श्रद्धालुओं की सुविधाओं और ट्रस्ट की वित्तीय पारदर्शिता पर उठे प्रश्न,आय-व्यय सार्वजनिक करने की मांग
संवाददाता – श्रवण कुमार उपाध्याय
अमरकंटक – मां नर्मदा की उद्गम स्थली/पवित्र नगरी अमरकंटक में भी अयोध्या के श्रीराम मंदिर में चढ़ावे को लेकर उठे विवाद के बीच पुष्पराजगढ़ विधायक फुंदेलाल सिंह मार्को ने अमरकंटक स्थित नर्मदा मंदिर ट्रस्ट की कार्यप्रणाली और वित्तीय पारदर्शिता पर सवाल खड़े किए हैं ।
उन्होंने ट्रस्ट की आय-व्यय संबंधी जानकारी सार्वजनिक करने तथा श्रद्धालुओं को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की समीक्षा की मांग की है ।
विधायक मार्को ने कहा कि मां नर्मदा की उद्गम स्थली अमरकंटक देश के प्रमुख धार्मिक एवं आध्यात्मिक तीर्थस्थलों में से एक है जहां हर वर्ष लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं । श्रद्धालुओं से दान और चढ़ावे के रूप में बड़ी राशि प्राप्त होने के बावजूद कई मूलभूत सुविधाएं अपेक्षित स्तर पर नजर नहीं आतीं ।
उन्होंने पूछा कि पर्याप्त आर्थिक संसाधन होने के बावजूद पेयजल , स्वच्छ शौचालय , विश्राम स्थल , छायादार प्रतीक्षालय , पार्किंग , दिव्यांगजन सुविधाएं , सुरक्षा व्यवस्था और साफ-सफाई जैसी आवश्यक व्यवस्थाओं का व्यापक विकास अब तक क्यों नहीं हो पाया ।
विधायक ने कहा कि ट्रस्ट की गतिविधियां केवल धार्मिक आयोजनों और सौंदर्यीकरण तक सीमित नहीं रहनी चाहिए बल्कि मंदिर परिसर और अमरकंटक के समग्र विकास पर भी योजनाबद्ध ढंग से राशि खर्च की जानी चाहिए । उन्होंने ट्रस्ट की वार्षिक आय-व्यय, ऑडिट रिपोर्ट तथा विकास कार्यों पर हुए खर्च का विवरण सार्वजनिक करने की मांग की ।
इस संबंध में मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) चैन सिंह परस्ते ने बताया कि मंदिर के दानपात्र एवं अन्य माध्यमों से प्राप्त राशि बैंक में जमा कराई जाती है । इसी राशि से 14 कर्मचारियों का वेतन , भोग प्रसाद , मंदिर की रंगाई-पुताई , बिजली बिल एवं अन्य व्यवस्थाओं पर खर्च किया जाता है । शेष राशि बैंक में जमा रहती है जिसकी राशि वर्तमान में एक करोड़ रुपये से अधिक बताई गई है ।



































