दिल्ली में अंतरराष्ट्रीय मंच पर सरगुजा के अधिवक्ता डॉ. डी.के. सोनी सम्मानित केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले के हाथों मिला “ग्लोरी ऑफ एक्सीलेंस अवार्ड 2026”, दस देशों के एंबेसडर रहे उपस्थित

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दिल्ली में अंतरराष्ट्रीय मंच पर सरगुजा के अधिवक्ता डॉ. डी.के. सोनी सम्मानित
केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले के हाथों मिला “ग्लोरी ऑफ एक्सीलेंस अवार्ड 2026”, दस देशों के एंबेसडर रहे उपस्थित

अंबिकापुर/नई दिल्ली।
सरगुजा सहित पूरे छत्तीसगढ़ में सामाजिक न्याय और पारदर्शिता की लड़ाई के लिए पहचाने जाने वाले अधिवक्ता एवं आरटीआई कार्यकर्ता डॉ. डी.के. सोनी को अंतरराष्ट्रीय मंच पर सम्मानित किया गया है। नई दिल्ली स्थित म्यांमार एंबेसी में आयोजित एशियन इंडिया बिजनेस मीट 2026 के दौरान केंद्रीय मंत्री के करकमलों से उन्हें “ग्लोरी ऑफ एक्सीलेंस अवार्ड 2026” से सम्मानित किया गया। इस अवसर पर म्यांमार के राजदूत जव ओ सहित सिंगापुर, मलेशिया, थाईलैंड, कंबोडिया, इंडोनेशिया, फिलीपींस, ब्रुनेई और वियतनाम सहित कुल दस देशों के राजनयिक मौजूद रहे।

डॉ. डी.के. सोनी एक समर्पित सामाजिक कार्यकर्ता, निडर आरटीआई योद्धा और अनुभवी अधिवक्ता हैं, जो पिछले दो दशकों से न्याय, पारदर्शिता और सामाजिक समानता के लिए निरंतर संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने अब तक 4800 से अधिक आरटीआई आवेदन दायर कर सरकारी व्यवस्था में पारदर्शिता लाने का उल्लेखनीय कार्य किया है। इन आवेदनों के आधार पर उन्होंने 18 से अधिक जनहित याचिकाएं (PIL) दायर की हैं, जिनमें सुप्रीम कोर्ट में भी तीन महत्वपूर्ण मामले शामिल हैं।

डॉ. सोनी की सक्रियता केवल कानूनी लड़ाई तक सीमित नहीं रही, बल्कि उन्होंने जमीनी स्तर पर आदिवासी समुदायों, गरीब मजदूरों और वंचित वर्गों के अधिकारों की रक्षा के लिए लगातार काम किया है। उन्होंने सैकड़ों मामलों में बिना फीस लिए गरीबों की पैरवी की और मजदूरी, भूमि अधिकार तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके प्रयासों से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से एक करोड़ से अधिक नागरिक लाभान्वित हुए हैं।

उनकी प्रमुख उपलब्धियों में सरगुजा क्षेत्र में वन संरक्षण के लिए प्रभावी अभियान चलाना, मनरेगा योजना में अनियमितताओं और घोटालों को उजागर करना, प्रोटोकॉल घोटाले में फर्जी बिलिंग का पर्दाफाश करना तथा विशेष रूप से कमजोर आदिवासी समूहों—विशेषकर पहाड़ी कोरबा समुदाय—के अधिकारों के लिए न्याय सुनिश्चित करना शामिल है। इसके अलावा उन्होंने भ्रष्टाचार, प्रशासनिक उदासीनता और अवैध भूमि अधिग्रहण के खिलाफ मजबूत जनआंदोलन भी चलाए हैं और कई राष्ट्रीय व राज्य स्तरीय मामलों को न्यायालय तक पहुंचाया है।

डॉ. सोनी के जीवन और संघर्ष पर आधारित एक हिंदी फिल्म “डीके (DK)” भी बन चुकी है, जो जल्द ही रिलीज होने वाली है। यह फिल्म उनके सामाजिक संघर्ष और न्याय के लिए किए गए प्रयासों को आम लोगों तक पहुंचाएगी।

उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी डॉ. डी.के. सोनी को राष्ट्रीय स्तर पर कई सम्मान मिल चुके हैं। “ग्लोरी ऑफ एक्सीलेंस अवार्ड 2026” उनके जीवन का 49वां सम्मान है। यह सम्मान मिलने से उनके शुभचिंतकों, अधिवक्ताओं और आम नागरिकों में खुशी की लहर है।

सम्मान प्राप्त करने के बाद डॉ. डी.के. सोनी ने कहा कि यह पुरस्कार उन्हें समाज और जनहित के लिए और अधिक ऊर्जा के साथ कार्य करने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी वे न्याय, पारदर्शिता और समाज के वंचित वर्गों के अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रखेंगे।

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