संवाददाता – श्रवण कुमार उपाध्याय
अमरकंटक — मां नर्मदा की उद्गम स्थली / पवित्र नगरी अमरकंटक में शुक्रवार 22 मई 2026 को अंतरराष्ट्रीय जैव विविधता दिवस के अवसर पर वन परिक्षेत्र अमरकंटक के तत्वावधान में स्वच्छता रैली , श्रमदान , पौधरोपण एवं विचार गोष्ठी सहित विभिन्न जनजागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया । कार्यक्रम का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण , जैव विविधता संवर्धन एवं स्वच्छता के प्रति समाज को जागरूक करना रहा ।
कार्यक्रम की शुरुआत प्रातः नर्मदा मंदिर प्रांगण से जनजागरूकता रैली के साथ हुई जो नगर परिषद अध्यक्षा श्रीमती पार्वती सिंह उइके ने हरी झंडी दिखाकर रैली को रवाना किया । रैली में स्वच्छता , नदी संरक्षण एवं वृक्षारोपण का संदेश दिया गया । इस दौरान नगर पालिका सीएमओ चैन सिंह परस्ते , मप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड शहडोल के अधिकारी अशोक तिवारी , सहायक यंत्री श्रेयस पांडेय , वैज्ञानिक बी.एम. पटेल , नर्मदा मंदिर पुजारी कामता प्रसाद द्विवेदी , सांसद प्रतिनिधि प्रकाश द्विवेदी (विक्की) , पार्षद विमला दुबे , गेंदबाई , वन परिक्षेत्र अमरकंटक के रमाकांत पटेल , वन विद्यालय के रेंजर महेंद्र यादव , भरत सिंह श्याम , प्रदीप सोनी सहित अनेक अधिकारी , कर्मचारी एवं नगरवासी उपस्थित रहे ।
मां नर्मदा के पावन तट पर श्रमदान कर स्वच्छता अभियान चलाया गया तथा पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण एवं जैव विविधता संवर्धन का संदेश दिया गया । कार्यक्रम में अमरकंटक नगर परिषद , मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड शहडोल , वन परिक्षेत्र , वन विद्यालय एवं नगरवासियों का सक्रिय सहयोग रहा । समस्त आयोजन वनमंडलाधिकारी अनूपपुर एवं उप वनमंडलाधिकारी राजेंद्रग्राम के निर्देशन में संपन्न हुआ ।
वन विद्यालय सभागार में आयोजित विचार गोष्ठी में वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी , वन प्रशिक्षणार्थी , वैद्यगण , समिति प्रतिनिधि , जनप्रतिनिधि एवं पत्रकारगण शामिल हुए । कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. रविन्द्र शुक्ला उपस्थित रहे । विशिष्ट अतिथि के रूप में सेवानिवृत्त उप वन संरक्षक ओ.जी. गोस्वामी एवं अध्यक्षता सहायक अनुदेशक वन विद्यालय अमरकंटक महेन्द्र कुमार यादव ने की ।
डॉ. रविन्द्र शुक्ला ने जैव विविधता संरक्षण पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जल , जंगल एवं प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है । उन्होंने वृक्षों की कटाई रोकने एवं वृक्षारोपण को जनअभियान बनाने की आवश्यकता बताई । उन्होंने कहा कि मधुमक्खी एवं तितली जैसे जीव पारिस्थितिकी संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं ।
ओ.जी. गोस्वामी ने कहा कि पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए वन्य जीवों का संरक्षण समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है । वहीं जैव विविधता समिति अध्यक्ष अमरकंटक धनंजय तिवारी ने कहा कि घटते वन क्षेत्र एवं बढ़ते तापमान के कारण वन्य जीव प्रभावित हो रहे हैं तथा प्राकृतिक क्षेत्रों में अतिक्रमण से वन्य प्राणी आबादी क्षेत्रों की ओर आने को विवश हो रहे हैं ।
कार्यक्रम में पत्रकारों के रूप में श्रवण कुमार उपाध्याय , उमाशंकर पाण्डेय , विपुल बर्मन एवं धनंजय तिवारी उपस्थित रहे । वैद्यगणो में गंगाधर , प्रदीप शुक्ला , के.डी. मानिकपुरी एवं भूषण सिंह शामिल रहे । समिति प्रतिनिधियों में जगत सिंह मरावी , गुलाब सिंह मरावी , रमेश सिंह मार्को , विनोद यादव , लालजी बघेल एवं ग्राम पंचायत पोड़की के उप सरपंच जगजीवन सिंह उपस्थित रहे ।
वन अमले की ओर से दशरथ प्रजापति , धनीराम रौतैल , जमुना सिंह मार्को , आलोक कुमार सिंह सहित वन परिक्षेत्र अमरकंटक एवं वन विद्यालय अमरकंटक के समस्त वन अमले तथा 67 वनरक्षक प्रशिक्षणार्थियों ने सक्रिय सहभागिता निभाई ।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थितजनों ने जैव विविधता संरक्षण , स्वच्छ पर्यावरण एवं प्राकृतिक संसाधनों के संवर्धन हेतु सामूहिक संकल्प लिया गया ।





































