कोतमा में गैस संकट गहराया, कमर्शियल सिलेंडर बंद होने से होटल-नाश्ता कारोबार प्रभावित उपभोक्ता धूप में लाइन लगाने को मजबूर, कालाबाजारी में घरेलू सिलेंडर 1400–1600 रुपए तक बिकने की शिकायत

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कोतमा में गैस संकट गहराया, कमर्शियल सिलेंडर बंद होने से होटल-नाश्ता कारोबार प्रभावित
उपभोक्ता धूप में लाइन लगाने को मजबूर, कालाबाजारी में घरेलू सिलेंडर 1400–1600 रुपए तक बिकने की शिकायत

कोतमा। नगर में कमर्शियल गैस सिलेंडरों की सप्लाई पर रोक लगाए जाने के बाद पिछले एक सप्ताह से होटल, रेस्टोरेंट और चाय-नाश्ते के कारोबारियों के सामने गंभीर संकट खड़ा हो गया है। कमर्शियल सिलेंडर उपलब्ध न होने से दुकानदार वैकल्पिक ईंधन की व्यवस्था करने में जुट गए हैं, वहीं कई छोटे व्यापारियों की रोजी-रोटी पर भी असर पड़ने लगा है।

दूसरी ओर घरेलू गैस सिलेंडर के लिए उपभोक्ताओं को चिलचिलाती धूप में लाइन लगानी पड़ रही है। नगर में पिछले छह दिनों से गैस वितरण की घर-पहुंच सेवा भी बंद कर दी गई है, जिससे उपभोक्ताओं को पर्ची कटवाकर लगभग छह किलोमीटर दूर लहसूई स्थित गोदाम तक जाना पड़ रहा है। रविवार को भी गैस कार्यालय में पूरे दिन भारी भीड़ लगी रही और लोग पर्ची कटाने के बाद तेज गर्मी में सिलेंडर लेने के लिए गोदाम तक जाने को मजबूर दिखाई दिए।

होटल संचालक अमित जैन ने बताया कि कमर्शियल गैस पूरी तरह बंद होने से कारोबार चलाना मुश्किल हो गया है। गैस समाप्त होने की स्थिति में डीजल भट्टी या लकड़ी जैसे अन्य ईंधनों की व्यवस्था करनी पड़ रही है। उन्होंने शासन से पूर्व की तरह कमर्शियल केरोसीन उपलब्ध कराने की मांग की है। वहीं रेस्टोरेंट संचालक दुर्गेश के अनुसार गैस न मिलने से अब लकड़ी और कोयले से काम चलाने की तैयारी करनी पड़ रही है, जिससे समय और लागत दोनों बढ़ेंगे तथा धुएं और प्रदूषण की समस्या भी होगी।

इधर बाजार में इंडक्शन चूल्हों की मांग बढ़ने लगी है। व्यापारी ओम नारायण ताम्रकार के अनुसार पिछले एक सप्ताह से प्रतिदिन दो-तीन ग्राहक इंडक्शन चूल्हे के बारे में पूछताछ कर रहे हैं। गैस की कमी के कारण लोग वैकल्पिक साधनों की ओर रुख कर रहे हैं।

भालूमाड़ा निवासी शकुंतला यादव ने बताया कि वह पिछले चार दिनों से आठ किलोमीटर दूर से आकर गैस कार्यालय के चक्कर लगा रही हैं। पहले बुकिंग की समस्या रही, अब केवाईसी कराने के बाद ही गैस मिलने की बात कही जा रही है। कई घरों में गैस खत्म होने के कारण चूल्हा जलाने की नौबत आ गई है।

कालाबाजारी की शिकायतें भी बढ़ीं
नगर में गैस की कमी के बीच कालाबाजारी की शिकायतें भी सामने आ रही हैं। सूत्रों के अनुसार घरेलू गैस सिलेंडर 1400 से 1600 रुपए तक में बेचे जा रहे हैं। रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, गांधी चौक सहित कई जगहों पर होटल और चाय-नाश्ते की दुकानों में खुलेआम घरेलू सिलेंडरों का व्यावसायिक उपयोग किया जा रहा है।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि पिछले कई दिनों से नगर में गैस को लेकर अफरा-तफरी की स्थिति बनी हुई है, इसके बावजूद खाद्य विभाग और प्रशासन द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। नागरिकों ने जिला प्रशासन से गैस की जमाखोरी और घरेलू सिलेंडरों के अवैध उपयोग के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने तथा नगर में गैस की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित कराने की मांग की है।

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