मनेन्द्रगढ़/जनकपुर। भरतपुर-सोनहत विधानसभा क्षेत्र के वन मण्डल मनेन्द्रगढ़ अंतर्गत कुंवारपुर रेंज में वन विभाग द्वारा जनकपुर के मनेन्द्रगढ़ तिराहे पर एक मकान को दोबारा तोड़े जाने की कार्यवाही के बाद से क्षेत्र में तनाव और सियासत दोनों तेज हो गये हैं।
जानकारी के अनुसार विभाग द्वारा आगे भी कई अन्य घरों को हटाने की तैयारी की जा रही है जिससे स्थानीय ग्रामीणों में भय और आक्रोश का माहौल बना हुआ है। इस कार्यवाही पर क्षेत्र के पूर्व विधायक गुलाब कमरो ने कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने वर्षों से काबिज ग्रामीणों के घरों को तोड़े जाने को अन्यायपूर्ण, अमानवीय और निंदनीय करार दिया है। उनका कहना है कि जिन लोगों ने लंबे समय से वहां रहकर अपनी आजीविका स्थापित की है उनके आशियाने इस तरह उजाड़ना संवेदनहीनता की पराकाष्ठा है।
पूर्व विधायक ने एक विशेष मामले का जिक्र करते हुए कहा कि एक व्यक्ति जो करीब 20 वर्षों से वहां चाय बेचकर अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहा था उसका घर भी तोड़ दिया गया। भीषण गर्मी के इस समय में इस प्रकार की कार्यवाही को उन्होंने बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताया। वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए गुलाब कमरो ने कहा कि जिनकी जिम्मेदारी जंगलों की सुरक्षा करना है। वे बड़े पैमाने पर हो रही पेड़ों की कटाई पर मौन हैं लेकिन गरीब ग्रामीणों के घर गिराने में सक्रियता दिखा रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि पूर्व में कांग्रेस सरकार ग्रामीणों को पट्टा देने की दिशा में काम कर रही थी जबकि वर्तमान भाजपा सरकार में लोगों को बेघर किया जा रहा है। यह सरकार की मंशा पर सवाल खड़े करता है।
अंत में उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इस तरह की कार्यवाही पर तत्काल रोक नहीं लगाई गई तो कांग्रेस पार्टी सड़क पर उतरकर आंदोलन करने को मजबूर होगी।















