पसान नगर पालिका में सियासी घमासान: उपाध्यक्ष अजय यादव को हटाने लामबंद हुए 16 पार्षद, अध्यक्ष राम अवध सिंह को सौंपा पत्र

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पसान नगर पालिका में सियासी घमासान: उपाध्यक्ष अजय यादव को हटाने लामबंद हुए 16 पार्षद, अध्यक्ष राम अवध सिंह को सौंपा पत्र

मंगल भवन निर्माण में बाधा, सोशल मीडिया पर कथित भ्रामक प्रचार और विकास कार्य प्रभावित करने के आरोप; आगामी परिषद बैठक में निंदा प्रस्ताव पारित करने की मांग

जमुना-कोतमा। नगर पालिका परिषद पसान में उपाध्यक्ष अजय यादव को लेकर विवाद अब खुलकर सामने आ गया है परिषद के 16 पार्षदों ने उपाध्यक्ष के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए अध्यक्ष राम अवध सिंह को पत्र सौंपा है पत्र में उपाध्यक्ष पर नगर विकास कार्यों में बाधा पहुंचाने, मंगल भवन के निर्माण कार्य को प्रभावित करने, सोशल मीडिया पर कथित भ्रामक प्रचार करने और परिषद के हितों के विपरीत आचरण करने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं पार्षदों ने आगामी परिषद बैठक में उपाध्यक्ष के खिलाफ औपचारिक निंदा प्रस्ताव पारित करने की मांग की है साथ ही उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करते हुए पद से हटाने की प्रक्रिया शुरू करने की मांग भी उठाई है

इस घटनाक्रम के बाद नगर पालिका पसान की राजनीति में हलचल तेज हो गई है एक ओर नगर विकास कार्यों को लेकर सवाल उठ रहे हैं, वहीं दूसरी ओर परिषद के भीतर उपाध्यक्ष के खिलाफ पार्षदों की एकजुटता चर्चा का विषय बन गई है

मंगल भवन निर्माण को लेकर बढ़ा विवाद

पार्षदों द्वारा अध्यक्ष को सौंपे गए पत्र में सबसे प्रमुख मुद्दा मंगल भवन के नवनिर्माण कार्य में कथित बाधा डालने का है पत्र के अनुसार, नगर की जनता की सुविधा के लिए परिषद द्वारा मंगल भवन का निर्माण कराया जा रहा है आरोप है कि इस कार्य को रुकवाने के उद्देश्य से उपाध्यक्ष द्वारा एसईसीएल प्रबंधन तथा संयुक्त संचालक, नगर प्रशासन एवं विकास, शहडोल संभाग को पत्र लिखकर विकास कार्यों को बाधित करने का प्रयास किया गया

मंगल भवन जैसे सार्वजनिक उपयोग के निर्माण को लेकर पहले भी नगर में चर्चाएं होती रही हैं अब 16 पार्षदों की ओर से सामने आए इस पत्र ने विवाद को नया मोड़ दे दिया है हालांकि, निर्माण कार्य को लेकर उपाध्यक्ष का पक्ष और संबंधित विभागों की आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है

सोशल मीडिया पर भ्रामक प्रचार करने का आरोप

पत्र में उपाध्यक्ष पर सोशल मीडिया, विशेषकर फेसबुक के माध्यम से परिषद की छवि धूमिल करने का आरोप भी लगाया गया है पार्षदों का कहना है कि परिषद और जनप्रतिनिधियों के संबंध में कथित तौर पर झूठी, निराधार एवं भ्रामक बातें लगातार प्रसारित की जा रही हैं, जिससे जनता के बीच भ्रम की स्थिति बनती है और परिषद की प्रतिष्ठा प्रभावित होती है

पार्षदों ने पत्र में इन गतिविधियों पर आपत्ति जताते हुए कहा है कि जनप्रतिनिधियों के बीच मतभेद होने के बावजूद नगर के विकास और परिषद की गरिमा को प्राथमिकता दी जानी चाहिए हालांकि, सोशल मीडिया पर प्रकाशित सामग्री की स्वतंत्र पुष्टि तथा उपाध्यक्ष का पक्ष सामने आने के बाद ही इन आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी

नातेदार के नाम पर ठेकेदारी का भी आरोप

पार्षदों के पत्र में उपाध्यक्ष अजय यादव पर अपने नातेदार आजाद यादव के नाम से नगर पालिका में ठेकेदारी का कार्य करने और इससे प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष लाभ प्राप्त करने का आरोप भी लगाया गया है पत्र में इस संबंध में नगर पालिका अधिनियम के प्रावधानों का उल्लेख करते हुए कार्रवाई की मांग की गई है

पार्षदों ने यह भी आरोप लगाया है कि उपाध्यक्ष के आचरण से परिषद के लोकहितकारी एवं जनकल्याणकारी कार्य प्रभावित हो रहे हैं उनके अनुसार, विकास कार्यों में कथित व्यवधान परिषद के हितों के विपरीत है। इन आरोपों की पुष्टि संबंधित अभिलेखों, ठेका प्रक्रिया और नियमानुसार जांच के आधार पर ही हो सकेगी

