कृष्ण कुमार उपाध्याय मानपुर बांधवगढ़ उमरिया
_विश्वविख्यात बाँधवगढ़ टाइगर रिजर्व में चल रही तीन दिवसीय ग्रीष्मकालीन गिद्ध गणना 2026 के दूसरे दिन उत्साहजनक परिणाम सामने आए हैं।शुक्रवार 22 मई को हुई गणना में रिजर्व क्षेत्र में कुल 341 गिद्ध प्रत्यक्ष रूप से देखे गए,जिनमें 322 वयस्क और 19 अवयस्क गिद्ध शामिल हैं। यह आंकड़ा बाँधवगढ़ के समृद्ध जैव विविधता और स्वस्थ पारिस्थितिकी तंत्र की मजबूत तस्वीर पेश करता है।विशेष बात यह रही कि बाँधवगढ़ टाइगर रिजर्व के 9 परिक्षेत्रों में से 7 परिक्षेत्रों में गिद्धों की सक्रिय मौजूदगी दर्ज की गई।गणना के दौरान देशी गिद्ध,सफेद पीठ गिद्ध, इजिप्शियन गिद्ध और राज गिद्ध जैसी दुर्लभ एवं महत्वपूर्ण प्रजातियाँ दिखाई दीं।वन विभाग के अनुसार मध्य प्रदेश देश में गिद्धों के सबसे बड़े रहवास स्थलों में शामिल हो चुका है और बाँधवगढ़ इसमें अहम भूमिका निभा रहा है।इस बार गिद्ध गणना को आधुनिक तकनीक से भी जोड़ा गया है। *“MP Summer Vulture Census 2026 App”* के माध्यम से गणनाकर्ताओं ने मौके से ही गिद्धों की संख्या,प्रजाति,वयस्क-अवयस्क स्थिति और फोटो सीधे ऐप पर अपलोड किए।इससे आंकड़ों की सटीकता और पारदर्शिता सुनिश्चित हो रही है।तीन दिवसीय गणना पूर्ण होने के बाद प्रतिभागियों को इसी ऐप के जरिए प्रमाण पत्र भी प्रदान किए जाएंगे।सुबह 6 से 8 बजे तक चली इस गणना में 700 से अधिक अधिकारी और कर्मचारियों ने भाग लिया। केवल बैठे हुए गिद्धों की गणना की गई,ताकि दोहराव से बचते हुए वास्तविक आंकड़े प्राप्त किए जा सकें।वन्यजीव विशेषज्ञों का मानना है कि गिद्ध प्रकृति के सफाईकर्मी होते हैं,जो मृत जीवों को खाकर पर्यावरण को संक्रमण और बीमारियों से बचाते हैं।एक समय विलुप्ति के कगार पर पहुंचे गिद्धों की बढ़ती संख्या अब संरक्षण प्रयासों की सफलता की कहानी बयां कर रही है।_





































