करौली शंकर महादेव बने श्री पंचायती अखाड़ा नया उदासीन निर्वाण के महामण्डलेश्वर
हरिद्वार-ऋषिकेश में भव्य पट्टाभिषेक समारोह, संत-महंतों की मौजूदगी में हुआ सम्मान; भक्तों में खुशी की लहर

अनूपपुर। योग, मंत्र दीक्षा, ध्यान साधना एवं भारतीय संस्कृति के संवाहक करौली शंकर महादेव को श्री पंचायती अखाड़ा नया उदासीन निर्वाण (हरिद्वार-ऋषिकेश) का महामण्डलेश्वर बनाया गया है। उनका पट्टाभिषेक समारोह हाल ही में हरिद्वार-ऋषिकेश में अखाड़े द्वारा आयोजित भव्य कार्यक्रम में संत-महंतों, अखाड़ों के प्रतिनिधियों और गणमान्यजनों की उपस्थिति में संपन्न हुआ। इस अवसर पर देशभर से आए संत समाज और श्रद्धालुओं ने उन्हें शुभकामनाएं दीं

समारोह में श्री पंचायती अखाड़ा नया उदासीन निर्वाण के पदाधिकारियों की उपस्थिति में विधि-विधान से तिलक, चादर ओढ़ाकर और परंपरागत रीति से करौली शंकर महादेव का पट्टाभिषेक किया गया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से मुखिया महंत भगतराम महाराज, मुखिया महंत आकाश मुनि, मुखिया महंत मंगलदास, अध्यक्ष महंत धूनी दास महाराज, सचिव मुखिया महंत जगतार मुनि तथा अध्यक्ष महंत गोपाल दास महाराज सहित कई संत-महंत उपस्थित रहे।
समारोह को संबोधित करते हुए मुखिया महंत भगतराम महाराज ने कहा कि करौली शंकर महादेव योग, मंत्र दीक्षा, ध्यान साधना और भारतीय संस्कृति के संवाहक हैं। संतों का जीवन सदैव परमार्थ और मानव सेवा के लिए समर्पित रहता है। उन्होंने कहा कि करौली शंकर महादेव देश-दुनिया में मानव मात्र को कष्टों से मुक्ति दिलाने का कार्य कर रहे हैं। उन्हें विश्वास है कि वे श्री पंचायती अखाड़ा नया उदासीन निर्वाण की परंपराओं का पालन करते हुए अखाड़े की मान-मर्यादा और गौरव को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
अखाड़े के सचिव मुखिया महंत जगतार मुनि ने कहा कि नया अखाड़ा के महामण्डलेश्वर के रूप में करौली शंकर महादेव भगवान श्री श्री चन्द्र जी की विचारधारा और परंपराओं को आत्मसात कर अखाड़े की गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाएंगे। उन्होंने बताया कि पंडित श्री राधारमण मिश्र के सुयोग्य शिष्य के रूप में करौली शंकर महादेव ने शिव तंत्र ज्ञान को अंधविश्वास से बाहर निकालकर उसे स्मृति आधारित आध्यात्मिक विज्ञान के रूप में स्थापित करने का महत्वपूर्ण प्रयास किया है, जिससे मानव जीवन के कष्टों के मूल कारणों को समझा जा सके।
अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं महानिर्वाणी अखाड़ा के सचिव श्रीमहंत रविन्द्र पुरी महाराज ने भी करौली शंकर महादेव को महामण्डलेश्वर बनने पर बधाई देते हुए कहा कि वे एक विलक्षण संत हैं, जिन्होंने सदैव मानवता की सेवा की है। उन्होंने कहा कि उनके पूज्य गुरु पंडित राधारमण मिश्र सनातन परंपरा के उन विरले संतों में रहे हैं जिन्होंने तंत्र और आध्यात्मिक साधना को नई दिशा दी। उसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए करौली शंकर महादेव सनातन संस्कृति और भारतीय आध्यात्मिक परंपरा को शिखर तक पहुंचाने का कार्य करेंगे।
