राजभाषा से शासन और जनता के बीच घटती है दूरी: डॉ. हेमंत शरद पांडे
नराकास-2 नागपुर की छमाही बैठक एवं हिंदी प्रतियोगिता पुरस्कार समारोह में 50 प्रतिभागी सम्मानित

नागपुर, 22 मई 2026। नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति (नराकास-2), नागपुर के तत्वावधान में शुक्रवार को वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (डब्ल्यूसीएल) मुख्यालय स्थित सांस्कृतिक भवन में छमाही बैठक एवं हिंदी प्रतियोगिता पुरस्कार वितरण समारोह का गरिमामय आयोजन किया गया। कार्यक्रम में केंद्र सरकार के विभिन्न प्रतिष्ठित संस्थानों के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति रही तथा राजभाषा हिंदी के प्रभावी क्रियान्वयन और उसके विस्तार पर व्यापक चर्चा की गई।
कार्यक्रम की अध्यक्षता नराकास (का.-2) के अध्यक्ष एवं वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक डॉ. हेमंत शरद पांडे ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में भारतीय खान ब्यूरो के महानियंत्रक पंकज कुलश्रेष्ठ, डब्ल्यूसीएल के निदेशक (वित्त/मा.सं.) बिक्रम घोष, क्षेत्रीय कार्यान्वयन कार्यालय (पश्चिम) से सहायक निदेशक (राजभाषा) प्रमोद सांगोले, परमाणु खनिज अन्वेषण एवं अनुसंधान निदेशालय के वैज्ञानिक–जी एवं उप क्षेत्रीय निदेशक बिस्वजीत पाणिग्रही तथा इसरो के क्षेत्रीय सुदूर संवेदन केंद्र–मध्य के महाप्रबंधक डॉ. जी. श्रीनिवासन उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन एवं राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ के साथ हुआ। इसके पश्चात डब्ल्यूसीएल के महाप्रबंधक (मा.सं./औद्योगिक संबंध एवं राजभाषा प्रमुख) ललित प्रकाश तिर्की ने अतिथियों का स्वागत करते हुए राजभाषा के महत्व पर प्रकाश डाला।
अपने अध्यक्षीय संबोधन में डॉ. हेमंत शरद पांडे ने कहा कि राजभाषा हिंदी केवल संवैधानिक व्यवस्था नहीं बल्कि भारतीय संस्कृति, संवाद और जनसंपर्क का सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि जब सरकारी कार्यालय जनता की भाषा में कार्य करते हैं, तब प्रशासन और आमजन के बीच विश्वास और सहभागिता मजबूत होती है। उन्होंने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों से दैनिक कार्यों में हिंदी के अधिकतम उपयोग का आह्वान किया।
समारोह के दौरान अतिथियों ने कार्यालयों में हिंदी के सरल, प्रभावी और व्यवहारिक उपयोग पर बल दिया। गृह मंत्रालय के राजभाषा विभाग से आए प्रमोद सांगोले ने समिति की गतिविधियों एवं कार्यों की समीक्षा करते हुए राजभाषा के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु आवश्यक सुझाव दिए। सदस्य कार्यालयों के प्रतिनिधियों ने भी हिंदी को और अधिक प्रोत्साहित करने के लिए अपने विचार साझा किए।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण हिंदी प्रतियोगिताओं के विजेताओं का सम्मान रहा। 05 जनवरी से 05 फरवरी 2026 तक आयोजित एक माह लंबी प्रतियोगिता श्रृंखला में तात्कालिक भाषण, चित्र आधारित कहानी लेखन, स्लोगन लेखन, शुद्ध एवं सुलेख, वर्ग पहेली, निबंध, स्व-रचित काव्य पाठ, राजभाषा प्रश्नोत्तरी, अनुवाद तथा सामान्य ज्ञान सहित कुल 10 प्रतियोगिताएं आयोजित की गई थीं। इन प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रथम, द्वितीय, तृतीय एवं प्रोत्साहन श्रेणी के कुल 50 प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम का संचालन प्रबंधक (जनसंपर्क) मिलिंद चहांदे एवं पुरस्कार वितरण समारोह का संचालन अनुवादक (राजभाषा) दीपक सिंह चौहान ने किया। अंत में नराकास (का.-2) के सदस्य सचिव अतुल पी. बन्सोड ने धन्यवाद ज्ञापित किया तथा राष्ट्रगान के साथ समारोह का समापन हुआ।





