निंदा प्रस्ताव के साथ पद से हटाने की मांग

अध्यक्ष राम अवध सिंह को सौंपे गए पत्र में पार्षदों ने उपाध्यक्ष के कथित आचरण पर कड़ी आपत्ति जताई है पत्र के माध्यम से मांग की गई है कि आगामी परिषद बैठक में सभी बिंदुओं पर विचार करते हुए उपाध्यक्ष के खिलाफ औपचारिक निंदा प्रस्ताव पारित किया जाए इसके साथ ही अविश्वास प्रस्ताव सहित नियमानुसार उपलब्ध प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई पर भी जोर दिया गया है

पार्षदों का कहना है कि परिषद के पदाधिकारी से अपेक्षा की जाती है कि वह नगर के विकास, जनहित और परिषद के सामूहिक निर्णयों को प्राथमिकता दें यदि किसी पदाधिकारी के विरुद्ध नियमों के उल्लंघन की शिकायत सामने आती है, तो उसकी निष्पक्ष जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए

हालांकि, केवल पत्र सौंपे जाने से उपाध्यक्ष को पद से हटाया जाना तय नहीं होता इसके लिए मध्यप्रदेश नगर पालिका अधिनियम के लागू प्रावधानों, आवश्यक प्रक्रिया और सक्षम प्राधिकारी के निर्णय के अनुसार आगे की कार्रवाई होगी

16 पार्षदों के हस्ताक्षर से बढ़ा राजनीतिक महत्व

उपाध्यक्ष के खिलाफ 16 पार्षदों के हस्ताक्षर वाला पत्र सौंपा जाना परिषद के भीतर उभरे असंतोष को दर्शाता है पार्षदों ने संयुक्त रूप से अपनी आपत्तियां दर्ज कराते हुए अध्यक्ष से मामले को परिषद की आगामी बैठक में रखने और आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है

इस घटनाक्रम के बाद अब निगाहें परिषद की अगली बैठक पर टिकी हैं यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि अध्यक्ष राम अवध सिंह इस पत्र पर क्या रुख अपनाते हैं और परिषद में इस मुद्दे पर किस तरह की चर्चा होती है साथ ही उपाध्यक्ष अजय यादव इन आरोपों पर क्या जवाब देते हैं, यह भी आगे की राजनीतिक स्थिति को प्रभावित करेगा

फिलहाल, मंगल भवन निर्माण, सोशल मीडिया पर कथित भ्रामक प्रचार और ठेकेदारी से जुड़े आरोपों ने पसान नगर पालिका में राजनीतिक सरगर्मी बढ़ा दी है यदि परिषद में इस विषय पर औपचारिक प्रस्ताव लाया जाता है, तो आने वाली बैठक नगर पालिका की राजनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण हो सकती है

पत्र सौंपने वाले 16 पार्षदों के नाम

अध्यक्ष राम अवध सिंह को पत्र सौंपने वाले पार्षदों में पूजा सिंह (वार्ड क्रमांक 01, डॉ. भीमराव अंबेडकर वार्ड), गीता अजय यादव (वार्ड क्रमांक 02, सरदार भगत सिंह वार्ड), सविता सिंह (वार्ड क्रमांक 03, चंद्रशेखर आजाद वार्ड), विकास कुमार जायसवाल (वार्ड क्रमांक 04, जयप्रकाश नारायण वार्ड), सरोज लोधी (वार्ड क्रमांक 05, सरोजनी नायडू वार्ड), अलका लालबहादुर जायसवाल (वार्ड क्रमांक 06, महात्मा गांधी वार्ड), पुष्पा सिंह श्याम (वार्ड क्रमांक 08, स्वामी विवेकानंद वार्ड), सुशील कुमार उर्फ चुन्ना (वार्ड क्रमांक 09, संजय गांधी वार्ड), चैनू (वार्ड क्रमांक 10, नेताजी सुभाषचंद्र बोस वार्ड), आफरीन बिलाल हुसैन (वार्ड क्रमांक 11, श्यामा मुखर्जी वार्ड), अब्दुल कलाम (वार्ड क्रमांक 12, महारानी लक्ष्मीबाई वार्ड), दीपक कुमार सिंह (वार्ड क्रमांक 13, लाल बहादुर शास्त्री वार्ड), दीपाली साहू (वार्ड क्रमांक 14, राजीव गांधी वार्ड), अर्चना मुगोरिया (वार्ड क्रमांक 15, इंदिरा गांधी वार्ड), शकुन पनिका (वार्ड क्रमांक 16, राम मनोहर लोहिया वार्ड) तथा इंद्रलाल केवट (वार्ड क्रमांक 18, मदन मोहन सिंह वार्ड) शामिल हैं इन सभी पार्षदों ने पत्र के माध्यम से उपाध्यक्ष के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित करने और नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है

अब निगाहें परिषद की अगली बैठक पर

पसान नगर पालिका में उपाध्यक्ष के खिलाफ उठे इस कदम ने परिषद के भीतर मतभेदों को सार्वजनिक कर दिया है 16 पार्षदों द्वारा संयुक्त रूप से पत्र सौंपे जाने के बाद अब यह देखना होगा कि अध्यक्ष और परिषद प्रशासन इस मामले में क्या निर्णय लेते हैं वहीं, आरोपों पर उपाध्यक्ष का पक्ष और आधिकारिक कार्रवाई सामने आने के बाद ही विवाद की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी

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