पांच महीने से ठप नल-जल योजना, जनसुनवाई में पहुंचकर लक्ष्मण यादव ने उठाई आवाज
छोहरी गांव में करोड़ों रुपये की योजना बंद होने का आरोप, जिम्मेदारों की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल
जमुना कोतमा अनु कपूर जिले के ग्राम पंचायत छोहरी में करोड़ों रुपये की लागत से तैयार की गई नल-जल योजना पिछले करीब पांच महीने से बंद होने का मामला अब जिला प्रशासन की जनसुनवाई तक पहुंच गया है ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष एवं युवा नेता लक्ष्मण यादव ने मंगलवार को कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर जनसुनवाई में लिखित शिकायत दर्ज कराई और ग्रामीणों की समस्या को प्रशासन के सामने प्रमुखता से रखा
लक्ष्मण यादव द्वारा प्रस्तुत शिकायत में बताया गया है कि ग्राम पंचायत छोहरी में पीएचई विभाग की नल-जल योजना के माध्यम से ग्रामीणों को पेयजल उपलब्ध कराने के लिए करोड़ों रुपये खर्च किए गए, लेकिन योजना लंबे समय से बंद पड़ी है शिकायत के अनुसार करीब पांच माह से नल-जल व्यवस्था ठप होने के कारण ग्रामीणों को पेयजल के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है
करोड़ों खर्च के बाद भी ग्रामीण पानी को मोहताज
शिकायत में लक्ष्मण यादव ने आरोप लगाया कि योजना के संचालन में पीएचई विभाग के नल-जल ठेकेदार तथा ग्राम पंचायत के कर्मचारियों की लापरवाही के कारण व्यवस्था प्रभावित हुई है उन्होंने प्रशासन से मामले की जांच कराकर नल-जल योजना को तत्काल चालू कराने की मांग की है
उन्होंने सवाल उठाया कि जब ग्रामीणों को नियमित पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शासन द्वारा बड़ी राशि खर्च की गई है, तो आखिर इतनी लंबी अवधि से योजना बंद रहने के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा इसे चालू कराने के लिए प्रभावी कदम क्यों नहीं उठाए गए
जनसुनवाई में दर्ज हुई शिकायत, 27 अक्टूबर तक निराकरण की समय-सीमा
कलेक्टर कार्यालय की जनसुनवाई में दर्ज शिकायत में निराकरण की समय-सीमा 27 अक्टूबर 2026 निर्धारित की गई है शिकायत को अमित शाह, कार्यपालन यंत्री, पीएचई अनूपपुर के कार्यालय की ओर भी अंकित किया गया है
लक्ष्मण यादव ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की जांच कर यह पता लगाया जाए कि करोड़ों रुपये की नल-जल योजना आखिर किन कारणों से पांच माह से बंद है और इसके लिए जिम्मेदार कौन है साथ ही योजना की तकनीकी स्थिति की जांच कर बिना किसी देरी के पेयजल आपूर्ति बहाल कराई जाए
जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग
लक्ष्मण यादव का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल जैसी मूलभूत सुविधा से जुड़ी योजना का लंबे समय तक बंद रहना गंभीर विषय है यदि योजना में तकनीकी खराबी है तो उसे तत्काल दूर किया जाना चाहिए और यदि लापरवाही के कारण योजना बंद है तो संबंधित जिम्मेदारों की जवाबदेही तय की जानी चाहिए
लक्ष्मण यादव ने जिले के कलेक्टर रत्नाकर झा तत्काल कार्यवाही की मांग की है
अब देखना होगा कि जनसुनवाई में दर्ज शिकायत के बाद प्रशासनिक जांच में क्या सामने आता है और छोहरी की बंद पड़ी नल-जल योजना ग्रामीणों के लिए कब तक दोबारा शुरू हो पाती है







































































