कोल इंडिया में ओबीसी अधिकारों को लेकर उठी मजबूत आवाज
बैकवर्ड क्लास कोल इम्प्लाइज वेलफेयर एसोसियेशन की एजेंडा बैठक में 27% आरक्षण, पदोन्नति में हिस्सेदारी और समिति सहभागिता की मांग
कोलकाता। दिनांक 14 मई 2026 को कोल इंडिया मुख्यालय में बैकवर्ड क्लास (ओबीसी) कोल इम्प्लाइज वेलफेयर एसोसियेशन की महत्वपूर्ण एजेंडा बैठक आयोजित की गई। बैठक में देशभर की विभिन्न कोल सब्सिडियरी कंपनियों से आए पदाधिकारियों एवं प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक का मुख्य उद्देश्य कोल इंडिया में कार्यरत ओबीसी कर्मचारियों के अधिकारों, प्रतिनिधित्व और सुविधाओं से जुड़े मुद्दों को प्रबंधन के समक्ष मजबूती से रखना रहा।
बैठक में एसोसियेशन की ओर से प्रमुख रूप से कोल इंडिया में ओबीसी वर्ग को 27 प्रतिशत आरक्षण लागू करने, पदोन्नति में ओबीसी कर्मचारियों को आरक्षण का लाभ देने, विभिन्न क्षेत्रों में एसोसियेशन के कार्यालय उपलब्ध कराने तथा यूनियनों की तर्ज पर सभी महत्वपूर्ण समितियों में एसोसियेशन की सहभागिता सुनिश्चित करने की मांग उठाई गई। प्रतिनिधियों ने कहा कि ओबीसी कर्मचारियों की संख्या बड़ी होने के बावजूद उन्हें नीति निर्धारण और प्रशासनिक समितियों में अपेक्षित प्रतिनिधित्व नहीं मिल पा रहा है।
कोल इंडिया प्रबंधन ने एसोसियेशन द्वारा उठाए गए सभी मुद्दों को गंभीरता से सुनते हुए आश्वासन दिया कि मांगों पर सकारात्मक विचार कर आवश्यक कार्यवाही की जाएगी। बैठक में उपस्थित पदाधिकारियों ने इसे ओबीसी कर्मचारियों के हित में एक महत्वपूर्ण पहल बताया और उम्मीद जताई कि भविष्य में संगठन की मांगों को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा।
बैठक में कोल इंडिया अध्यक्ष श्री गुलाब सिंह, महासचिव श्री जय बहादुर सिंह यादव, एनसीएल अध्यक्ष श्री प्रीतम कुमार केवट सहित विभिन्न सब्सिडियरी कंपनियों के अध्यक्ष एवं महासचिव उपस्थित रहे। बीसीसीएल से श्री भोलानाथ यादव एवं श्री रामदुलार सिंह, सीसीएल से श्री दीपक कुमार, सीआईएल से श्री विनोद प्रसाद एवं श्री संदीप सोनी, सीएमपीडीआईएल से श्री राजेश शॉ एवं श्री रामधन यादव, ईसीएल से श्री तारकेश्वर यादव एवं श्री राजाराम मंडल, एमसीएल से श्री चंदन प्रधान एवं श्रीमती चंचल साहू, एसईसीएल से श्री अनिरुद्ध चंद्रा एवं श्री मंगला यादव तथा डब्ल्यूसीएल से श्री राकेश कडू उपस्थित रहे।
बैठक के अंत में सभी प्रतिनिधियों ने संगठन को और अधिक मजबूत बनाने तथा ओबीसी कर्मचारियों के अधिकारों की लड़ाई को राष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।






































