निष्पक्ष जांच, थाना प्रभारी को हटाने और पीड़ित परिवार की सुरक्षा की मांग; कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी
अनूपपुर, 22 मई। अनूपपुर जिले के बिजुरी क्षेत्र में हुई हृदय विदारक घटना को लेकर अब राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर सवाल उठने लगे हैं। मामले में जिला कांग्रेस कमेटी ने पुलिस जांच और जारी प्रेस नोट पर गंभीर आपत्ति दर्ज करते हुए पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष एवं सूक्ष्म जांच की मांग की है।
जिला कांग्रेस अध्यक्ष गुड्डू चौहान के नेतृत्व में विधायक फुंदेलाल सिंह मार्को सहित कांग्रेस पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने पुलिस अधीक्षक विक्रांत मुराब से मुलाकात कर मामले की स्वतंत्र जांच कराने की मांग की। ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि घटना के बाद बिजुरी पुलिस ने पर्याप्त जांच के बिना मामले को लूट से जोड़ते हुए प्रेस नोट जारी किया, जिससे कई सवाल खड़े हो गए हैं।
ज्ञापन में प्रमुख रूप से पीड़िता की उम्र को लेकर आपत्ति दर्ज कराई गई। कांग्रेस नेताओं का दावा है कि पुलिस ने प्रेस नोट में पीड़िता की उम्र 20 वर्ष बताई, जबकि परिवार के अनुसार वह नाबालिग थी। इस आधार पर पुलिस की कार्यप्रणाली और तथ्यों के सत्यापन को लेकर सवाल उठाए गए।
कांग्रेस नेताओं ने ज्ञापन में कहा कि मामले में वैज्ञानिक जांच, मेडिकल परीक्षण, घटनास्थल से जुड़े साक्ष्यों का परीक्षण तथा संबंधित व्यक्तियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए। साथ ही परिजनों के अनुसार सामने आए विभिन्न तथ्यों की भी स्वतंत्र एजेंसी या अनुविभाग के बाहर के अधिकारियों से जांच कराने की मांग की गई।
ज्ञापन में यह भी मांग की गई कि थाना प्रभारी की भूमिका की विभागीय जांच कर उन्हें हटाया जाए तथा पूरे प्रकरण में पुलिस की कार्रवाई की समीक्षा की जाए। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि पीड़ित परिवार भय और दबाव के माहौल में है, इसलिए परिवार को सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए और ऐसा वातावरण बनाया जाए जिससे वे स्वतंत्र रूप से अपनी बात रख सकें।
ज्ञापन में चेतावनी दी गई कि यदि निर्धारित समयावधि में निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हुई तो जिला कांग्रेस कमेटी आमजन के साथ बड़ा आंदोलन करने को विवश होगी।
पुलिस अधीक्षक ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि मामले को गंभीरता से लिया जाएगा और उपलब्ध तथ्यों एवं जांच प्रक्रिया के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।





































