होंने अस्पताल प्रबंधन और शासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए इसे जिले के मरीजों के लिये बड़ी सौगात बताया।

रघुनंदन यादव ने बताया कि वे पिछले छह माह से किडनी की गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं और सप्ताह में तीन दिन नियमित रूप से रायपुर जाकर डायलिसिस कराने को मजबूर थे। लगातार उपचार के कारण उनका पूरा परिवार भी रायपुर में रह रहा था जिससे आर्थिक बोझ के साथ-साथ मानसिक तनाव भी बढ़ गया था। अब चिरमिरी में ही यह सुविधा मिलने से ना केवल उन्हें बल्कि जिले के सभी किडनी मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी। उन्होंने कहा की जिला अस्पताल चिरमिरी में डायलिसिस शुरू होना किसी सपने के सच होने जैसा है। पिछले छह महीनों से मैं इस पीड़ा को झेल रहा हूं, इसलिये इस सुविधा की शुरुआत की खुशी शायद मुझसे अधिक किसी को नहीं होगी।

मिली जानकारी के अनुसार जिला अस्पताल में अत्याधुनिक डायलिसिस यूनिट की स्थापना स्थानीय विधायक और स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के विशेष प्रयासों से की गई है। इस यूनिट का लोकार्पण 27 मई को स्वास्थ्य मंत्री के हाथों हुआ था। आवश्यक तकनीकी तैयारियां और परीक्षण पूर्ण होने के बाद गुरुवार को पहली बार नियमित डायलिसिस सेवा शुरू की गई। रघुनंदन यादव की डायलिसिस प्रक्रिया दोपहर 12:19 बजे शुरू हुई और शाम 4:10 बजे सफलतापूर्वक पूरी हुई। लगभग चार घंटे तक चली इस प्रक्रिया की निगरानी डॉ. एफ. ज़ाक्सा (एम.डी. मेडिसिन) ने की वहीं प्रशिक्षित डायलिसिस तकनीशियन अजय कुशवाहा और काजल दास ने पूरी प्रक्रिया को अत्यंत सावधानी और दक्षता के साथ सफलतापूर्वक संचालित किया।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अविनाश खरे ने इस उपलब्धि पर जिला अस्पताल की पूरी टीम को बधाई देते हुए कहा कि मरीजों को गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि उपचार व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी और सभी स्वास्थ्य सेवाओं की नियमित निगरानी की जायेगी वहीं अस्पताल अधीक्षक डॉ. राजेंद्र राय के नेतृत्व में जिला चिकित्सालय में लगातार स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार हो रहा है। आधुनिक चिकित्सा उपकरणों की उपलब्धता, विशेषज्ञ सेवाओं में वृद्धि और बेहतर प्रबंधन के कारण जिला अस्पताल की पहचान लगातार मजबूत हो रही है। पहली सफल डायलिसिस के साथ अस्पताल ने जिले की स्वास्थ्य सेवाओं में एक नया अध्याय जोड़ दिया है।

जिले के नागरिकों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने इस उपलब्धि का स्वागत करते हुए इसे एमसीबी के स्वास्थ्य क्षेत्र के लिये मील का पत्थर बताया है। अब किडनी रोगियों को जीवनरक्षक डायलिसिस सुविधा के लिये दूर-दराज के शहरों की यात्रा नहीं करनी पड़ेगी जिससे उनका उपचार अधिक सुगम, सुलभ और किफायती हो सकेगा।

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