श्री पंचायती निर्मल अखाड़ा के श्रीमहंत ज्ञानदेव सिंह महाराज ने कहा कि करौली शंकर महादेव उच्च कोटि के साधक हैं और नया अखाड़ा द्वारा उन्हें महामण्डलेश्वर बनाए जाने से संत समाज को नई ऊर्जा और शक्ति मिली है। वहीं कैबिनेट मंत्री प्रदीप बत्रा ने कहा कि उनके पट्टाभिषेक समारोह में उमड़ा संतों और भक्तों का सैलाब इस बात का प्रमाण है कि करौली शंकर महादेव लोगों की आस्था के केंद्र हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार आगामी कुंभ को संतों के आशीर्वाद और सहयोग से भव्य रूप से आयोजित करने के लिए प्रयासरत है।
पट्टाभिषेक के बाद करौली शंकर महादेव ने उपस्थित संत समाज और अखाड़ा परिषद का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके पूज्य गुरु पंडित राधारमण मिश्र भी श्री पंचायती अखाड़ा नया उदासीन से जुड़े रहे हैं, इसी कारण उन्होंने महामण्डलेश्वर के रूप में इसी अखाड़े को चुना है। उन्होंने कहा कि अखाड़ा द्वारा उन्हें जो सम्मान दिया गया है, उसे वे आजीवन समाज सेवा और धर्म प्रचार के माध्यम से लौटाने का प्रयास करेंगे। साथ ही आगामी कुंभ मेले में अखाड़े द्वारा जो भी जिम्मेदारी दी जाएगी, उसे पूर्ण निष्ठा और समर्पण के साथ निभाएंगे।
समारोह का संचालन महामण्डलेश्वर स्वामी हरिचेतनानन्द महाराज ने किया। कार्यक्रम में श्री पंचायती अखाड़ा बड़ा उदासीन के कोठारी राघवेंद्र दास, सूर्यांश मुनि, कोठारी गोविंद दास, श्री पंचायती निर्मल अखाड़ा के श्रीमहंत ज्ञानदेव सिंह, महंत जसविंदर सिंह शास्त्री, महामंडलेश्वर हरिचेतनानंद, महामंडलेश्वर रूपेन्द्र प्रकाश, महंत बाबा बलराम दास हठयोगी, महामंडलेश्वर चंद्र मुनि, महामंडलेश्वर योगेंद्रानंद, महामंडलेश्वर सुरेश मुनि, मुकामी महंत स्वामी देवानंद, महंत सोहन दास, महंत अमर दास, महंत रामशरण दास, मुख्य सेवादार नितिन दास, मिश्री मठ के प्रबंधक डॉ. उमेश सचान, अनिरुद्ध शर्मा, शैलेश भाई, बम्मा भाई, राम मुनि, महंत दुर्गादास, रविदेव शास्त्री, महंत दिनेश दास, महंत सुतीक्ष्ण मुनि, महंत दुर्गेशानंद सरस्वती, स्वामी जगत स्वरूप दास, स्वामी ललितानंद गिरि सहित देशभर से आए अनेक संत-महंत एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।
इसके अतिरिक्त कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र, अपर मेलाधिकारी दयानंद सरस्वती, उप मेलाधिकारी मनजीत सिंह, विधिक सलाहकार कौशल कुमार शुक्ला, विधायक आदेश चौहान, मेयर किरण जैसल, पूर्व मेयर मनोज गर्ग, गंगा सभा अध्यक्ष नितिन गौतम सहित कई गणमान्यजन भी उपस्थित रहे।
इस संबंध में जानकारी देते हुए करौली शंकर महादेव धाम कानपुर से जुड़े शहडोल संभाग के अनूपपुर जिले के तंत्र दीक्षित भक्त हनी चौरसिया और राजेश सिंह ने बताया कि करौली शंकर महादेव के महामण्डलेश्वर बनने से क्षेत्र के भक्तों में अत्यंत हर्ष का वातावरण है। भक्तों ने इस अवसर पर मिठाई बांटकर खुशी जताई और उन्हें शुभकामनाएं दीं।








