- पीछे की दीवार तोड़कर दुकान में घुसे थे चोर, करीब दो किलो चांदी के सामान पर किया था हाथ साफ, एक नाबालिग पकड़ाया दूसरे की तलाश जारी
पोड़ी। नगर के वार्ड क्रमांक 03 स्थित कोमल ज्वेलर्स में हुई सेंधमारी की गुत्थी सुलझाने में पोड़ी पुलिस को सफलता मिली है। दुकान की पिछली दीवार तोड़कर चांदी के बर्तन और भगवान की चांदी की मूर्तियां चोरी करने के मामले में पुलिस ने एक विधि से संघर्षरत बालक को पकड़ा है। उसके कब्जे और निशानदेही पर दो चांदी की प्लेटें, घटना में इस्तेमाल लोहे का सब्बल और एक मोबाइल फोन जब्त किया गया है। वारदात में शामिल दूसरा बालक अभी पुलिस की पकड़ से बाहर है।
दीवार तोड़कर दिया था वारदात को अंजाम
पुलिस के मुताबिक 14 और 15 अक्टूबर 2026 की दरम्यानी रात अज्ञात आरोपियों ने कोमल ज्वेलर्स की पिछली दीवार तोड़कर दुकान में प्रवेश किया था। इसके बाद चांदी के बर्तन और भगवान की चांदी की मूर्तियां चोरी कर ली गईं। चोरी गये सामान का कुल वजन करीब दो किलोग्राम बताया गया है। दुकान संचालक मनोज सोनी की शिकायत पर थाना पोड़ी में अपराध क्रमांक 153/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 331(4) और 305(क) में प्रकरण दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की।
संदेह के आधार पर पूछताछ, खुलते गये राज
घटना के बाद पुलिस ने आरोपियों की पहचान और चोरी गये सामान की बरामदगी के लिये जांच तेज की। इसी दौरान एक विधि से संघर्षरत बालक से पूछताछ में सेंधमारी से जुड़े अहम सुराग मिले। पुलिस के अनुसार उसने अपने एक अन्य साथी के साथ मिलकर वारदात को अंजाम देना स्वीकार किया। उसकी निशानदेही पर अनुमानित 50 हजार रुपये मूल्य की दो चांदी की प्लेटें, दीवार तोड़ने में इस्तेमाल किया गया लोहे का सब्बल और मोबाइल फोन बरामद किया गया। पुलिस अब फरार दूसरे बालक की तलाश में जुटी है।
कई पुलिस इकाइयों ने मिलकर की कार्यवाही
पूरे मामले में पुलिस अधीक्षक श्रीमती रत्ना सिंह (आईपीएस), अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल विश्वकर्मा और नगर पुलिस अधीक्षक चिरमिरी रवि कुजूर के मार्गदर्शन में कार्यवाही की गई। प्रकरण के खुलासे में थाना पोड़ी, पुलिस चौकी नागपुर, थाना चिरमिरी और साइबर सेल के अधिकारी कर्मचारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। मामले में आगे की विवेचना जारी है।
सतर्कता से अपराधों पर लगेगा अंकुश
पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि अपने आसपास किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिलने पर तत्काल पुलिस को सूचित करें। समय पर मिली सूचना से चोरी जैसी घटनाओं पर रोक लगाने और आरोपियों तक पहुंचने में मदद मिल सकती है।






































































