अनूपपुर 31 मार्च 2026/ राष्ट्रीय जलवायु परिवर्तन कार्यक्रम के अंतर्गत ग्रीष्म ऋतु में बढ़ती गर्मी को देखते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अलका तिवारी ने आमजन से हीट स्ट्रोक (लू) एवं मौसमी बीमारियों से बचाव हेतु सतर्क रहने की अपील की है।
उन्होंने बताया कि गर्मी के कारण होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं के प्रारंभिक लक्षणों में अत्यधिक पसीना आना, घबराहट, सिरदर्द, चक्कर आना, बुखार, उल्टी, मांसपेशियों में ऐंठन तथा त्वचा पर लाल चकत्ते शामिल हैं। यदि समय पर उपचार न मिले तो स्थिति गंभीर हो सकती है, जिससे मस्तिष्क क्षति, दौरे, हृदय एवं गुर्दे पर प्रतिकूल प्रभाव तथा मृत्यु तक की संभावना रहती है।
सीएमएचओ द्वारा सभी स्वास्थ्य संस्थानों को आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके तहत ओपीडी में छायादार बैठने की व्यवस्था, शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना तथा जिला चिकित्सालय में 5 बिस्तर एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में 2-2 बिस्तर गर्मी से प्रभावित मरीजों के उपचार हेतु आरक्षित रखने के निर्देश शामिल हैं।
जनसामान्य से अपील की गई है कि गर्मी के दौरान पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं तथा नींबू पानी, फल रस, गन्ने का रस एवं ओआरएस का सेवन करें। अत्यधिक धूप में बाहर निकलने से बचें, आवश्यक होने पर सिर एवं चेहरे को ढककर ही बाहर जाएं तथा ढीले एवं सूती वस्त्र पहनें। बच्चों एवं बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने की भी सलाह दी गई है।
उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति में लू या अत्यधिक ताप के लक्षण दिखाई दें, तो तत्काल निकटतम स्वास्थ्य केंद्र में संपर्क कर आवश्यक उपचार प्राप्त करें।















