मनेन्द्रगढ़। छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार द्वारा प्रस्तुत राज्य बजट को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर जारी है। पूर्व जनपद पंचायत अध्यक्ष डॉ. विनय शंकर सिंह के बाद अब युवा कांग्रेस नेत्री पूनम सिंह ने भी बजट पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है। उन्होंने बजट को जनविरोधी और दिशाहीन बताते हुए कहा कि इसमें युवाओं, महिलाओं और बेरोजगारों के लिये कोई ठोस रोडमैप नजर नहीं आता।
पूनम सिंह ने जारी बयान में कहा कि प्रदेश के लाखों युवा रोजगार की प्रतीक्षा में हैं लेकिन बजट में ना तो बड़े पैमाने पर भर्ती की स्पष्ट घोषणा की गई है और ना ही स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिये प्रभावी प्रावधान किये गये हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार केवल आंकड़ों और घोषणाओं के सहारे बजट को उपलब्धि के रूप में प्रस्तुत कर रही है जबकि जमीनी स्तर पर युवाओं को निराशा हाथ लगी है।
उन्होंने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा, स्वावलंबन और स्वयं सहायता समूहों को सशक्त बनाने के लिये भी पर्याप्त बजट आवंटन दिखाई नहीं देता। महंगाई की मार झेल रही गृहिणियों को राहत देने के लिये भी कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
युवा कांग्रेस नेत्री ने किसानों के मुद्दे को उठाते हुए कहा कि समर्थन मूल्य, सिंचाई विस्तार और कृषि ऋण से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिये स्पष्ट और दीर्घकालिक नीति की आवश्यकता थी जो इस बजट में नजर नहीं आती। ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी मूलभूत सुविधाओं के विस्तार के लिये भी अपेक्षित प्रावधानों का अभाव बताया।
पूनम सिंह ने कहा कि यह बजट आम जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरने में असफल रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि युवाओं और महिलाओं की मांगों की अनदेखी की गई तो कांग्रेस चरणबद्ध आंदोलन करेगी और जनता के मुद्दों को लेकर सड़कों पर उतरेगी।
उन्होंने अंत में कहा कि प्रदेश की जनता अब घोषणाओं से नहीं बल्कि जमीनी बदलाव से संतुष्ट होगी और सरकार को वास्तविक विकास की दिशा में ठोस कदम उठाने होंगे।

