वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में प्रदेशभर की समीक्षा, जमाखोरी-कालाबाजारी पर सख्ती के निर्देश
एमसीबी। प्रदेश में पेट्रोलियम पदार्थों और एलपीजी गैस की उपलब्धता को लेकर सरकार पूरी तरह सतर्क है और लगातार स्थिति पर नजर बनाये हुये है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शनिवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी संभागायुक्तों, आईजी, कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक की। बैठक में प्रदेश के सभी जिलों में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की उपलब्धता, वितरण व्यवस्था और निगरानी तंत्र की स्थिति पर विस्तार से चर्चा की गई।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि राज्य में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है इसलिए आम नागरिकों को किसी भी प्रकार की घबराहट या अफवाह में आने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि कुछ स्थानों पर अफवाहों के चलते अनावश्यक रूप से ईंधन और गैस का संग्रहण किया जा रहा है जो व्यवस्था को प्रभावित कर सकता है। ऐसे में नागरिक जिम्मेदारी का परिचय दें और आवश्यकता अनुसार ही सामग्री का उपयोग करें।
बैठक में जिला प्रशासन को निर्देशित किया गया कि वे अपने अपने क्षेत्रों में आपूर्ति व्यवस्था को सुचारू बनाये रखें और यह सुनिश्चित करें कि किसी भी स्तर पर कृत्रिम कमी की स्थिति ना बने। इसके साथ ही जमाखोरी और कालाबाजारी की शिकायतों पर त्वरित कार्यवाही करने के निर्देश भी दिये गये।
जिला कलेक्टर डी. राहुल वेंकट ने जानकारी दी कि जिले में खाद्य विभाग द्वारा प्रतिदिन पेट्रोल पंपों और गैस एजेंसियों के स्टॉक और वितरण की नियमित निगरानी की जा रही है। अवैध भंडारण और दुरुपयोग रोकने के लिये जांच और छापेमारी की कार्यवाही निरंतर जारी है। किसी भी प्रकार की अनियमितता पाये जाने पर आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत सख्त कार्यवाही सुनिश्चित की जायेगी।
उपभोक्ताओं की सुविधा के लिये प्रशासन द्वारा हेल्पलाइन नंबर भी जारी किये गये हैं। किसी भी प्रकार की समस्या या शिकायत की स्थिति में उपभोक्ता टोल फ्री नंबर 1800-233-3663, 1967 अथवा राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम 0771-2511975 पर संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा कोरिया जिले में स्थापित कंट्रोल कक्ष के मोबाइल नंबर 7648093823 पर भी सीधे शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। प्रशासन ने सभी शिकायतों के त्वरित निराकरण के निर्देश दिये हैं।
एलपीजी उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर की रिफिल बुकिंग निर्धारित अंतराल के अनुसार ही कराने की सलाह दी गई है। नगरीय क्षेत्रों में 25 दिन तथा ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिन का अंतराल तय किया गया है ताकि सभी उपभोक्ताओं को समय पर गैस उपलब्ध हो सके और अनावश्यक दबाव ना बने।
व्यावसायिक एलपीजी उपयोग के संबंध में भी स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किये गये हैं। अस्पताल, छात्रावास और शैक्षणिक संस्थानों जैसी आवश्यक सेवाओं को प्राथमिकता देने के निर्देश दिये गये हैं साथ ही बिना लाइसेंस 100 किलोग्राम से अधिक गैस भंडारण पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है।
पुलिस अधीक्षक ने भी चेतावनी देते हुए कहा कि परिस्थिति का लाभ उठाकर जमाखोरी या कालाबाजारी करने वाले किसी भी व्यक्ति या एजेंसी को बख्शा नहीं जायेगा। ऐसे मामलों में कड़ी कानूनी कार्यवाही की जायेगी। प्रशासन द्वारा पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की आपूर्ति पर लगातार नजर रखी जा रही है और संदिग्ध गतिविधियों पर तत्काल कार्यवाही की जा रही है।
प्रशासन ने सभी गैस एजेंसियों और उचित मूल्य दुकानों को निर्देश दिये हैं कि वे उपभोक्ताओं को सही और अद्यतन जानकारी उपलब्ध कराएं तथा वितरण प्रणाली में पारदर्शिता बनाये रखें साथ ही नागरिकों से अपील की गई है कि वे अफवाहों से दूर रहें। संयम बनाये रखें और आवश्यक वस्तुओं का जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग करें ताकि सभी लोगों को समान रूप से सुविधा मिल सके।









