अमित पांडेय की रिपोर्ट
सीधी जिले से सामने आई एक तस्वीर ने प्रशासनिक कार्यशैली को लेकर नई बहस छेड़ दी है। जिले के कलेक्टर विकास मिश्रा ने जिस तरह तपती धूप में ग्रामीणों के बीच बैठकर उनकी समस्याएं सुनीं, उसने यह साबित कर दिया कि जनसेवा केवल आदेशों से नहीं, बल्कि संवेदनशील उपस्थिति से होती है।
कुर्सी से ज़मीन तक का सफर
आमतौर पर प्रशासनिक तंत्र में अधिकारी और आम नागरिक के बीच एक दूरी साफ दिखती है। लेकिन इस तस्वीर में कलेक्टर मिश्रा एक साधारण दरी पर पालथी मारकर बैठे हैं और सामने एक जरूरतमंद ग्रामीण अपनी बात रख रहा है। यह दृश्य किसी औपचारिक बैठक का नहीं, बल्कि भरोसे के उस रिश्ते का प्रतीक है, जो जमीन पर बनता है।



































































