बिजुरी वन विभाग की कार्रवाई: दुर्लभ खैर (कत्था) की लकड़ी से भरा ट्रक पकड़ा, चालक फरार
कोयलांचल समाचार | रिपोर्टर – शशिधर अग्रवाल
अनूपपुर, 29 मार्च। जिले में दुर्लभ प्रजाति के खैर (कत्था) के पेड़ों की अवैध कटाई और तस्करी का मामला सामने आया है। वन परिक्षेत्र बिजुरी की टीम ने रात्रि गश्त के दौरान खैर की लकड़ी से भरा एक ट्रक पकड़ने में सफलता हासिल की है। हालांकि चालक मौके से अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया। वन विभाग द्वारा ट्रक को जब्त कर फरार चालक और अन्य संभावित तस्करों की तलाश शुरू कर दी गई है।
वन परिक्षेत्र अधिकारी पवन ताम्रकार ने बताया कि शनिवार 28 मार्च की रात वन विभाग की टीम नियमित गश्त पर थी। इसी दौरान मौहरी गोढहा–बसखली मार्ग की ओर से तेज गति से आ रहे ट्रक क्रमांक HR 69B 6524 को कोतमा बीट अंतर्गत बसखली गांव के पास टॉर्च के संकेत से रोककर तलाशी ली गई। वाहन रुकते ही चालक ट्रक खड़ा कर अंधेरे का फायदा उठाते हुए फरार हो गया।
तलाशी के दौरान ट्रक में लगभग पांच घन मीटर दुर्लभ प्रजाति के खैर (कत्था) की लकड़ी बक्कल सहित छोटे-छोटे टुकड़ों में कटी हुई पाई गई। जांच में वाहन चालक की पहचान मोहम्मद हारुन (33 वर्ष), पिता अब्बास, निवासी मुंडीगढ़ी जिला करनाल, हरियाणा के रूप में हुई है।
वन विभाग ने आरोपी चालक के विरुद्ध वन अपराध एवं अवैध परिवहन की विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर ट्रक को जब्त करते हुए वन परिक्षेत्र कार्यालय बिजुरी परिसर में सुरक्षित रखा है। साथ ही वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर फरार चालक और इस अवैध कारोबार से जुड़े अन्य लोगों की तलाश शुरू कर दी गई है।
जानकारी के अनुसार अनूपपुर जिले में भी मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ के अन्य जिलों की तरह दुर्लभ प्रजाति के खैर (कत्था) के हरे पेड़ों की अवैध कटाई कर उनकी तस्करी की जा रही है। तस्कर स्थानीय ग्रामीणों की मदद से पेड़ों को काटकर लकड़ी के छोटे-छोटे टुकड़े बनाते हैं और फिर विभिन्न वाहनों के माध्यम से दूसरे राज्यों तक अवैध रूप से परिवहन करते हैं।
वन विभाग के अनुसार इससे पहले जैतहरी, अनूपपुर, राजेंद्रग्राम और शहडोल जिले में भी खैर की लकड़ी की जब्ती की कार्रवाई की जा चुकी है। लगातार हो रही तस्करी के कारण क्षेत्र में इस दुर्लभ प्रजाति के पेड़ों की संख्या तेजी से कम हो रही है।
सूत्रों के मुताबिक इस अवैध कारोबार में अनूपपुर थाना क्षेत्र और तहसील के एक गांव के मुख्य तस्कर का नाम सामने आने की संभावना है, जिसकी जांच वन विभाग द्वारा की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि खैर की अवैध कटाई और तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए गश्त और निगरानी को और सख्त किया जाएगा।















