अनूपपुर
जिले के कोतमा जनपद के अंतर्गत ग्राम पंचायत लमाटोला क्षेत्र में स्थित एक गड्ढानुमा शासकीय भूमि, जो लंबे समय से अनुपयोगी पड़ी थी, अब एक सुंदर और उपयोगी खेल मैदान के रूप में विकसित की जा रही है। यह पहल न केवल ग्रामीणों के लिए लाभकारी साबित हुई है, बल्कि बच्चों के लिए एक सुरक्षित व खेल मैदान उपलब्ध हो जाएगा। खास बात यह है कि इस पूरे कार्य में ग्राम पंचायत से कोई भी आर्थिक व्यय नहीं किया गया, जिससे यह प्रयास और भी सराहनीय बन गया है। जबकि कुछ लोगो द्वारा यह अफवाह फैलाया जा रहा है कि ग्राम पंचायत मद से खर्च करके बनाया गया जल स्रोत को पाटा जा रहा है। जबकि ग्राम पंचायत द्वारा इस पर कोई व्यय नही किया गया है।
जानकारी के अनुसार, उक्त शासकीय भूमि गांव के कुछ लोगो ने वहाँ की मिट्टीनुमा मुरुम को निकाल लिया था, जिस कारण से यह बहुत बड़ा गड्ढा हो गया था, जिसमें बरसात के दौरान भी पानी नहीं रुकता था। इस कारण वह स्थान न तो कृषि कार्य के लिए उपयोगी था और न ही किसी अन्य सार्वजनिक गतिविधि के लिए। धीरे-धीरे कुछ लोगों की नजर इस भूमि पर कब्जा करने की ओर भी बढ़ रही थी, जिससे भविष्य में विवाद की स्थिति उत्पन्न हो सकती थी।
ऐसी परिस्थिति में ग्राम के जागरूक नागरिकों और पंचायत प्रतिनिधियों ने मिलकर इस समस्या का समाधान खोजने का प्रयास किया। उन्होंने यह निर्णय लिया कि इस अनुपयोगी भूमि को समतल कर बच्चों के खेलने के लिए एक मैदान के रूप में विकसित किया जाए, ताकि भूमि का सही उपयोग हो सके और उस पर किसी प्रकार का अवैध कब्जा भी न हो। इस कार्य के लिए कुछ निजी कंपनियों और स्थानीय लोगों का सहयोग लिया गया। उनके सहयोग से गड्ढे को मिट्टी से भरकर पूरी तरह समतल किया जा रहा है। जिससे इस मैदान बच्चे वहां सुरक्षित रूप से खेल सकें।
ग्रामवासियों का कहना है कि पहले यह स्थान पूरी तरह उपेक्षित था और किसी काम का नहीं था, लेकिन अब यह गांव के बच्चों के लिए एक प्रमुख खेल स्थल बन जाएगा। यहां बच्चे क्रिकेट, फुटबॉल, कबड्डी जैसे विभिन्न खेल खेल रहे हैं, जिससे उनका शारीरिक और मानसिक विकास भी हो रहा है। लोगो के प्रयास की क्षेत्र में व्यापक सराहना हो रही है। लोगों का मानना है कि यदि इसी प्रकार सामूहिक सहयोग और जनभागीदारी से कार्य किए जाएं, तो गांव का समग्र विकास संभव है। बिना सरकारी खर्च के इस प्रकार का विकास कार्य करना अन्य पंचायतों के लिए भी एक प्रेरणादायक उदाहरण बन सकता है।















































