40 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन, जय श्रीराम के जयघोष से गूंजा दशहरा मैदान
ठाकुर बाबा धाम मंदिर के पास धूमधाम से मना विजयादशमी पर्व, देवगवां की रसिक रामलीला मंडली ने सजीव झांकियों से बांधा समां

रिपोर्टर अखिलेश नामदेव, कोतमा
कोतमा। असत्य पर सत्य की विजय का प्रतीक विजयादशमी पर्व कोतमा नगर में हर्षोल्लास और धूमधाम के साथ मनाया गया। इस अवसर पर नगर पालिका द्वारा ठाकुर बाबा धाम मंदिर के पास स्थित दशहरा मैदान में 40 फीट ऊंचे रावण के पुतले का निर्माण कराया गया था। रावण दहन देखने के लिए बड़ी संख्या में नगरवासी और श्रद्धालु मैदान में पहुंचे। पूरा परिसर भगवान श्रीराम के जयघोष से गूंज उठा। भगवान श्रीराम के हाथों रावण के पुतले का दहन होते ही मैदान में मौजूद लोगों ने उत्साह के साथ विजयादशमी का पर्व मनाया।
विजयादशमी समारोह को भव्य रूप देने के लिए नगर पालिका अध्यक्ष अजय कुमार सराफ के प्रयासों से दशहरा मैदान में आकर्षक रोशनी और आतिशबाजी की व्यवस्था की गई थी। रंग-बिरंगी रोशनी से सजे मैदान में उत्सव का माहौल देखते ही बन रहा था। लोगों ने रावण दहन के साथ आतिशबाजी का भी आनंद लिया।
चल समारोह में निकलीं भगवान श्रीराम की सजीव झांकियां
कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण देवगवां गांव की रसिक रामलीला मंडली द्वारा प्रस्तुत सजीव झांकियां रहीं। मंडली के कलाकारों ने भगवान श्रीराम, लक्ष्मण, हनुमान, रावण, मारीच और बाणासुर के पात्रों का जीवंत मंचन किया। सजीव झांकियों के साथ निकला चल समारोह नगर के विभिन्न मार्गों से होते हुए दशहरा मैदान पहुंचा। इस दौरान श्रद्धालुओं ने जगह-जगह झांकियों का स्वागत किया।
दशहरा मैदान में पहुंचने के बाद मंच से रावण, मारीच और बाणासुर के संवाद प्रस्तुत किए गए। रामलीला के पात्रों के अभिनय और संवादों ने उपस्थित दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया। धार्मिक प्रसंगों के माध्यम से बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश दिया गया।
भगवान श्रीराम की आरती के बाद हुआ रावण दहन
रावण दहन से पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष अजय कुमार सराफ ने भगवान श्रीराम की आरती उतारकर विधिवत पूजन-अर्चन किया। इसके बाद भगवान श्रीराम के स्वरूप ने धनुष-बाण चलाकर रावण के पुतले का वध किया। देखते ही देखते 40 फीट ऊंचा रावण का पुतला धू-धू कर जल उठा। इस दृश्य के साथ ही दशहरा मैदान जय श्रीराम के जयघोष से गूंज उठा। उपस्थित लोगों ने जमकर आतिशबाजी का लुत्फ उठाया और विजयादशमी पर्व की खुशियां साझा कीं।
रसिक रामलीला मंडली के कलाकारों की हुई सराहना
देवगवां की रसिक रामलीला मंडली के कलाकारों ने अपने अभिनय और सजीव झांकियों के माध्यम से दर्शकों को रामायण के प्रसंगों से परिचित कराया। मंडली में शैलेन्द्र शुक्ला, संतोष, अनुज, अम्बुज, ज्ञानेंद्र राम, हरिओम शुक्ला, कालिया और अखिलेश यादव सहित अन्य कलाकारों ने विभिन्न पात्रों की भूमिका निभाई। मंडली के संचालक गजेंद्र शुक्ला तथा व्यवस्थापक तीरथ शुक्ला के मार्गदर्शन में आयोजन की प्रस्तुतियां संपन्न हुईं। वहीं दीपक, वीरेंद्र, श्रीकांत, विकास, शिवदत्त और संदीप व्यास सहित अन्य सहयोगियों की भी भूमिका रही। पंडित श्री रामभजन शुक्ला सहित मंडली के सदस्यों ने रामलीला के पात्रों और धार्मिक प्रसंगों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया।
नगरवासियों ने कलाकारों के अभिनय और आयोजन की सराहना की। विजयादशमी का यह कार्यक्रम धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक परंपरा और सामाजिक सहभागिता का प्रतीक बना। रावण दहन के माध्यम से लोगों को संदेश दिया गया कि अहंकार, अन्याय और अधर्म का अंत निश्चित है तथा सत्य और धर्म की सदैव विजय होती है।






































































