चार दिन के हाई अलर्ट ऑपरेशन के बाद उत्पाती हाथी काबू में: बांधवगढ़ रेस्क्यू दल ने किया सफल रेस्क्यू, कोयलांचल क्षेत्र को मिली राहत
कोयलांचल समाचार | रिपोर्टर – शशिधर अग्रवाल
अनूपपुर/23 मई। अनूपपुर एवं शहडोल जिले के लोगों के लिए पिछले कई दिनों से भय और चिंता का कारण बना उत्पाती एवं खतरनाक हाथी आखिरकार रेस्क्यू दल के नियंत्रण में आ गया। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के विशेष रेस्क्यू दल ने चार प्रशिक्षित हाथियों और लगभग 60 सदस्यीय टीम की मदद से चार दिनों तक लगातार अभियान चलाकर शनिवार को हाथी का सफलतापूर्वक रेस्क्यू किया और उसे बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व ले जाया गया।
जानकारी के अनुसार यह हाथी 2 अप्रैल की रात छत्तीसगढ़ राज्य के मरवाही वन मंडल क्षेत्र से मध्यप्रदेश की सीमा में प्रवेश कर गया था। इसके बाद यह लगातार अनूपपुर जिले के जैतहरी एवं अनूपपुर क्षेत्र सहित शहडोल जिले के विभिन्न जंगलों और ग्रामीण इलाकों में विचरण करता रहा। इस दौरान हाथी ने कई स्थानों पर उत्पात मचाते हुए चार लोगों तथा आठ पालतू मवेशियों पर हमला कर उनकी जान ले ली, जबकि तीन अन्य लोग और एक मवेशी गंभीर रूप से घायल हुए।
बीते लगभग दस दिनों से यह हाथी शहडोल जिले के केशवाही रेंज अंतर्गत रामपुर बीट, बैरिहा एवं बेलिया के जंगलों में सक्रिय था। हाथी के कारण ग्रामीणों में दहशत का माहौल बना हुआ था। ग्रामीणों के घरों, खेतों, बाड़ियों और अन्य संपत्तियों को भी नुकसान पहुंचने की शिकायतें लगातार सामने आ रही थीं।
स्थानीय नागरिकों एवं जनप्रतिनिधियों द्वारा लगातार मांग उठाए जाने के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व की विशेष टीम को रेस्क्यू अभियान के लिए लगाया गया। अभियान के दौरान प्रशिक्षित हाथियों की सहायता से उत्पाती हाथी को नियंत्रित करने की कोशिश की गई।
रेस्क्यू अभियान के दौरान शुक्रवार दोपहर हाथी को बेहोश कर पिंजरे में बंद कर लिया गया था, लेकिन अचानक हाथी आक्रामक हो गया और पिंजरे तथा पैरों में बंधी जंजीरों को तोड़कर लगभग एक किलोमीटर दूर जंगल की ओर भाग निकला। इसके बाद रेस्क्यू टीम ने दोबारा रणनीति बनाकर हाथी को नियंत्रित किया। क्षतिग्रस्त पिंजरे की मरम्मत कर शनिवार सुबह अभियान पुनः शुरू किया गया और अंततः हाथी को सुरक्षित तरीके से पकड़कर बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व पहुंचाया गया।
उत्पाती हाथी के क्षेत्र से बाहर किए जाने के बाद अनूपपुर और शहडोल जिले के ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। पिछले कई सप्ताह से लोग भय के कारण खेतों और जंगलों की ओर जाने से बच रहे थे।
वहीं दूसरी ओर चार अन्य हाथियों का समूह अब भी छत्तीसगढ़ राज्य के मरवाही वन मंडल क्षेत्र में मौजूद है। जानकारी के अनुसार ये हाथी लगभग चार माह तक अनूपपुर जिले में शांतिपूर्ण रूप से विचरण करने के बाद पांच दिन पहले जैतहरी क्षेत्र की सीमा पार कर मरवाही वन क्षेत्र के घुसरिया बीट में पहुंच गए। वर्तमान में यह समूह दिन के समय लेगरा डोंगरी पहाड़ी के जंगलों में ठहर रहा है तथा शाम और रात के समय आसपास के क्षेत्रों में विचरण कर रहा है। वन विभाग लगातार इनकी गतिविधियों पर नजर बनाए हुए है।





































